गाजीपुर के पत्रकारों ने पेड न्यूज से विरत रहने की खाई कसम

जिला प्रशासन ने गाजीपुर के पत्रकारों को दिलाई पेडन्यूज से विरत रहने की शपथ। तमाम कवायदों के बावजूद पेडन्यूज पर लगाम लगा पाने में खुद को असफल देख जिला प्रशासन ने पत्रकारों को पेड न्यूज से विरत रहने की प्रतिबद्धता हेतु शपथ दिलाई। जिला मुख्यालय स्थित रायफल क्लब में आयोजित इस शपथ समारोह में जहां जिले के तमाम पत्रकार शामिल रहे वहीं कई वरिष्ठ पत्रकारों ने खुद को इस पूरे कार्यक्रम से दूर रखा।

जनसंदेश टाइम्‍स गाजीपुर में भी नही टिक पाए राजकमल

जनसंदेश टाइम्स गाजीपुर के ब्यूरोचीफ समेत कई कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा। लम्बे समय से अनुपस्थित चल रहे राजकमल राय के स्थान पर अविनाश प्रधान को पुनः ब्यूरो प्रमुख का कार्यभार सौंपा गया। इसके पहले अविनाश प्रधान को हटाकर राजकमल राय को ब्यूरोचीफ बनाया गया था। किन्तु इनकी कार्यप्रणाली से नाराज कई जनप्रतिनिधियों की मंशानुरूप संस्थान से दिये जा रहे अत्याधिक दबाव के चलते राजकमल राय अपने कई साथियों के साथ जनसंदेश टाइम्स से किनारा कर लिया। जनसंदेश टाइम्स छोड़ने के बाद ये लोग किसी गाजीपुरखबरडाटकाम नामक न्यूज वेबसाईट को लांच करने में जुटे है। राजकमल राय बहुत लम्बे समय तक दैनिक जागरण से जुड़े रहे हैं।

डीएम साहब, हमका पत्रकार बना देईं

पत्रकारों के भौकाल से कुछ लोग इस कदर प्रभावित हो जाते है कि उसी भौकाल के लिए पत्रकार बनने की जद्दोजहद में जुट जाते है। ऐसे लोगों का पत्रकारिता से कोई वास्ता नही होता। उनके लिए ‘‘पत्रकार’’ शब्द सिर्फ स्वार्थ सिद्धि का पर्याय नजर आता है। उसी भौकाल के लिए ऐसे लोग तमाम अखबारों या न्यूज चैनलों में हर तरह के जुगाड़ लगाकर इन्ट्री लेना चाहते हैं। लेकिन गाजीपुर में एक शख्स ने नए तरिके से अपने नाम के साथ ‘‘पत्रकार’’ शब्द जोड़ने की कवायद शुरू की है। गाजीपुर के सुग्‍गन सिंह यादव ने बाकायदा जनता दर्शन में जिलाधिकारी महोदय को लिखित प्रार्थना पत्र देकर खुद को पत्रकार बनाने की गुहार लगाई है। जिसपर डीएम साहब ने जिला सूचना अधिकारी को कार्यवाही हेतु निर्देशित भी किया, किन्तु सरकारी कार्यालयों के परापम्परागत तरीकों के चलते पिछले अक्टूबर से इनका आवेदन निस्तारित होने की राह देख रहा है। आज भी ये महाशय आला अधिकारियों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। सुग्‍गन ने बताया कि ‘‘थाना हो या अस्पताल या फिर कचहरी, हर जगह पत्रकारों की सुनवाई प्राथमिकता पर होती है। मेरे भी कई काम कचहरी में फंसे हैं, थाने का दरोगा फरियाद करने पर भगा देता है, दुर्घटना होने पर अस्पताल से मेडिकल बनवाना भी टेढ़ी खीर है। इसलिए ऐसी समस्याओं के निराकरण के लिए पहले पत्रकार बनना जरूरी है। इसीलिए मैने डीएम साहब से गुहार लगाई है, लेकिन इतने महिनों के बाद भी मेरे प्रार्थना पत्र पर कोई कार्यवाही नही हुई। ऐसा ही चलता रहा तो मैं धरने पर बैठने को मजबूर हो जाउंगा।’’ अब देखना है कि जिला प्रशासन से सुग्‍गन सिंह यादव कबतक अपनी मांग पूरी करा पाते हैं।– गाजीपुर से के0के0 की रिपोर्ट, 9415280945

गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के चुनाव में दिखा सियासी रंग, अनिल बने अध्‍यक्ष

गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के विभिन्न पदों के लिए 23 मार्च को चुनाव सम्पन्न हुआ। एसोसिएशन के द्विवार्षिक निर्वाचन को लेकर पिछले दो हफ्ते से पत्रकारों के बीच भारी गहमागहमी बनी हुई थी। चुनाव के लिए मतदान के पूर्व तक विभिन्न पदों के प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के लिए जोड़ जुगत लगाते रहे। पत्रकारों के विभिन्न खेमे अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए चुनाव की पूर्व संध्या तक शहर के विभिन्न होटलों में सियासी गणित में जुटे रहे। चुनाव को लेकर मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशियों ने राजनेताओं की तर्ज पर कई तरह के हथकंडे भी अपनाए। इस कवायद ने गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया। 23 मार्च दोपहर एक बजे तक मतदान हुआ जिसमें कुल 50 वैध मत पड़े। मतदान के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए राजेश दुबे और अनिल उपाध्याय के बीच कांटे का मुकाबला रहा। मतदान के दौरान अपने प्रत्‍याशी के समर्थन में हिन्दुस्तान, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा के ब्यूरोचीफ समेत तमाम पत्रकारों की जमात अखिरी तक मतदाताओं से समर्थन की गुजारिश करती रही। लामबन्दी के इस माहौल में ही पड़े वोटों के मुताबिक अनिल उपाध्याय ने एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की कुर्सी हथिया ली। अनिल उपाध्याय को 27 जबकि राजेश दुबे को 23 मत मिले। इसी तरह वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कमलेश यादव को 29 एवं सूर्यवीर सिंह को 20 मत मिले, इस पद पर एक मत सादा मिला। कोषाध्यक्ष पद पर विनोद गुप्ता को 29 तथा किशन को 21 मत मिले। एसोसिएशन के कनिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार यादव, महामंत्री चन्द्र कुमार तिवारी, सहसचिव अजय शंकर तिवारी तथा आय-व्यय निरीक्षक प्रमोद कुमार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हुए है। एसोसिएशन के चुनाव अधिकारी आर सी खरवार, गुलाब राय व अनिल कश्यप ने संयुक्त रूप से पदाधिकारियो के जीत की घोषणा की। पत्रकारों के इस चुनाव पर जिला प्रशासन समेत विभिन्न दलों के नेताओं की भी नजर बनी रही। मतदान के दौरान जिला सूचना अधिकारी आर0बी0यादव समेत पत्रकारों की अच्छी खासी तादात मौजूद रही। इस दिलचस्प चुनाव के बाद भी जिले के मीडिया गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रही और मीडिया से जुड़े लोग चुनाव को लेकर विश्लेषण और समीक्षा करते रहे।

अमर उजाला गाजीपुर ने फोटो किसी की और नाम किसी और का छापा

प्रदेश के अग्रणी दैनिक हिंदी समाचार पत्र अमर उजाला, गाजीपुर के लंका मैदान मे आगामी 10 मार्च से तीन दिवसीय विराट किसान मेले का आयोजन कर रहा है। इस वृहद कार्यक्रम को लेकर अमर उजाला की टीम हफ्तों से तैयारियों मे जुटी हुई है। अपने आयोजन को लेकर अमर उजाला के गाजीपुर संस्करण मे खबरे और लेख नियमित प्रकाशित हो रहे है। आयोजन मे लोगो की ज्यादा से ज्यादा भागेदारी को लेकर भी अखबार प्रयत्नशील है। किसान मेला के आयोजन को लेकर समाज के विभिन्न वर्गो, राजनीतिकों और अधिकारियों के विचार भी अखबार में प्रकाशित किया गया। इसी कड़ी मे अमर उजाला के गाजीपुर संस्करण मे 05 मार्च को भी खबर छापी, लेकिन इसे तकनीकी गलती कहें या स्थानीय ब्यूरो कार्यालय की घोर लापरवाही, अखबार मे प्रकाशित खबर के साथ जनपद के महत्‍वपूर्ण लोगों की छपी चार फोटो के साथ उनके नाम पूरी तरह गलत प्रकाशित हुये हैं। जिन चार लोगो के फोटो खबर के साथ छापे गये है, वे जिले के चर्चित चेहरों मे शुमार है, बावजूद इसके अखबार मे फोटो के साथ सभी के नाम गलत छापे गए है। इस गलती को लेकर जिले के मीडिया गलियारे मे लगातार चर्चाओं का दौर जारी है। अमर उजाला की इस कमी को लेकर मीडियाकर्मी चुटकी भी ले रहे हैं।

गाजीपुर में बदहाल हाईवे के खिलाफ वर-वधु और बारातियों ने किया सत्‍याग्रह

वर्षों से बदहाल नेशनल हाईवे से बेजार एक नवविवाहित वर-वधू ने बरातियों समेत सड़क दुरुस्त करने की मांग को लेकर गाजीपुर मे सत्याग्रह किया। मामला सुहवल क्षेत्र के ताड़ीघाट बारा मार्ग के नेशनल हाईवे 24 का है। अपनी तरह के इस अनूठे सत्याग्रह मे नवविवाहित वर-वधू और बरातियों ने सड़क पर बैठ कर शासन प्रशासन से नेशनल हाईवे तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। वर-वधू के इस सत्याग्रह को लेकर जहां पूरे इलाके मे चर्चा रही, वहीं क्षेत्रीय विधायाक और प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह जल्द ही सड़क को दुरुस्त करा देने का दम भर रहें हैं। गाजीपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के कैथवलिया मे रहने वाले द्वारिकानाथ के बेटे शिवानंद की बारात सुहवल क्षेत्र के नवली गांव मे गई हुई थी। विवाह के बाद वर-वधू बारातियों समेत वापस लौट रहे थे, लेकिन नेशनल हाईवे 24 की बदहाली के चलते कार मे बैठे शिवानंद और उनकी पत्नी पूजा परेशान हो गये। दूल्हा-दुल्हन की कार कई बार सड़क के गढ्ढों मे फंस गई। वर्षों से नेशनल हाईवे का यही हालत देखते आ रहे शिवानंद ने अपनी पत्नी से सलाह मशविरा किया और बरातियों समेत सड़क दुरुस्त कराने की मांग को लेकर सत्याग्रह पर बैठ गये। नेशनल हाईवे के निर्माण की मांग को लेकर बरातियों समेत सड़क पर सत्याग्रह कर रहें नवविवाहित वर-वधू के इस प्रदर्शन को लेकर पूरे इलाके मे चर्चा बनी रही वहीं क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने नेशनल हाईवे जल्द ही दुरुस्त कराने का दावा किया है। नवविवाहित वर-वधू के इस अनूठे सत्याग्रह से वर्षों से बदहाल नेशनल हाईवे की मार झेल रहे इलाके के लोगों को आंदोलन की एक नई राह मिली है, ये अलग बात है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले दूल्हा दुल्हन के इस सत्याग्रह का असर जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कितना पड़ता है। —-गाजीपुर से के.के.की रिपोर्ट

गाजीपुर के खलिहर पत्रकारों से परेशान हो सैन्‍य अधिकारियों ने कवरेज पर लगाया अंकुश

खलिहर पत्रकारों के कारनामों से आजिज आये सैन्‍य अधिकारियों एवं गाजीपुर जिला प्रशासन ने सेना भर्ती की कवरेज पर लगाया अंकुश। जी हां, गाजीपुर में पिछले कुछ दिनों से सेना भर्ती चल रही है। जिसमें पूर्वांचल के कई जनपदों के हजारों अभ्‍यर्थी रोजाना शामिल हो रहे हैं।

सेना के बेहद चुस्‍त सुरक्षा बन्‍दोबस्‍त के बीच पत्रकारों को पास के जरिए भर्ती परिसर में आने-जाने व कवरेज की छूट दी गई थी, किन्‍तु जिले के कुछ खलिहर पत्रकारों, जिन्‍हे खबरों के बजाय समय काटने में ज्‍यादा दिलचस्‍पी रहती है, ने भर्ती स्‍थल को पिकनिक स्‍पाट बना डाला। इस प्रजाति के पत्रकार सुबह ही भर्ती स्‍थल में घुस जाते और देर शाम बाद ही बाहर निकलते। पूरे दिन कैम्‍पस में घूमना-फिरना और सरकारी व्‍यंजनों के मजे उठाना ही इनका एकमात्र लक्ष्‍य बन गया था। इन पत्रकारों में छोटे ही नही बल्कि कई बडे नामचीन बैनरों के पत्रकार भी शामिल रहे। अंतत: इनकी इसी कार्यप्रणाली से आजिज आये सैन्‍य अधिकारी और जिला प्रशासन ने पत्रकारों के प्रवेश पर अंकुश लगाते हुए दिन में सिर्फ एक घण्‍टे ही कवरेज करने की छूट दी है।

गाजीपुर से कृपा कृष्णा उर्फ केके की रिपोर्ट.

मीरजापुर के सहारा रिपोर्टर को पितृशोक

मीरजापुर के वरिष्ठ पत्रकार एवं सहारा न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर राकेश सत्संगी के पिता बी.एल.श्रीवास्तव का 85 वर्ष की अवस्था में 26 नवम्बर को निधन हो गया। वे स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत हुए थे। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गये है। जनपद के वरिष्‍ठ पत्रकार के पिता के निधन पर पत्रकारों ने एक शोक सभा का आयोजन कर दो मिनट का मौन रखते हुए ईश्वर से मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना किया। इस दौरान नितिन अवस्थी, राजेश मिश्र, राजन गुप्ता, आकाश दूबे, रामकृष्ण गुप्ता, अनुज पाण्डेय, सच्चिदानंद सिंह, मनीष सिंह,कमलेश जायसवाल, देवमणि त्रिपाठी, अनुज श्रीवास्तव, अरुण तिवारी, अमित तिवारी, आनंद मोहन मिश्र, रतन मोहन मिश्र, राहुल श्रीवास्तव, राजकुमार मालवीय, वीरेंद्र दुबे, समर चन्द्र, अनुपम श्रीवास्तव, राजकुमार उपाध्याय, शिवशंकर उपाध्याय, राकेश दुबे, वीरेंद्र श्रीवास्तव आदि पत्रकार मौजूद रहे।

गाजीपुर से प्रकाशित साप्‍ताहिक समाचार पत्र ”जनबिन्‍दु” का लोकार्पण

वर्तमान परिवेश में समाचार पत्रों का प्रकाशन किया जाना अत्यन्त ही कठिन कार्य है। कारण, आज के व्यवसायिक युग में समाचार पत्रों का प्रकाशन भी आद्यौगिक घरानो अथवा पूंजीपतियों के पास है, जिसमें पत्रकार के रूप में कार्य करने वाले लोगो के सामने अनेक तरह की चुनौतियां आए दिन खड़ी होती है, जिससे पत्रकार प्रायः संघर्ष करता हुआ दिखता है। ऐसे ही संघर्षों से दो चार होते हुए गाजीपुर से साप्‍ताहिक समाचार पत्र ''जनबिन्‍दु'' का प्रकाशन शुरू किया गया है।

प्रदेश सरकार के अतिरिक्त उर्जा राज्य मंत्री विजय मिश्रा ने शनिवार को गाजीपुर के रायफल क्लब में इस साप्तहिक समाचार पत्र का लोकार्पण किया। लोकार्पण समारोह मे लोगों को संबोधित करते हुये उन्होंने देश के विकास और बेहतरी मे मीडिया के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए स्थानीय समाचार पत्रों की प्रासंगिकता पर जोर देते हुये कहाकि अखबारों और मीडिया के जरिये समाज मे व्याप्त विसंगतियों और समस्याओं के समाधान मे मदद मिलती है। समाचार पत्र के सम्पादक राजेश सिंह ने संकल्प बद्ध किया कि ‘‘जनबिन्दु’’ समाचार पत्र को निरन्तर जारी रखने की कोशिशें रहेगी। ‘‘जनबिन्दु’’ परिवार की तरफ से प्रबंधक उधम सिंह, जिलाध्यक्ष उ0प्र0जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) गाजीपुर ने आगंतुको के प्रति आभार प्रकट किया।

गाजीपुर मे विश्‍वविद्यालय की मांग पर लाठियों का तोहफा

प्रदेश की समाजवादी सरकार छात्रों और युवाओं की सबसे बड़ी हितैषी होने का दावा कर रही है लेकिन अखिलेश सरकार मे छात्रों को खुलेआम पुलिस द्वारा बर्बर तरीके से पीटा जा रहा है। छात्रों का कुसूर महज इतना है कि ये छात्र उच्च शिक्षा के लिए अपने जिले मे विश्‍वविद्यालय स्थापित करने की मांग कर रहें है। गाजीपुर मे विश्‍वविद्यालय स्थापना की मांग को लेकर पिछले एक हफ्ते से चल रहा छात्रों का लोकतांत्रिक आमरण अनशन मंगलवार को पुलिस की लाठियों की भेंट चढ़ गया। जिला मुख्यालय के सरजू पाण्‍डेय पार्क मे अनशनकारी छात्रनेताओं के समर्थन मे जुटे छात्रों पर पुलिस ने जमकर लाठी चार्ज किया। पुलिस और पीएसी के जवानों ने प्रदर्शनकारी छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इससे पूर्व आमरण अनशन कर रहे तीनों छात्रों को पुलिस ने सोमवार की आधी रात मे जबरन उठा कर जिला अस्पताल मे भर्ती करा दिया। जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठी चार्ज के दौरान पूरे कचहरी क्षेत्र मे अफरा तफरी और भाग दौड़ की हालत बनी रही। पुलिस के लाठीचार्ज मे कई छात्र घायल हो गये, जिन्हे इलाज के लिए जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। जिले मे राज्य वित्तपोषित विश्‍वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर पिछले एक पखवारे से छात्र आंदोलन कर रहे है। विभिन्न कालेजों के छात्र और छात्राएं एकजुट होकर अपनी मांग के समर्थन मे लगातार प्रदर्शन कर रहे है। विश्‍वविद्यालय स्थापना की मांग को लेकर पिछले 3 अक्टूबर से तीन छात्रनेता पंकज उपाध्याय, विकास राय और दिवाकर प्रसाद जिलाधिकारी कार्यालय के पास सरजू पांडेय पार्क मे आमरण अनशन कर रहे थे। छात्रनेताओं के आमरण अनशन को कई संगठनों और संस्थाओं ने भी अपना समर्थन दिया। इतना ही नही अनशन स्थल पर हर रोज प्रदर्शनकारी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। ऐसे मे आंदोलन को धारदार बनाते हुये मंगलवार को शहर बंद का ऐलान किया गया था। छात्रों की ओर से बंद के ऐलान के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने जवाबी रणनीति पर काम करते हुये सोमवार की रात आमरण अनशन कर रहे छात्रनेताओं को जबरन हिरासत मे लेकर जिला अस्पताल मे भर्ती करा दिया। पुलिस प्रशासन का दावा है कि अनशनकारी छात्रनेताओं के गिरते स्वास्थ्य के मद्देनजर ये कार्यवाही की गयी। छात्रनेताओं को जबरन हिरासत मे लेकर अस्पताल मे भर्ती कराये जाने की खबर पर मंगलवार को बड़ी संख्या मे छात्र अनशन स्थल पर जुट गये और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस और जिला प्रशासन की इस कार्यवाही से आक्रोशित एकजुट छात्रों ने जुलूस की शक्ल मे अस्पताल की ओर बढ़ना शुरु किया कि मौके पर मौजूद एडीएम जितेन्द्र कुमार, एसपी सिटी राम स्वरुप, एसडीएम सदर अमित सिंह और सीओ सिटी कमल किशोर के नेतृत्व मे पुलिस फोर्स ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस और पीएसी के जवानों ने विश्‍वविद्यालय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस की इस बर्बर पिटाई से कई छात्र गंभीर रुप से घायल हो गये। पुलिस ने अनशन स्थल पर मौजूद सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस द्वारा छात्रों पर बर्बर लाठी चार्ज की इस घटना से जिले के हजारों छात्र छात्राओं के बीच आक्रोश का माहौल है। -गाजीपुर से के.के. की रिपोर्ट

यशभारती से सम्‍मानित गाजीपुर के पत्रकार विजय बाबू का निधन

पूर्वान्चल के वयोवृद्ध पत्रकार विजय कुमार का बुधवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।पत्रकार विजय कुमार प्रदेश सरकार की ओर से यशभारती सम्मान से सम्मानित थे।बेहद सरल स्वभाव के विजय कुमार जी ने समाचारपत्र राष्ट्रीय सहारा,दैनिक आज,जनवार्ता समेत कई पत्र पत्रिकाओं मे बतौर पत्रकार अपनी सेवाएं दी थी।

ग्रामीण परिवेश से लगाव रखने वाले विजय कुमार ने हमेशा अपने जनपद गाजीपुर मे ही रहकर काम किया।ग्रामीण अंचलों की खबरो को प्रमुखता देने वाले विजय कुमार ने कई बड़े समाचार पत्रों मे महत्वपूर्ण पदो को ठुकराते हुये आजीवन गाजीपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के मद्देनजर अपनी लेखनी को केन्द्रित रखा। लंबे अर्से तक पत्रकारिता जगत से जुड़े रहे विजय कुमार अपने अंतिम समय तक नये पत्रकारों को प्रोत्साहन देने मे जुटे रहे।गाजीपुर के पत्रकारिता जगत की दो पीढ़ियां विजय बाबू की बेबाक लेखनी की गवाह हैं।पिछले कुछ दिन पहले ही उन्होने हार्निया का आपरेशन कराया था और तबियत बिगड़ने पर उन्हे इलाज के लिये वाराणसी ले जाया जा रहा था कि रास्ते मे ही उनकी मृत्यु हो गयी।उनके निधन की खबर मिलते ही पत्रकारिता जगत मे शोक की लहर दौड़ गयी।गाजीपुर के बड़ीबाग स्थित उनके निवास पर पहुंच कर बड़ी संख्या मे पत्रकारो ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।विजय बाबू पत्रकारिता के साथ साथ राजनीति और समाजसेवा मे भी लगातार सक्रिय रहे।उन्होने विधानसभा का चुनाव भी लड़ा।यशभारती से सम्मानित विजय कुमार को पत्रकारिता मे उनके उल्लेखनीय कार्य के चलते गाजीपुर गौरव सम्मान से भी नवाजा गया था।

गाजीपुर से केके की रिपोर्ट.

गाजीपुर में गंगा के उफान से लोग पलायन को मजबूर

गाजीपुर मे गंगा मे आई बाढ़ का कहर लगातार जारी है। पिछले दो दिनों से खतरे के निशान के ऊपर बह रही गंगा के जल स्तर मे लगातार वृद्धि जारी है। 2 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही गंगा ने शहर के निचले क्षेत्रों मे बसे मुहल्लों समेत जिले के विभिन्न तटीय गांवों को अपनी जद मे ले लिया है। गंगा मे बाढ़ की वजह से जिले के कई तटवर्ती इलाकों मे आफत टूट पड़ी है। कहीं गांव पानी से घिर गये हैं तो कहीं संपर्क मार्गों के डूबने से आवागमन बंद हो गया है। जिले मे पिछले पांच दिनों से गंगा लगातार उफान पर है। जिले के मुहम्मदाबाद क्षेत्र के सेमरा,शिवराय का पुरा,करंडा क्षेत्र के कालनपुर जबकि जमानियां क्षेत्र के सरैया, डुहियां, बहलोलपुर के साथ साथ सैदपुर क्षेत्र के आधा दर्जन गांव गंगा मे आयी बाढ़ के पानी से घिर गये है।शहर के ददरीघाट,कलेक्टर घाट,गोराबाजार क्षेत्र के निचले इलाके मे बसे मुहल्लों मे भी लोगों के घरों मे बाढ़ का पानी घुसना शुरु हो गया है। प्रदेश सरकार मे कैबिनेट मंत्री कैलाश यादव के गांव जैतपुरा की निषाद बस्ती भी गंगा की बाढ़ की चपेट मे आ गई है। गाजीपुर मे गंगा मे खतरे का निशान 63.105 मीटर पर है,जबकि इस समय गंगा का पानी 64 मीटर पर बह रहा है।जिले मे गंगा के जल स्तर मे लगातार वृद्धि के चलते गोमती,कर्मनाशा,बेसों,मंगई मे भी बाढ़ आ गई है।बाढ़ के बढ़ते खतरे से तटीय इलाकों के बाशिंदे सहमे नजर आ रहें है। जिले के दर्जनों गांवों मे बाढ़ का पानी आ जाने से लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिले मे सैकड़ों एकड़ खेती गंगा मे डूब गई है,जबकि सैकड़ों घर बाढ़ के पानी से घिर गये है। ऐसे मे बाढ़ की आफत का सामना कर रहे लोग अपना सामान समेट कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर है। इतना ही नही बाढ़ के चलते लोगो के सामने मवेशियों के चारे का संकट बना हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के कारगर कदम कहीं नजर नही आ रहें है। ऐसे मे नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहें ग्रामीणों के बीच रोष भी व्याप्त है। —गाजीपुर से के.के.की रिपोर्ट

अन्‍ना पहुंचे गाजीपुर

सरकार को जन लोकपाल लाना पड़ेगा।मैं समाज और देश की बलाई के लिए लड़ रहा हूं।मुझे मृत्यु का भय नही है।सरकार ने बार-बार जन लोकपाल को लेकर धोखाधड़ी की है।संसद के शीतकालीन सत्र मे यदि लोकपाल बिल नही लाया गया तो फिर से दिल्ली मे अनशन करुंगा।ये दावा अन्ना हजारे ने गाजीपुर मे लोगों को संबोधित करते हुये किया।

जनतंत्र यात्रा के तहत देश मे व्याप्त भ्रष्टाचार के प्रति लोगो को जागरुक करने के लिए गाजीपुर पहुंचे अन्ना हजारे ने रामलीला पार्क मे आयोजित सभा को संबोधित करते हुये कहाकि देश की युवा शक्ति देश का भविष्य बदलेगी। उन्होने सभा को संबोधित करते हुये कहाकि राष्ट्र एक मंदिर है,और देश लोगो से त्याग मांग रहा है। उन्होने कहा कि देश की राजनैतिक पार्टियों की देन है,कि आज संसद मे 163 दागी बैठे हुये है।यही स्थिति राज्यों की भी है।उन्होने लोगो का आवाह्न किया कि गुंडा,भ्रष्ट और व्याभिचारी प्रत्याशियों को वोट न देने का शपथ लेकर आगे बढ़े। उन्होने सरकार पर आरोप लगाते हुये कहाकि लिखित आश्‍वासन के बाद भी सरकार ने जन लोकपाल लागू नही किया।यह जनता के साथ धोखाधड़ी है। उन्होने जनता से एकजुट होकर भ्रष्टाचार दूर करने की अपील की।उन्होने जन लोकपाल और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम लगातार जारी रखने और संघर्ष करने का दावा करते हुये इन मुद्दो पर जनता की संगठित भागेदारी पर जोर दिया।मऊ से सड़क मार्ग द्वारा गाजीपुर पहुंचे अन्ना हजारे का जगह जगह लोगों ने स्वागत किया।जनतंत्र यात्रा मे उनके साथ पहुंचे पूर्व सेनाध्यक्ष वी.के सिंह,पूर्व सांसद और वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने भी लोगो को संबोधित किया।

गाजीपुर में जारी है भीड का इंसाफ

गाजीपुर में भीड का इंसाफ लगातार जारी नजर आ रहा है। एक सनसनीखेज वारदात के तहत बेखौफ बदमाशों ने रविवर की रात गाजीपुर मे ग्राम प्रधान के भाई की गोली मार कर हत्या कर दी। घटना कासिमाबाद क्षेत्र के सलामतपुर गांव की है। वारदात को अंजाम देने के बाद भाग रहे बदमाशों मे से एक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बदमाश की जमकर पिटाई की। जिससे उसने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद गुस्सायें लोगों ने बदमाशों की दो बाइकों मे आग लगा दी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचें पुलिस अधिकारियों को आक्रोशित ग्रामीणों को शान्त कराने मे काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। मृतक युवक के परिजनों का आरोप है,कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है।घटना के बारे मे बताया जा रहा है,कि सलामतपुर के ग्राम प्रधान मनीष जायसवाल का छोटा भाई अखलेश गांव मे जनरल मर्चेण्ट की दुकान चलाता है।मृतक युवक की दुकान पर कई बाइकों पर सवार हथियारबंद बदमाश रविवार की रात पहुंचे और अखिलेश को गोली मार दी। घटना मे गंभीर रुप से घायल युवक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद भाग रहे बदमाशों को ग्रामीणों ने दौड़ा लिया,एक बदमाश आक्रोशित ग्रामीणों के शिंकजे मे आ गया। जिसकी गुस्सायी भीड़ ने जम कर पिटाई की।आरोपी बदमाश की ग्रामीणों की पिटाई से मौके पर ही मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने बदमाशों की दो बाइकों को भी आग के हवाले कर दिया।घटना को लेकर गांव मे तनाव का माहौल है। मृतक के परिजनों का आरोप है,कि स्थानीय पुलिस की शह पर रंगदारी मांग रहे बेखौफ बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है। गौरतलब हो कि विगत 11 जुलाई को भी जिले के नन्‍दगंन थानाक्षेत्र के फतेउल्‍लाहपुर गांव के महिला ग्राम प्रधान के पति को गोली मारकर भाग रहे तीन बदमाशों को भीड ने मौत के घाट उतार डाला था।— गाजीपुर से के0के0 की रिपोर्ट

पूर्व विधायक की हत्‍या के बाद पुलिस पब्लिक संघर्ष में एक पत्रकार हुआ घायल

पूर्व विधायक की सरेराह हत्‍या के बाद भडके बवाल में एक पत्रकार भी हुआ घायल। आजमगढ जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र मे शुक्रवार को बाइक सवार दो असलहाधारी बदमाशों ने सरेबाजार ताबड़तोड़ फायरिंग कर पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की दिनदहाड़े हत्या कर दी। घटना सुबह 10 बजे उस समय की है जब पूर्व विधायक अपने गनर के साथ कोतवाली जीयनपुर से पैदल ही अपने घर लौट रहे थे।

घर से कुछ दूर पहले जीयनपुर बाजार मे बाइक सवार दो बदमाशों ने पूर्व विधायक सर्वेश सिंह और उनके अंगरक्षक पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरु कर दी।सरेराह दिनदहाड़े हुई इस घटना से बाजार मे अफरा तफरी मच गई।वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक सवार बदमाश भाग निकले।घटना मे बुरी तरह घायल पूर्व विधायक और उनके गनर की मौके पर ही मौत हो गई। 

इस सनसनीखेज घटना के बाद क्षेत्र मे बवाल मच गया।मौके पर बड़ी संख्या में जुटे विधायक समर्थनों ने हंगामा मचाना शुरु कर दिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुये कोतवाली घेर ली,उग्र भीड़ ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुये पथराव शुरु कर दिया। आक्रोशित भीड़ के पथराव के जवाब मे पुलिस फोर्स ने जवाबी कार्यवाही करते लाठी चार्ज कर दिया।

काफी देर तर पुलिस और गुस्सायी भीड़ के बीच संघर्ष होता रहा। इस हंगामे और बवाल के दौरान जनसंदेश अखबार के पत्रकार जनार्दन मिश्र समेत तीन लोग घायल हो गये। घायलो को इलाज के लिए जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे क्षेत्र मे जहां लोगों के बीच दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है, वहीं पूर्व विधायक की दिनदहाड़े हत्या से पूर्वान्चल के सियासी गलियारों मे कई सवाल खड़े हो रहें है। सर्वेश सिंह जिले की सगड़ी विधानसभा से विधायक रहें है, जबकि पिछला विधान सभा चुनाव वे हार गये थे।'

-के.के. की रिपोर्ट


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आजमगढ़ में पूर्व विधायक और उसके गनर की हत्या, उत्पात शुरू

प्रधानपति को गोली मारकर भाग रहे बदमाशों को ग्रामीणों ने पीटा, हुई मौत

एक सनसनीखेज वारदात के तहत गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र मे गुरूवार को महिला ग्राम प्रधान के पति पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर भाग रहे तीन बदमाशों को गुस्साये ग्रामीणों ने पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया। घटना क्षेत्र के फतेहउल्लाहपुर गांव की है। घटना के बारे मे बताया जा रहा है,कि इस गांव की प्रधान शिव कुमारी बिंद के पति राम किशुन बिंद आज सुबह क्षेत्र मे स्थित एक प्राइमरी स्कूल पर बच्चों के मिड डे मील की व्यवस्था करा कर बाइक से घर वापस लौट रहे थे।

प्रधान पति घर के करीब पहुंचे थे कि इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन पर निशाना साध कर फायरिग शुरु कर दी। बदमाशों ने प्रधान पति को तीन गोलिया मारी,और भागने लगे। गांव में गोलियों की तड़तड़हाट सुन मौके पर भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने गंभीर रुप से घायल प्रधान पति को इलाज के लिए अस्पताल भेजा, प्रधान पति पर दिन दहाड़े जानलेवा हमले की इस घटना से गांव वाले भड़क गये। आक्रोशित ग्रामीणों ने वारदात को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों को दौड़ा कर पकड़ लिया,और जम कर पिटाई की।

भारी संख्या मे मौके पर जुटी भीड़ ने तीनो बदमाशों को जम कर पीटा। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी हमलावरों को आक्रोशित ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया और इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा,जहां तीनो ने दम तोड़ दिया। घटना के पीछे चुनावी रंजिश की वजह सामने आ रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है।

गाजीपुर से के0के0 की रिपोर्ट

सम्‍पर्क 9415280945

गाजीपुर में मंत्री के आवास पर प्रदर्शन कर रही जनता पर पुलिस ने भांजी लाठियां

गाजीपुर मे बिजली समस्या को लेकर वैकल्पिक उर्जा राज्य मंत्री विजय मिश्र के आवास पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर मंगलवार को पुलिस ने लाठी चार्ज किया। शहर के मुहल्लों के लोग लंबे अर्से से बिजली की बेतहाशा कटौती और विद्युत समस्या झेल रहें है। ऐसे मे लगातार बिजली की समस्या से परेशान आक्रोशित लोगो ने आज मंत्री विजय मिश्रा के आवास पर प्रदर्शन करते हुये रोड जाम कर दी।

बड़ी संख्या मे प्रदर्शन मे जुटे लोगों ने स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार मे राज्यमंत्री विजय मिश्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि राज्यमंत्री जब शहर मे रहते है, तो एक दो दिन के लिए बिजली आपूर्ति दुरुस्त रहती है, लेकिन उसके बाद लोगों को बेतहाशा बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली समस्या से जूझ रहे लोगो ने विभागीय अधिकारियों से लेकर राज्य मंत्री तक गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई न होने पर लोग आज सड़कों पर उतर आये। प्रदर्शन कर रहे लोग जब नारेबाजी करते हुये राज्यमंत्री के आवास की ओर बढ़ने लगे तो मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स ने लाठी चार्ज कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई। ऐसे मे पुलिस ने बल प्रयोग करते हुये लोगो को खदेड़ दिया।

–गाजीपुर से के0के0 की रिपोर्ट (सम्‍पर्क 9415280945)

वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार को पत्नी शोक

यशभारती से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार की पत्नी श्रीमती शारदा देवी का बुधवार की रात देहान्त हो गया। श्रीमती शारदा देवी लम्बे अरसे से हृदय रोग से पीड़ित थीं और पिछले दिनों उनकी बाईपास सर्जरी भी हुई थी। श्रीमती शारदा देवी ने गाजीपुर शहर के बड़ीबाग स्थित अपने आवास पर अन्तिम सांस ली। वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार की धर्मपत्नी के निधन से जिले के साहित्य और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। विजय कुमार की पत्नी के निधन के बाद जिले के तमाम बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और पत्रकारों ने शोक संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत श्रीमती शारदा देवी की आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से कामना की है। बेहद मृदु स्वभाव की श्रीमती शारदा देवी अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके निधन पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन की ओर से शोक सभा कर श्रीमती शारदा देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।— गाजीपुर से के.के.की रिपोर्ट

पुलिस चौकी मे आगजनी और बलवा के आरोपी पूर्व विधायक भेजे गए जेल

गाजीपुर की हंसराजपुर पुलिस चौकी मे आगजनी और बलवा के आरोपी पूर्व बसपा विधायक विजय कुमार ने सोमवार को गाजीपुर सीजेएम कोर्ट मे आत्म समर्पण कर दिया। अदालत ने इस मामले मे पूर्व बसपा विधायक की जमानत अर्जी खारिज करते हुये उन्हे न्यायिक अभिरक्षा मे जेल भेजने का आदेश दिया है। हंसराजपुर पुलिस चौकी कांड के मुख्य आरोपी पूर्व बसपा विधायक विजय कुमार आज अपने तमाम समर्थकों के साथ गाजीपुर जिला न्यायालय पहुंचे और सीजेएम कोर्ट मे सरेंडर करते हुये जमानत अर्जी दाखिल की। अदालत ने आरोपी विधायक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिसके बाद विधायक के अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत मे जमानत के लिए अपील की, लेकिन अदालत से पूर्व विधायक को कोई राहत नही मिल सकी। उनकी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उन्हे न्यायिक अभिरक्षा मे जेल भेज दिया गया। गौरतलब है,कि पिछले 29 अप्रैल को गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र मे पुलिस पिटाई के बाद हुई युवक की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने हंसराजपुर पुलिस चौकी मे तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इस मामले मे पूर्व बसपा विधायक विजय कुमार को पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाया है। अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पूर्व बसपा विधायक ने कहाकि वे पूरी तरह निर्दोष हैं,और सत्ता पक्ष की साजिश के चलते उन्हे फंसाया जा रहा है।उन्होने न्यायालय पर अपना पूरा विश्‍वास जताते हुये कहाकि उन्हे भरोसा है,कि उन्हे इंसाफ मिलेगा।..– गाजीपुर से के.के. की रिपोर्ट, सम्‍पर्क 9415280945

यशभारती से सम्‍मानित वयोवृद्ध पत्रकार ने बिजली के लिए किया चक्‍का जाम

अपनी बेबाक लेखनी के लिए मशहूर यशभारती से सम्मानित गाजीपुर के वयोवृद्ध पत्रकार विजय कुमार को बिजली के लिए सड़क पर प्रदर्शन और चक्का जाम करना पड़ा। मामला शहर के बड़ीबाग इलाके का है। जहां पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है।

बिजली आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को गंभीर पेयजल के संकट का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र का ट्रांसफार्मर जल जाने से बिजली की मार झेल रहे लोगों ने विभागीय अफसरों से ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर लोग सड़क पर उतर आये और रोड जाम कर बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग करने लगे। इसी इलाके मे वरिष्ठ पत्रकार और यश भारती से सम्मानित विजय कुमार जी भी रहते हैं। खुद कई दिनों से बिजली समस्या की मार झेल रहे विजय जी बिजली विभाग के नकारापन और प्रशासनिक अफसरों की हीलाहवली के खिलाफ सड़क पर उतर आये।यश भारती से सम्मानित वयोवृद्ध पत्रकार विजय कुमार को प्रदर्शन और चक्काजाम करते देख लोग हैरत मे पड़ गये और बड़ी संख्या मे स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन मे एकजुट हो गये। ऐसे मे आनन फानन मौके पर पहुंचे अफसरों ने तत्काल समस्या के समाधान का आश्‍वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया। गौरतलब हो कि गाजीपुर शहर के बड़ीबाग इलाके मे यशभारती से सम्मानित दो शख्सयितें विजय कुमार और विवेकी राय के साथ साथ प्रदेश सरकार के कैबिनेट मिनिस्टर ओम प्रकाश सिंह का भी आवास है, ऐसे मे यहां के बाशिंदों को जब बिजली की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो बाकी शहर का क्या हाल होगा।

— गाजीपुर से के.के. की रिपोर्ट. सम्‍पर्क 09415280945

गरीब किसानों का ट्रैक्टर डकार गए विधायक जी…

प्रदेश की सपा सरकार के मंत्री और विधायक तमाम सरकारी योजनओं के जरिए अपना घर भरने में जुटे नजर आ रहे है। ताजा मामला सामने आया है यूपी के गाजीपुर जिले में जहां गरीब किसानो का ट्रैक्टर गया विधायक जी के घर। ट्रैक्टर की चाभी कोई और नहीं स्वयं कैबिनेट मंत्री जी ने थमाया। वैसे तो शासन की प्रत्येक लाभकारी योजनाओं को गरीबों व पात्रों तक पहुंचाने की बात की जाती है किन्तु शायद ही वह उन तक सीधे पहुंच पाती हैं।

उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार लगातार किसानो को सीधा लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता दिखाती है और पारदर्शिता की बात भी की जाती है किन्तु गाजीपुर जिले में जंगीपुर विधान सभा से सपा के विधायक ने तो गरीब  किसानो को मिलने वाली सब्सिडी का ट्रैक्टर ही डकार लिया। ट्रैक्टर की चाभी स्वयं शासन के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने अपने गांव सेवराई में आयोजित तीन दिवसीय किसान मेला में विधायक जी के सुपुत्र और पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेन्द्र यादव को थमायी थी।

यह ट्रैक्टर उद्यान विभाग की तरफ से जिले के 15 प्रगतिशील किन्तु अभाव ग्रस्त किसानो को दिया जाना था। विधायक जी वैसे तो कोल्ड स्टोरेज, महाविद्यालय, इण्टर कालेज व कई चार पहिया वाहनो, भूमि-भवन आदि के मालिक हैं, फिर भी डेढ़ लाख की छूट वाला ट्रैक्टर भी उन्होने कबजिया लिया। समग्र विकास इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दूबे ने इस पूरे मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री तक मेल के माध्यम से पहुंचाते हुये सपा विधायक कैलाश यादव से ट्रैक्टर वापस कराने एवं उनके विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।

श्री दूबे ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ई-मेल में कहा है कि वर्ष 2012-13 में किसानो को मिलने वाला 20 हार्स पावर से अधिक क्षमता के 15 ट्रैक्टर गत जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में कबीना मंत्री ओम प्रकाश सिंह के गृह ग्राम सेवराई में तीन दिवसीय किसान मेले के दौरान वितरित किये गये, जिसमें सपा विधायक व पूर्व मंत्री कैलाश यादव के पुत्र व पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेन्द्र यादव के नाम भी एक ट्रैक्टर दिया गया, जिसपर डेढ लाख रूपये की सब्सिडी दी गयी थी। श्री दूबे ने मुख्यमंत्री से मांग किया है कि वे विधायक द्वारा अनाधिकृत रूप से लिये गये गरीब किसानो के ट्रैक्टर वापस कराते हुये उनके विरूद्ध कार्यवाही कर पारदर्शिता का परिचय दें।

–गाजीपुर से के.के. की रिपोर्ट

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मैं पागल नही हूं…

एक युवक चिल्‍ला-चिल्‍लाकर कह रहा था, मैं पागल नहीं हूं। मानवीय संवेदनाएं किस प्रकार मर गयी हैं अनिल के मामले में। सम्‍मानित साथियों। आज वाराणसी रोडवेज बस स्‍टैण्‍ड के पास यह युवक मुझे बेडियों में जकडा मिल गया। मैने रूककर उनसे पूछा कि आपको इस प्रकार पैरों में मजबूत लोहे की बेडी क्‍यों डाली गयी है, तो उनका जबाब था कि उपर वाले की शायद यही मर्जी है। मुझे गांव के लोगों ने पागल बनाकर ये बेडी पैरों में डाल दिया है जिससे हमें चलने के साथ नित्‍य क्रिया करने व पूरी दिनचर्या में परेशानी होती है। बताने वाला यह युवक शान्‍त भाव से पढे लिखे लोगों की तरह जबाब खडी हिन्‍दी में दे रहा था। पूछने पर अपना पता जौनपुर जिले के एक गांव का बताया। कहा कि एक केस में मुझे फर्जी फंसाया गया था और जिसमें सजा भी हुयी। सजा काटकर आया तो विपक्षियों ने मानसिक चिकित्‍सालय में दिखाकर पागल घोषित करा दिया। अब चिल्‍ला-चिल्‍लाकर सबसे कहता हूं कि मैं पागल नहीं हूं तो कोई मानता नहीं। मैने कहा कि आप जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से क्‍यों नहीं मिलकर गुहार लगाते हैं तो उनका कहना था कि गया तो कई बार, किन्‍तु उनके सुरक्षा कर्मी हमें मिलने ही नहीं देते। मैने अपने कुछ मित्रों को उनके साथ लगा दिया है जो वाराणसी के जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक से उन्‍हें मिलवाकर उनकी बेडी हटवाने का कार्य करेंगे। अनिल के मानव अधिकार हनन के लिये किसे दोषी बताया जाय। समाज के लिए यह एक बडा प्रश्‍न है। रिपोर्ट-ब्रजभूषण दूबे, सामाजिक कार्यकर्ता गाजीपुर,9452455444

बेलगाम नौकरशाही राज्‍यमंत्री पर भारी

प्रदेश मे बेलगाम नौकरशाही सरकार के मंत्रियों पर भी भारी पड़ रही है।प्रदेश सरकार के मंत्रियों की आवाज भी सरकारी अफसर अनसुना कर दे रहें है।मामला गाजीपुर के समाज कल्याण विभाग से जुड़ा हुआ है। जहां एक महिला के प्रार्थनापत्र पर कार्यवाही को राज्यमंत्री विजय मिश्र की सिफारिश के बावजूद चार महीनों से सरकारी कर्मचारी और अधिकारी लटकायें हुये हैं।बताया जा रहा है,कि जिले के सौरम गांव की रहने वाली एक महिला ने पति के मरने के बाद पारिवारिक लाभ के लिए समाज कल्याण विभाग मे प्रार्थना पत्र दिया। सदर विधायक और प्रदेश सरकार मे राज्यमंत्री विजय मिश्र ने महिला के प्रार्थना पत्र पर बीते जनवरी माह मे अपनी सिफारिश भी लगाई,लेकिन समाज कल्याण विभाग की ओर से आज तक कोई कार्यवाही नही की गई।महीनों से इस मामले के लंबित होने से और खुद कई बार निर्देशित करने के बाद भी कार्यवाही न होने से नाराज राज्य मंत्री आज खुद विभाग मे जा पहुंचे और अधिकारियों को कार्य प्रणाली मे तेजी लाने का निर्देश दिया।इस मौके पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुये राज्य मंत्री ने सरकारी विभागों की कार्यवाही पर लापरवाही का आरोप लगाया।उन्होने सरकारी दफ्तरों मे सरकार की मंशा के अनुरुप कार्य न होने का आरोप लगाते हुये कहाकि सरकारी दफ्तरों मे कर्मचारी और अधिकारी निष्क्रिय बने हुये है। जब मेरे कहे को ये अनसुना कर दे रहे है तो जनता का क्‍या होता होगा।

पुलिस की पिटाई से युवक की मौत, आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी फूंकी

गाजीपुर पुलिस की पिटाई से हुई युवक की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को शादियाबाद थाना क्षेत्र मे जमकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर युवक की बर्बर पिटाई का आरोप लगाते हुये, हंसराजपुर पुलिस चौकी पर जमकर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की। मामला पुलिस हिरासत मे पुलिस पिटाई से छात्र की संदिग्ध मौत से जुड़ा हुआ है। घटना क्षेत्र के हंसराजपुर की है। जहां के रहने वाले छात्र घनश्याम राम को पुलिस ने एक लड़की भगाने के मुकदमे मे पूछतांछ के लिए हिरासत मे लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद कल शाम छात्र की अचानक तबियत बिगड़ने लगी और इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद क्षेत्रीय ग्रामीणों के बीच रोष व्याप्त हो गया। सुबह बड़ी संख्या मे लोग सड़क पर उतर आये और छात्र के शव के साथ हंसराजपुर चौराहे पर प्रदर्शन करने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग करते हुये रोड जाम कर दी। प्रदर्शन के कई घंटे गुजर जाने के बाद भी मौके पर किसी जिम्मेदार अधिकारी के न पहुंचने पर गुस्साये लोगों ने हंसराजपुर चौकी पर धावा बोल दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी पर जमकर पथराव और तोड़फोड़ की। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुये चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी जान बचाकर भाग निकले। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस चौकी मे आग लगा दी। इतना ही नही मौके पर पहुंचे दुल्लहपुर थानाध्यक्ष की सरकारी जीप को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस पिटाई मे युवक की मौत पर बढ़ते जनाक्रोश के बाद अब पुलिस अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का दावा कर रहे हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी वाराणसी रेंज सतीश ए.गणेश ने आक्रोशित भीड़ द्वारा जलाई गयी पुलिस चौकी का मुआयना किया। उन्होने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। डीआईजी ने घटना स्थल के निरीक्षण के दौरान मृतक युवक के परिजनों से पूछतांछ की। फिलहाल पुलिस ने युवक के शव को पीएम के लिए भेज दिया है,और पुलिस अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का दम भर रहें है। — गाजीपुर से केके की रिपोर्ट 9415280945

गाजीपुर गौरव से नवाजे गए विजय बाबू

वरिष्‍ठ पत्रकार विजय कुमार को साहित्‍य चेतना समाज ने गाजीपुर गौरव के सम्‍मान से नवाजा। हजारों लोगों की भीड ने उस समय तालियों की गडगडाहट से 81 वर्षीय विजय बाबू के प्रति सम्‍मान का इजहार किया जब यशभारती पुरस्‍कार से सम्‍मानित मूर्धन्‍य साहित्यकार डा0 विवेकी राय, पूर्व कुलपति डा0 अच्‍युतानन्‍द मिश्र एवं प्रो0 सत्‍यमित्र दूबे ने उन्‍हें अंगवस्‍त्रम, माला व प्रशस्ति पत्र दिया। साहित्‍य चेतना समाज का यह वार्षिक सम्‍मेलन गाजीपुर में आयोजित किया गया । कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा0 अच्‍युतानन्‍द मिश्र थे। जिन्‍होने अपने सम्‍बोधन में विजय कुमार को पूर्वान्‍चल व प्रदेश के यशस्‍वी पत्रकारों में से एक बताया और कहा कि इनकी कलम तो हमेशा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ व उत्‍थान-प्रगति के लिये चली है। इनमें मैं हमेशा एक युवा की तस्‍वीर देखता हूं। अध्‍यक्षता कर रहे डा0 विवेकी राय ने कहा कि विजय बाबू चक्रवर्ती हैं और आज सैकडों हाथों ने इन्‍हें सम्‍पूर्ण आदर के साथ माला पहनाकर यह खिताब दिया है। उ०प्र० के अतिरिक्‍त उर्जा राज्‍य मंत्री स्‍वतंत्र प्रभार विजय मिश्र ने कहा कि विजय बाबू को गाजीपुर गौरव का पुरस्‍कार देने से गाजीपुर का गौरव बढा है। गाजीपुर गौरव से सम्‍मानित प्रसन्‍नता से अविभूत विजय बाबू ने कहा कि हम वैसे भी गाजीपुर के लोगों के ए‍हसान से दबे थे और आज पुन: जो एहसान लाद दिया गया है, मैं प्रयास करूंगा कि उसे उतार पाऊं । कार्यक्रम में दूर-दूर से आये तमाम पत्रकारों व साहित्यकारों के साथ साथ संस्था के पदाधिकारी और गण मान्य लोग शामिल हुए। – गाजीपुर से केके की रिपोर्ट, 9415280945

होली मिलन के अवसर पर मीडिया एक्सिलेंसी अवार्डों से नवाजे गए पत्रकार

गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश का होली मिलन कार्यक्रम समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ। ‘एक शाम काव्य संध्या के नाम’’ से आयोजित इस समारोह में जनपद में पत्रकारिता के क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकारों को ‘प्रथम मीडिया एक्सलेन्सी अवार्ड’ से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पत्रकारो को प्रदान किये गये। कार्यक्रम के प्रथम चरण में सिद्धपीठ भुड़कुड़ा के पीठाधीश्वर महन्त शत्रुधन दास व यश भारती से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार के अलावा नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। जिसमें पूर्वांचल के कोने-कोने से आये मूर्धन्य कवियो ने अपनी रचनाएं पेश कर लोगो की खूब वाह-वाही लूटी। वहीं भोजपूरी कवि विनय राय बबुरंग, कवि दबंग, अश्क गाजीपुरी, जफर गाजीपुरी ने उपस्थित लोगो के बीच अपनी कविताओं का खासा प्रभाव छोड़ा। होली मिलन के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वैभव परिवार के प्रबन्ध निदेशक राजेश राय ने अपने सम्‍बोधन में पूर्वांचल के विकास पर प्रकाश डालते हुए पत्रकारों की भूमिका की खूब सराहना की। इस अवसर पर सांसद राधे मोहन सिंह ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पत्रकार ही समाज का दर्पण है और विकास के लिए इस दर्पण का होना बहुत जरूरी है। उन्होने कहा कि जल्द ही पत्रकारो के लिए भवन के अलावा उनके रहने के लिए आवास की व्यवस्था पर माननीय नेता जी व मुख्यमंत्री जी से वार्ता की जायेगी। इसके बाद बेस्ट रिपोर्टिंग एक्सिलेंसी अवार्ड से नागेन्द्र पंकज(अमर उजाला), मीडिया एक्सिलेंसी अवार्ड से विनोद मिश्रा(हिन्दुस्तान) और आशीष कुमार सिंह(राष्ट्रीय सहारा), बेस्ट मीडिया ड्राफ्टिंग एक्सिलेंसी अवार्ड से चन्द्र कुमार तिवारी(श्रीन्यूज), बेस्ट एडवांस मीडिया एक्सिलेंसी अवार्ड से कृपा कृष्ण ‘केके’, मीडिया एप्रीसिएशन अवार्ड से आलोक त्रिपाठी(साधना न्यूज), बेस्ट कैमरामैन एक्सिलेंसी अवार्ड से संजीव कुमार, बेस्ट मीडिया एप्रीसिएशन अवार्ड से आदिल उस्मानी और बेस्ट मीडिया सपोर्टिंग अवार्ड से अमित चौबे को सम्मानित किया गया। सम्मान के इस क्रम में शिक्षा क्षेत्र के लिए डालिम्स सनबीन गाजीपुर के निदेशक राहुल सिन्हा को जहां सम्मानित किया गया वहीं समाजिक कार्यो के लिए ब्रजभूषण दूबे को सोशल एक्‍टीविटी मीडिया एक्सलेन्सी अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश दूबे ने मुख्य अतिथियो को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं काव्य गोष्ठी मे सम्मिलित कवियों को पत्रकार एसोसिशन के पदाधिकारियों द्वारा अंग वस्त्रम प्रदान कर उन्हे सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अनिल उपाध्याय, सूर्यवीर सिंह, मनीष मिश्रा, अंजनी, राजेश खरवार, श्याम सिन्हा, अनिल कुमार, शशिकान्त, देवब्रत विश्वकर्मा, आर सी खरवार, गुलाब राय, आशीष शुक्ला, रविकान्त पाण्डेय, अशोक श्रीवास्तव, वी के राय, अविनाश प्रधान, विनोद सिंह, वेदू, बबलू, कमलेश, डब्बू, शशिकान्त सिंह, रविशंकर तिवारी, अजय तिवारी, विशाल, पंकज, अभिनव पाण्डेय, नरेन्द्रनाथ पाण्डेय, किशन, परवरिश सिन्हा, संजय सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रो से आये सैकड़ो पत्र प्रतिनिधी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दूरदर्शन के रिपोर्टर कमलेश राय व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े भगवती तिवारी ने किया। कार्यक्रम के अन्त में अध्यक्ष राजेश दूबे ने आभार व्यक्त किया। – गाजीपुर से केके की रिपोर्ट, 9415280945

वरिष्ठ साहित्यकार विवेकी राय को पत्नी शोक

वरिष्ठ साहित्यकार और यशभारती पुरस्कार से सम्मानित विवेकी राय की पत्नी श्रीमती कैलाशी देवी का देहान्त पिछले 30 मार्च को हो गया। वरिष्ठ साहित्यकार विवेकी राय की धर्मपत्नी श्रीमती कैलाशी देवी ने गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के सोनवानी गांव स्थित अपने पैतृक घर मे अंतिम सांसे ली। वरिष्ठ साहित्यकार विवेकी राय की धर्म पत्नी कैलाशी देवी की पहचान क्षेत्र मे मृदुल और धार्मिक स्वभाव की महिला के रुप मे थी। अपने सरल स्वभाव और सामाजिक कार्यों मे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने वाली कैलाशी देवी के 85 वर्ष की अवस्था मे निधन से क्षेत्र मे ग्रामीणों के बीच शोक की लहर है। यश भारती,महात्मा गांधी साहित्य पुरस्कार,हिंदी साहित्य के क्षेत्र मे राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्री विवेकी राय की पत्नी कैलाशी देवी का तेरहवीं संस्कार आगामी 10 अप्रैल को श्री राय के पैतृक निवास सोनवानी,गाजीपुर मे सम्पन्न होगा।

काशी में पत्रकार की गोली मारकर हत्‍या

वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराने आरटीओ के पास रविवार की रात बदमाशों ने 38 वर्षीय युवक भावेश पाण्डेय की गोली मारकर हत्या कर दी। भावेश के सिर व पीठ में तीन गोली लगी थी। परिवारजन व पुलिस कर्मी भावेश को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल में भावेश के परिवारजनों और जानने वालों की भीड़ उमड़ने लगी और देखते ही देखते हंगामा शुरू हो गया। इनका आरोप था कि भावेश पर खतरा था, इसकी सूचना एसओ सारनाथ को दे दी गई थी, बावजूद इसके उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर पुलिस के मुताबिक भावेश जमीन का धंधा करने के साथ दिल्ली की एक पत्रिका के लिए भी काम करते थे। भावेश का सेंट्रल जेल के सिपाही जैनेन्द्र पाण्डेय से सात बिस्वा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पिछले दिनों जमीन पर बनाई गई चहारदीवारी गिरा दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक यह जमीन भावेश की मां ने पिछले दिनों किसी को बेच दी थी लेकिन बैनामा नहीं हुआ था। इसी बीच जैनेंद्र ने उक्त जमीन खरीद ली लेकिन भावेश ने इससे कब्जा नहीं छोड़ा जिससे दोनों के बीच विवाद गहरा गया था। पुलिस ने घटना स्थल से नाइन एमएम के दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पत्रकार भावेश आशापुर के लोहियानगर स्थित अपने ननिहाल में रहते थे। परिजनों के मुताबिक भावेश रविवार की शाम कीनाराम स्थल से दर्शन कर लौट रहे थे। आशापुर चौराहे पर पहुंचने के बाद भावेश के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई और वह चंद्रा चौराहे से पहड़िया मार्ग पर वापस लौट रहे थे। उसी दौरान पुराने संभागीय परिवहन कार्यालय के पास पहले से ही घात लगाये बाइक सवार तीन बदमाशों ने पीछे से भावेश पर एक गोली दागी। गोली लगते ही भावेश बाइक से सड़क पर गिर पड़े और उठकर गली में भागे लेकिन बदमाशों ने पीछाकर भावेश को दो गोली और मारी जिससे लहूलुहान होकर वह वहीं गिर पड़े। इसके बाद बदमाश बाइक से भाग निकले।

रेप में असफल जीजा ने साली को किया आग के हवाले

गाजीपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र मे विवाहित महिला से रेप मे असफल रहने पर उसके जेठ ने उसे जला दिया।महिला को गंभीर हालत मे जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। घटना के बारे मे बताया जा रहा है कि गाजीपुर के मनुआपुर के रहने वाले रामवृक्ष ने करीब छह वर्ष पूर्व अपनी पुत्री की शादी महराजगंज इलाके मे रहने वाले बिट्टू के साथ की थी। विवाहिता का पति रोजगार के सिलसिले मे दिल्ली में रहता है। पीड़िता के पिता का आरोप है,कि शुक्रवार को जब उसकी बेटी अपने ससुराल मे अकेली थी, उसी दौरान विवाहिता के जेठ ने उसके साथ रेप की कोशिश की। विवाहिता के विरोध करने पर आरोपी जेठ ने महिला पर केरोसीन का तेल छिड़क कर आग लगा दिया और फरार हो गया। ग्रामीणों ने गंभीर रुप से जली महिला को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया है।स्थानीय पुलिस ने घटना की एफआईआर तक दर्ज करने से इंकार कर दिया। पीड़िता के परिजनों ने एसपी से मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है।

मैं जिन्‍दा हूं…गाजीपुर में विधवा ने लगाई गुहार

गाजीपुर में आज अचानक एक मुर्दा खुद को जिन्‍दा घोषित कराने पहुंच गया सरकारी कार्यालय। जी हां, मै जिन्‍दा हूं का नारा लगाते हुए एक विधवा पहुच गई जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय। अभिलेखों में घोषित मृतक विधवा ने प्रदर्शन करते हुए जिला प्रोवेशन कार्यालय पहुंची और गुहार लगायी कि मैं जिन्दा हूं। मेरे बच्चों पर रहम करके मुझे जिन्दा करो। इस प्रकार की मार्मिक अपील में विधवा का साथ सामाजिक संस्था समग्र विकास इण्डिया के कार्यकर्ताओं ने देते हुये दोषियों पर कार्यवाही की मांग की।

यूपी के गाजीपुर जिले के मनिहारी विकास खण्ड के लोहिया ग्राम निवासिनी सुगेन्दरी विन्द अपने हाथों में तख्ती लिये जिला प्रोवेशन अधिकारी गुलाब राम के पास पहुंची। तख्ती पर लिखा था, मैं जिन्दा हूं। साथ में मतदाता पहचान पत्र, पास बुक की भी छाया प्रति चस्पा थी। सुगेन्दरी के साथ उपस्थित जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दूबे ने बताया कि दस वर्षों से विधवा, स्व0 सुखारी बिन्द की पत्नी सुगेन्दरी को अभिलेखों में वर्षों पूर्व मृत घोषित कर उसकी विधवा पेन्शन रोक दी गयी। जिला प्रोवेशन अधिकारी ने जब अभिलेखीय परीक्षण कराया तो ज्ञात हुआ कि खण्ड विकास अधिकारी मनिहारी ने अपने पत्रांक 87 दिनांक 17 मई 2012 के अनुसार लाभार्थी को मृत दिखाया है। साक्षात मृतक को जिन्दा देख व अभिलेखीय परीक्षण कर सुगेन्दरी को जिन्दा कर दिया गया तथा उसकी पेन्शन पुनः काशी गोमती ग्रामीण बैंक बुजुर्गा के एकाउण्ट नं0 313332020009058 में प्रेषित करने का आदेश दिया।

जिले के वरिष्‍ठ समाजसेवी ब्रज भूषण दूबे ने बताया कि जिन्दा व्यक्ति को मृतक घोषित करना आपराधिक कृत्य है। पूरा मामला जिलाधिकारी को सन्दर्भित करते हुये कार्यवाही की मांग करूंगा। उनके संगठन द्वारा अब तक लगभग ढाई दर्जन मृतकों को जिन्दा कराया जा चुका है। उन्होने आरोप लगाया कि लगभग 34 हजार महिलाओं को विधवा पेन्शन प्राप्त होता है। लक्ष्‍य न होने के कारण अन्य लाभार्थियों को पेन्शन नहीं मिल पाता इसलिये विभागों से मिले दलाल सांठ-गांठ करके लाचार लोगों को कागज में मृतक दिखाकर किसी अन्य का पेन्शन जारी करा देते हैं। यह एक प्रकार का रैकेट है जिसके खिलाफ तमाम साक्ष्य होने के बाद भी कोई कार्यवाही न करना जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

— गाजीपुर से केके की रिपोर्ट, संपर्क- 09415280945

सपा ने तो राजा भैया को मंत्री बनाया था, उन्‍हें फंसायेगी क्‍यूं : रेवती रमण

कुंडा डीएसपी हत्याकांड को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार जारी है। डीएसपी हत्याकांड की जांच सीबीआई के हवाले होने के बाद गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ द्वारा पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया को निर्दोष बताने के साथ साथ उन्हें सपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं की साजिश का शिकार बनाये जाने के बयान पर सपा सांसद रेवती रमण सिंह ने कहाकि सपा ने तो राजा भइया को मंत्री बनाया था, तो सपा उन्हें क्यों फंसायेगी।

उन्होंने न्यायिक जांच की मांग के सवाल पर कहाकि डीएसपी जियाउल की पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसे प्रदेश सरकार ने पूरा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई जांच मे अगर राजा भइया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होती है, तो कार्यवाही की जायेगी।

ये बातें सपा सांसद ने आज गाजीपुर मे कही। सपा सांसद गाजीपुर के वीरपुर मे आयोजित भगवती सिंह मेमोरियल अखिल भारतीय बालीबाल प्रतियोगिता के समापन समारोह मे शिरकत करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होने ग्रामीण क्षेत्रों मे खेलों के विकास के लिए सरकार की ओर से हर संभव प्रयास करने का दावा भी किया।

गाजीपुर से केके की रिपोर्ट.

नाम मीडिया कप, खेल रहे हैं पेशेवर खिलाडी

बड़े-बड़े माफियाओं से लेकर भ्रष्टाचारी नेताओं की कलई खोलने का काम हम पत्रकारों का है। गैरसंवैधानिक रूप से ही सही, लोग जब हमें लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहते हैं तो हम अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं, पर चंद घटिया सोच रखने वाले और चाटुकार पत्रकारों की ओछी हरकतें पत्रकारिता के लिए शर्मनाक बन जाती है। ऐसे लोग चंद मिनटों के निजी फायदे के लिए पत्रकार शब्द को कौड़ियों के भाव बेच देते हैं। मै बात कर रहा हूँ दरभंगा, बिहार में हो रहे प्रमंडल स्तरीय मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट का।

नाम तो मिडिया कप है, पर मीडियाकर्मियों को यहाँ खेलने का मौका नही मिल रहा है। इस खेल में मीडियाकर्मियों के वेश में कुछ पेशेवर क्रिकेटर खेल रहे हैं जिन्हें कुछ पत्रकारों ने सह दे रखा है। इसकी जानकारी मीडिया स्पोर्ट क्लब दरभंगा को भी है, परन्‍तु उनके भी कुछ लोग अपने चंद निजी फायदे के लिए इसे नजर अंदाज कर रहे हैं। मेरा सीधा सवाल है मिडिया स्पोर्ट क्लब दरभंगा से कि अगर गैर मीडियाकर्मियों को ही खेलवाना है तो इस आयोजन का नाम मिडिया कप क्यों रखा गया है? जब एक बार किसी टीम पर पेशेवर खिलाड़ी लाने का आरोप लगा है तो फिर दुबारा उस टीम के सभी खिलाडियों के नाम और पेशे की जांच क्यूँ नही की गयी? जिस शख्स को पिछली बार मीडिया स्पोर्ट क्लब ने काली सूची में डाला था, फिर इस बार उसे कैसे खेलने दिया गया।

ऐसे ढेर सारे सवाल है जिसका जवाब मीडिया स्पोर्ट क्लब दरभंगा नही दे पा रहा है। इन्ही बातों को लेकर आज मीडिया स्पोर्ट क्लब के एक सदस्य और पत्रकार विजय श्रीवास्तव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे ये साफ़ प्रतीत होता है की मीडिया स्पोर्ट क्लब और इस आयोजन में भाग लेने वाली कुछ टीमें इस आयोजन के बहाने सिर्फ फण्ड का बंदरबांट कर रही है। अगर ऐसा नही है तो मीडिया स्पोर्ट क्लब स्वच्छ आयोजन करके दिखाए।

-अभिजीत कुमार की रिपोर्ट

भदोही के पत्रकार कोतवाल से परेशान

उ0प्र0 में जनता ही नही अब पत्रकार भी वर्दी की धौंस से परेशान नजर आ रहे है। पुलिस के एक कोतवाल की दबंगई से आजिज आने वाले पत्रकारों के साथ साथ तमाम सत्‍ता पार्टी के कार्यकर्ता और आमजन जिले से लेकर राजधानी तक गुहार लगा चुके है। इस प्रकरण को लेकर सपा के प्रदेश सचिव अनीस मंसूरी ने पुलिस कप्‍तान को कार्यवाही के बाबत पत्र भी लिखा है।  त्रस्‍त पत्रकारों का एक शिष्ट मण्डल पुलिस अधीक्षक ए.के शुक्ला से मिलकर भदोही कोतवाल द्वारा पत्रकारों के प्रति किए जा रहे दुर्व्यवहार से अवगत कराया।

इस दौरान पत्रकारों ने कहा कि भदोही कोतवाल संजय नाथ तिवारी के रहते मीडिया कर्मियों को समाचार संकलन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वे समाचार संकलन के लिये जब निकलते है तो कोतवाल के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है। आये दिन पत्रकार व कोतवाल के बीच कुछ न कुछ होता रहता है। ऐसे में मीडिया कर्मियों को जलालत झेलनी पड़ती है। यही नही कोतवाली में जब कोई मीडियाकर्मी समाचार के बाबत जाता है तो उसे कोतवाली से भगा दिया जाता है।

कोतवाल के कोपभाजन का शिकार मीडिया कर्मी ही नही नगर के ईमानदार संभ्रात व्यक्ति भी हो चुके है। आये दिन कोतवाली में फरियादियों के साथ भी दुर्व्यवहार होना आम बात हो गयी है। कोतवाल के हरकत से कोतवाली के पुलिस कर्मी भी परेशान है। हालांकि एसपी ए.के शुक्ला ने पत्रकारों को भरोसा दिलाया है कि इस प्रकरण का पूरा मामला मैं खुद देखूंगा। किसी भी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार नही होने दिया जाएगा। वहीं पत्रकारों का कहना था कि इस प्रकरण पर विराम नही लगा तो पत्रकारों का एक शिष्ट मण्डल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेगा। जहां उन्हे पूरे वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा। प्रतिनिधि मण्डल में रोहित गुप्ता, नसीर कुरैशी, आफताब अंसारी, कयूम फारूकी, डा. विनोद सम्राट, मो. फिरोज खां व शाहबाज खां समेत तमाम पत्रकार शामिल रहे।

साभार- रोहित

पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ गाजीपुर के अधिवक्‍ता आक्रोशित

गोरखपुर,चंडीगढ़ और जयपुर मे अधिवक्ताओं पर हुये लाठी चार्ज के विरोध मे गाजीपुर मे अधिवक्ताओं ने जम कर प्रदर्शन किया। वकीलों पर लाठी चार्ज की घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर मे प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुये सीएम अखिलेश यादव का पुतला फूंका।

प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुये कहाकि सरकार के इशारे पर पुलिस ने अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं की बर्बर पिटाई की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने घटना पर सख्त ऐतराज जताते हुये घटना के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने मांगे पूरी न होने पर आंदोलन का दावा भी किया।

गाजीपुर पुलिस ने किया खुलासा, पति ही निकला पत्‍नी का हत्‍यारा

पति ही निकला महिला का हत्यारा… अवैध संबंध मे रोड़ा बनी पत्नी को उतारा मौत के घाट… गला दबा कर की हत्या फिर शव को जलाया… गाजीपुर के कासिमाबाद क्षेत्र मे दो दिन पहले संदिग्ध हालत मे मिले महिला के शव की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार सुलझा ही ली। पुलिस ने महिला की हत्या के आरोप मे उसके पति और दो साथियों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है,कि गाजीपुर के कासिमाबाद क्षेत्र के बड़िहार गांव के खेत मे सोमवार की सुबह अज्ञात महिला की अधजली लाश मिली थी, ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि गांव के एक खेत मे विवाहित महिला का शव पड़ा है,पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन एक दिन गुजर जाने के बाद भी शव की शिनाख्त न हो सकी। शिनाख्त न हो पाने पर पुलिस ने अज्ञात महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस हैरत मे पड़ गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि महिला की गला दबा कर हत्या करने के बाद उसके शव को जलाने का प्रयास किया गया है। इस मर्डर मिस्ट्री को लेकर पुलिस दौड़ भाग कर रही थी, कि इसी दौरान पुलिस टीम को ऐसे सूत्र मिले कि पुलिस वाले भी हैरत मे पड़ गये। मुखबिरों से पता चला कि शव क्षेत्र की ही रहने वाले श्रीनिवास की पत्नी उर्मिला का है। पुलिस टीम जब उर्मिला के घर पहुंची तो पति फरार मिला। जांच कार्यवाही मे जुटी पुलिस को आस पड़ोस से कई चौंकाने वाली बातें मालूम हुई। तप्तीश के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि उर्मिला के पति श्रीनिवास का एक रिश्तेदार महिला से अवैध संबंध था, जिसका उर्मिला पुरजोर विरोध करती थी। अब पुलिस टीम को फरार पति की तलाश थी। खोजबीन कर रही पुलिस टीम ने मुखबिरों की सूचना पर जब पति को गिरफ्तार किया तो इस मर्डर मिस्ट्री की उलझी सारी कड़ियां खुल गयीं। आरोपी पति के मुताबिक नाजायज संबंध की खिलाफत करने वाली पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाने के बाद उसे गांव से बाहर एक खेत मे बहाने से ले जाया गया। जहां पहले से ही पति के दो साथी उनका इंतजार कर रहे थे। तीनों ने मिल कर उर्मिला को गला घोंट कर मार डाला और उसके बाद अपराध छिपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की। शव पूरी तरह जल नही पाया। ऐसे मे हत्यारा पति अपने साथियों के साथ भाग निकला। तीनों की योजना थी कि शव की शिनाख्त नही हो पायेगी और वे साफ बच जायेगें। फिलहाल पुलिस ने हत्यारे पति समेत वारदात को अंजाम देने वाले उसके दोनो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानवरों से भी बदतर है मेनका गांधी के स्‍कूल के शिक्षकों की दशा

पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए अभियान चलाने वाली मेनका गाँधी के विद्यालय के अध्यापको की दशा जानवरों से भी बदतर है । शोषण अन्याय के खिलाफ अध्यापक आन्दोलन की राह पर है । अध्यापकों ने महंगाई की मार से बचाने के लिए वेतन बढ़ाने की मांग की तो उन्हें निष्कासित कर दिया गया । मनरेगा मजदूरों की मजदूरी से कम वेतन पाने वाले एम० एड० तथा बी० एड० की डिग्री लेकर बच्चों को पढ़ने वाले अध्यापक ताला बंद हड़ताल पर बैठ गये है ।

कालीन बुनकरों व गरीब बच्चों को शिक्षा देने के नाम पर मीरजापुर जिले के छानबे विकास खण्ड अंतर्गत कलना गाँव में रग मार्क जूनियर हाईस्कूल संचालित है । विद्यालय में 187 बालक बालिकाओं को 9 अध्यापक शिक्षा प्रदान करते है । तीन माह से अध्यापकों को वेतन नही मिला है । महंगाई से त्रस्त आम इन्सान होने के नाते अध्यापकों ने वेतन वृद्धि की माँग की तो एक साथ 5 अध्यापको का तबादला वर्तमान विद्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर के विद्यालयों पर कर दिया गया । उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद मात्र 3414 (तीन हजार चार सौ चौदह ) रूपये में काम करके बेरोजगारी के कलंक से मुक्ति पाने वाले अध्यापकों को दो दिन बाद ही निलम्बित कर दिया गया । संस्था के प्रबंध तंत्र के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर अध्यापक धरना प्रदर्शन पर बैठ गये है । प्रधानाचार्य अशोक शर्मा , अध्यापक आशुतोष चतुर्वेदी का कहना है कि पशु पक्षियों से प्रेम करने एवं उनके संरक्षण के लिए आवाज़ बुलंद करने वाली मेनका गाँधी रगमार्क संस्था की चेयर परसन है । इस संस्था को बच्चों के शिक्षा के लिए जर्मनी तथा विश्व बैंक से अनुदान प्राप्त होता है । विदेशी धन आने के बावजूद विद्यालय में अध्यापको की दशा जानवरों से भी बदतर है । इनकी गुहार सुनने के बजाय तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है । इलाके में तमाम विद्यालय होने के बाद भी अच्छी शिक्षा देने के लिए विख्यात रगमार्क स्‍कूल में जूनियर हाई स्कूल होने से सैकड़ो अभिभावकों ने अपने बच्चों का प्रवेश कराया । दस बारह वर्षो से बच्चों को पढ़ा रहे अध्यापक कल तक अच्छे थे, आज वेतन वृद्धि की माँग किया तो वह उनका अपराध बन गया । अध्यापको के हड़ताल पर जाने से पठन पाठन बंद है । विद्यालय में ताला बंदी व हड़ताल से अभिभावक चिन्तित है आखिर उनके बच्चों का भविष्य दाँव पर लगा है । पूर्वांचल के चार जिलों में संस्था के सात विद्यालय संचालित है । वाराणसी में एक , इलाहाबाद में एक , भदोही (संत रविदास नगर ) – 4 तथा मीरजापुर में एक विद्यालय खुला है । जिसको वाराणसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा संचालित किया जाता है । अध्यापकों के तमाम आरोपों को क्षेत्रीय प्रबन्धक संजीव मिश्र ने अनुशासन हीनता बताया । कम वेतन पर संस्था के ऊपर वालो तक बात पहुचाने को कह कर किनारा कस लिया । सभार- नितिन अवस्‍थी

ट्रैफिक कुप्रबंधन से नाराज नागाओं ने पुलिस जीप पर किया कब्जा

काशी में यातायात की समस्या काफी पुरानी है और उसका निराकरण शून्य प्रतीत होता रहा है। इस समस्या से काशीवासी भले ही रोजाना दोचार होने के बावजूद शान्त पडे रहते हों किन्तु आज नागा साधूओं ने अपने निराले अंदाज में इसका जमकर विरोध प्रदर्शित किया। वाराणसी के सबसे व्यस्त इलाके कबीर चौरा के पास उस समय सबकी निगाहे पुलिस की एक जीप पर ठहर गयी जब नगर में प्रवेश कर रहे नागा सन्यासियों ने पुलिसकर्मियों को उन्ही के जीप से उतार कर उस जीप पर कब्ज़ा जमा लिया। इतना ही नहीं नागा सन्यासियों ने अपना आक्रोश जताते हुए जीप की बोनट पर चढ़ जमकर नारे बाज़ी भी की, ये सभी नागा साधू शहर के ट्राफिक व्यवस्था से नाराज थे। नागा बाबाओं का जुलूस पुरे शान-शौकत और धूम धडाके के साथ निकला गया था जिसमें हजारो नागा साधू-सन्यासी परम्परागत रूप से शामिल हुए। उत्साह और जोश में उन्होंने सुरक्षा ब्यवस्था को भी ताक में रख दिया और पुलिस की गाडी पर कब्जा करके चढ़ गये। नागा सन्यासियों को इस बात को लेकर खासा गुस्सा था कि रास्ते पेशवाई निकलनी थी ,पुलिस ने कोई ट्राफिक प्लान नहीं किया था । जिसकी वजह से सन्यासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। समाज की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी इन नागा सन्यासियों के आगे घंटों मूकदर्शक बने रहे। कुंभ के समापन पर नागा सन्यासियों का काशी आकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन की हजारो साल पुरानी परम्परा है । इसी परम्परा के तहत नागा सन्यासी और महा मंडलेश्वर की सवारी ने आज काशी में नगर प्रवेश किया।

कुदरत का अजूबा – पेड़ के उपर पेड़

कुदरत का अजूबा… गाजीपुर के दिलदारनगर क्षेत्र पेड़ों के उपर पेड़ लोगों के लिए बना हैरत का कारण। क्षेत्र में पकड़ी और पीपल के कई विशाल वृक्षों पर 20 से 30 फिट उंचे ताड़ के पेड़ कुदरत के अजूबे को दिखला रहे हैं। पचासों सालों से खड़े ये पेड़ बरबस ही लोगों को अपनी ओर खींच लेते हैं। जहां स्थानीय आज तक इसे प्रकृति का चमत्कार मान रहे थे वही अब विशेषज्ञों की इस पर अपनी अलग राय है। कुदरत का चमत्कार बना हुआ है हैरानी का कारण। जिले के दिलदारनगर क्षेत्र में एक गांव में कई पीपल और पकड़ी के पेड़ों पर है ताड़ के पेड़। विशाल वृक्षों के ठीक उपर खड़े ताड़ के पेड़ विल्कुल चमम्कारिक दिखाई पड़ते हैं क्योकि इन ताड़ों की जड़ों और जमीन के बीच 20-30की उचाई है। बीना सीधे जमीन के सम्पर्क के हवा में खड़े इन पेड़ों को देख लोग कुदरत का चमत्कार मान रहे है।क्योंकि तीसों फिट के वृक्षों के उपर बीसों फिट का तड़ का पेड़ अजब ही है। लोग भले ही सालों से इसे कुदरत का अजूबा मान रहे हो लेकिन विशेषज्ञ इस स्थिति कि वैज्ञानिक तरीके से सम्भव करार दे रहे है। बल्कि उनका कहना है कि ऐसी ही स्थिति मे आज एक ही वृक्ष पर कई प्रजाति के पेड़ों को उगाया जा रहा है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि यह वैज्ञानिक खोज आज के समय की है जबकि यह पेड़ के उपर पेड़ तो पचासों साल से ऐसे ही हैं। जो चीजें स्थानीय अपने बचपन से देख रहे हैं और कुदरत का अजूबा मान रहे है उसके विषय में आज हो रहे शोध उनकी पूरानी धारणा को बदलने में असमर्थ है। आज भी स्थानीय लोग इन पेड़ों को देखकर अचम्भित हो जाते हैं और इसे कुदरत का अजूबा ही मानते है।

गाजीपुर में हड़ताल के दौरान बवाल, प्रदर्शनकारियों ने सरकारी गाड़ी को किया चकनाचूर

श्रमिक संगठनों की हड़ताल को समर्थन के लिए जुलूस लेकर आ रहे भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर सदर कोतवाली क्षेत्र मे एक सरकारी कार में ही जमकर तोड़फोड़ कर दी। घटना क्षेत्र के लंका इलाके की है। घटना के बारे मे बताया जा रहा है, कि भाकपा माले कार्यकर्ता आज श्रमिक संगठनों की हड़ताल के समर्थन मे शामिल होने के लिए जुलूस की शक्ल में जिला मुख्यालय आ रहे थे।

प्रदर्शनकारियों का जुलूस लंका क्षेत्र मे पहुंचा, कि इसी दौरान एन.एच.29 पर तेज रफ्तार से गुजर रही भारत सरकार लिखी एक सरकारी कार ने जुलूस मे शामिल कई कार्यकर्ताओं को धक्का मार दिया। इस दुर्घटना मे जुलूस मे शामिल करीब आधा दर्जन कार्यकर्ता घायल हो गए। कार्यकर्ताओं के घायल होने से प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो उठे और भारत सरकार की नेम प्लेट लगी इस कार मे जमकर तोड़फोड़ की। सूचना पाकर मौके पहुंची पुलिस ने घायल कार्यकर्ताओं के जिला अस्पताल पहुंचाया।

गाजीपुर से केके की रिपोर्ट.

विन्ध्य मैराथन में सांसद समेत एक हज़ार लोगो ने लगाई दौड़

उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में रचा गया इतिहास…. पहली बार हुआ विन्ध्य मैराथन…… जनपद की प्रतिभाओं को निखारने और बढ़ावा देने के लिए विंध्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया । सिटी क्लब से सांसद बाल कुमार पटेल ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया । इस आयोजन में बच्चों से लेकर बूढ़े तक भाग लेने में पीछे नही रहे । नगर के विभिन्न सडकों से गुजरते हुए धावकों में गजब का उत्साह दिखा । पांच किलोमीटर की इस प्रतियोगिता में लगभग एक हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विंध्य मैराथन का आयोजन सोनभद्र पुनर्निर्माण समिति ने विन्ध्याचल मंडल मुख्यालय मीरजापुर में इस प्रकार का आयोजन पहली बार किया। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े जनपद में प्रतिभाओं को आगे लाना हैं । इस आयोजन को लेकर जहाँ आयोजक उत्साहित रहे वहीँ प्रतिभागियों के साथ ही नगर की जनता ने भी सड़क के किनारे खड़ा होकर धावकों का हौसला बढाया । सिटी क्लब से सांसद बाल कुमार पटेल ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया। पांच किलोमीटर की इस प्रतियोगिता में लगभग एक हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया इसके पश्चात आयोजित एक किलोमीटर के रन फार फन प्रतियोगिता में सांसद, स्थानीय प्रशासन समेत तमाम लोग शामिल हुए। यह प्रतियोगिता सिटी क्लब से शुरू होकर रामबाग तिराहा, जिला पंचायत मार्ग, रमईपट्टी तिराहा होते हुए सिटी क्लब में समाप्त हुआ । विंध्य मैराथन के आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य सभी के सहयोग और सहभागिता के लिए था जिसमें यह पूरी तरह सफल रहा है । सभार- नितिन अवस्थी, पत्रकार मीरजापुर

हिंदी पत्रकारिता की पराड़कर परम्परा का अंत

वयोवृद्ध वरिष्टतम पत्रकार एवं दैनिक समाचार पत्र “आज ” के पूर्व संपादक गिरिजाशंकर राय “गिरीजेश” का 16 फरवरी 2013 को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में 80 वर्ष की आयु में हृदयाघात के कारण निधन हो गया . पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर के गाँव उधरनपुर में 1933 में पैदा हुए गिरिजेश जी ने पांच दशको से ज्यादा लम्बा समय हिंदी पत्रकारिता में व्यतीत किया और उसको अपना अमूल्य योगदान दिया। गिरिजेश राय समाचार पत्र आज के बरेली, गोरखपुर एवं वाराणसी संस्करण में संपादक रहे,उन्होंने हिंदी पत्रकारिता में अविस्मरणीय योगदान के साथ-साथ हिंदी एवं भोजपुरी साहित्यकार की भूमिका भी बखूबी निभायी। रेस का घोडा, तनिबोला हो मैना और सेविका उनके प्रसिद्ध कहानी संग्रह है . भोजपुरी साहित्य में राय जी के योगदान को देखते हुए उत्तर प्रदेश के वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने हिंदी स्नातक के पाठ्यक्रम में उन्हें जगह दी वही बिहार के वीर कुंवरसिंह विश्वविद्यालय आरा के हिंदी विभाग में उनकी कहानियो पर शोध कार्य चल रहा है। राय जी के निधन से हिंदी पत्रकारिता एवं साहित्य जगत में एक ऐसा स्थान रिक्त हो गया है जिसे भर पाना अब शायद ही मुमकिन हो। हिंदी पत्रकारिता का मापदंड स्थापित करने वाले संपादकाचार्य बाबूराव विष्णुराव पराड़कर के प्रिय शिष्यों में से एक गिरिजेश जी के निधन से पूरे भारत ही नहीं अपितु मोरिशस, त्रिनिनाद टोबेगो जैसे हिंदी एवं भोजपुरी बाहुल्य देशों में भी शोक की लहर दौड़ गयी है अपने जीवन के अंतिम दो दशक गोरखपुर के पत्रकारपुरम कॉलोनी में व्यतीत करने वाले गिरिजा शंकर राय “गिरिजेश” के निधन पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है उन्होंने कहा की गिरिजाशंकर राय का निधन पत्रकारिता एवं भोजपुरी साहित्य जगत की एक अपूरणीय क्षति है। गिरिजाशंकर राय के निधन पर विभिन्न राजनीतिकदलों ,साहित्यिक संगठनों समेत भोजपुरी फिल्म जगत के नामचीन हस्ती रविकिशन एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदम्बिका पाल ने भी इसे दुखद समाचार बताया। अपने बीच से छ्त्रप तुल्य वयोवृद्ध पत्रकार के चले जाने से समूची पत्रकारिता जगत शोकाकुल है। साभार- श्रीराम राय “कमलेश” , पत्रकार/साहित्यकार

निजी कार्यक्रम में सरकारी विमान की सवारी …अजी हद कर दी आपने

शासन के कैविनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव की निजी यात्रा राजकीय विमान से किये जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुये आम आदमी पार्टी के गाजीपुर जिला संयोजक एवं जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दूबे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं मुख्य सचिव को ई-मेल किया है। अपने ईमेल के माध्यम से उन्होने इस प्रकार के वैवाहिक कार्यक्रमों में राजकीय विमान से मंत्री को भाग लेना दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये इस व्यय को स्वतः व्यय करते हुये कार्यवाही की मांग किया है! श्री दूबे ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि 15 फरवरी को प्रदेश शासन के लोक निर्माण, सिंचाई, सहकारिता एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव अमौसी एयरपोर्ट से राजकीय विमान से चलकर गाजीपुर अन्धउ हवाई पटटी पहुंचे थे और वहां से सीधे शहर के रौजा स्थित पार्टी के एक नेता के घर वैवाहिक कार्यक्रम में भाग लिये। मंत्री जी वैवाहिक समारोह से सीधे अन्धउ हवाई पटटी आये और लखनउ के लिये रवाना हो गये। उन्होने न तो कोई जांच किया और न ही अधिकारियों के साथ कोई समीक्षा बैठक ही। इस सम्बन्ध में मंत्री के निजी सचिव राम सिंह के हस्ताक्षर से जारी प्रोटोकाल पत्रांक 786 दिनांक 14 फरवरी को फैक्स संदेश के माध्यम से जारी किया गया था जिसकी कापी भी श्री दूबे ने मेल के साथ संलग्न किया है। श्री दूबे ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे इस मामले की त्वरित जांच कराकर राजकीय विमान का खर्च सम्बन्धित मंत्री से जमा करायें तथा दोषी मंत्री, सम्बन्धित विभाग के विरूद्ध कार्यवाही करें। यह पैसा आम जनता की गाढी कमाई का है तथा एक गम्भीर प्रकार का अपराध व भ्रष्टाचार भी। उन्होने शासन के मुख्य सचिव को भी मेल कर अपने स्तर से तत्काल कार्यवाही करते हुये अवगत कराने का अनुरोध किया है।

गाजीपुर स्थित दूसरा ताजमहल देता है पवित्र प्रेम की प्रेरणा

प्रेम का इतिहास लैला-मजनू, रोमियो-जूलियट, हीर-रांझा जैसे बेशुमार प्रमियों की अनूठी प्रेम दास्तां से भरा पड़ा है। इन अनूठी प्रेम कहानियों में मुमताज और शाहजहां की प्रेम दास्तां आज भी ताजमहल के रूप में दुनिया के सामने है। अपनी प्रेमिका मुमताज की याद में मुगल बादशाह शाहजहां ने ताजमहल की तामिर कराकर जहां अपने अनूठे प्रेम को अमर कर दिया वहीं गाजीपुर के एक मामूली किसान ने अपनी पत्नी की याद में भव्य मंदिर बना डाला है। जी हां, गाजीपुर के इस शाहजहां ने अपनी पत्नी की मौत के बाद उसकी स्मृति को अमर रखने के लिए न सिर्फ पत्नी मंदिर बनवा रखा डाला बल्कि बकायदा मंदिर में पत्नी की मूर्ति स्थापित कर अपने पवित्र प्रेम की मिशाल कायम की है।गाजीपुर का ये पत्नी मंदिर दूर दूर तक लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। ‘‘न उम्र की सीमा हो न जन्म का हो बन्धन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन’’ गाजीपुर के करण्डा क्षेत्र के एक मामूली किसान रामनाथ यादव की जिन्दगी में ये बात पूरी तरह खरी साबित हुई। जीवन के अन्तिम पड़ाव के करीब होने के बावजूद उनके जेहन में अपनी पत्नी की याद बनी रहीं और ये स्मृतियां हमेशा अमर रहें इसी ख्वाहिश के चलते उन्होनें अनूठा कदम उठा डाला। आज से करीब 17साल पहले रामनाथ की शरीकेहयात उनका साथ छोड़ भगवान को प्यारी हो गई। पत्नी सनजाफी देवी की मौत के बाद जिन्दगी की डगर पर अकेले खड़े रामनाथ ने प्रिय पत्नी की स्मृतियों को सहेजने का मन बना लिया। ऐसे में उनका प्रेम अमर रहे की बुनियाद पर उन्होने पत्नी मंदिर का निर्माण करवा डाला। मंदिर में तमाम देवी देवताओं की मूर्तियों के साथ मुख्य भवन में सनजाफी देवी की प्रतिमा भी स्थापित कर डाली तब से आज तक रामनाथ के परिवार वाले इस मंदिर में पूजा अर्चना करते आ रहे है। शाहजहां की तर्ज पर अपने गांव में पत्नी की याद में मंदिर का निर्माण कराने वाले रामनाथ के फैसले को पहले तो क्षेत्र के लोगों ने अजीब नजरों से देखा लेकिन उनके इस कदम में उनके तीनों लड़के उनके साथ खड़े रहे। 3मई1995 को पत्नी सनजाफी देवी के निधन के बाद अक्टूबर 1995 से शुरू हुआ मंदिर का निर्माण कार्य सितम्बर 1997 को खत्म हआ। मंदिर में बकायदा पत्नी की प्रतिमा स्थापित कर रामनाथ सनजाफी देवी की पूजा भी करते रहे। लेकिन लम्बी बिमारी के चलते लखनउ में उन्हे अपना स्थायी आशियाना बनाना पड़ा जहां सालभर भर पहले उनकी मृत्यु हो गई। बावजूद इसके उनकी गैर मौजूदगी में भी ये सिलसिला नही टूटा। अब गांव में रह रहे उनके पुत्र अपनी मां को देवी मानकर पूजा कर रहे है। प्रेम में एक दूसरे के लिए सबकुछ न्यौछावर कर देने की मिशाल नई नही है और एक दूजे के लिए अपना सबकुछ समर्पित करदेने की परम्परा भी न जाने कब से चली आ रही है। शायद रामनाथ भी प्रेम के उसी डगर के राही थे और पत्नी के निधन के बाद उनकी याद में मंदिर बनाकर उन्होने इस बात को सच साबित किया । ऐसे में रामनाथ का पवित्र प्रेम न जाने कितने ही प्रेमियों को पवित्रता और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा। फिलहाल शाहजहां की तर्ज पर अपनी प्रेयसी की स्मृतियों को अमर रखने की ख्वाहिश के साथ बनवाया गया यह पत्नी मंदिर सचमुच गाजीपुर के लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है और यही वजह है कि लोग रामनाथ के अमर प्रेम के कायल बनते जा रहे है।

गाजीपुर समेत पूरे वाराणसी मंडल में दैनिक जागरण नं. वन

उ.प्र.के प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों की प्रसार संख्या के मुताबिक वाराणसी मंडल में 2 लाख 25 हजार प्रतियों की प्रसार संख्या के साथ दैनिक जागरण नंबर वन बना हुआ है। अमर उजाला की वाराणसी मंडल मे प्रसार संख्या 2 लाख के करीब चल रही है, जबकि हिंदी दैनिक हिन्दुस्तान 1 लाख 60 हजार प्रतियों की प्रसार संख्या के साथ तीसरे स्थान पर है।

ये आंकड़े तीनो समाचार पत्रों के वाराणसी संस्करण के तहत 9 जिलों वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर, चन्दौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, मऊ मे प्रतिदिन कुल प्रतियों की प्रसार संख्या पर आधारित हैं। गाजीपुर मे प्रतिदिन दैनिक जागरण 30 हजार, अमर उजाला 25 हजार जबकि हिन्दुस्तान 15 हजार प्रतियों की प्रसार संख्या रखते है।

यशवंत बने ‘‘आप’’ के सदस्य

अपनी बेबाक कलम और निराली शैली से लोगों को जब तब चौंकाने वाले भड़ास फार मीडिया के संपादक यशवंत सिंह एक बार फिर कुछ नया करने के मूड मे नजर आ रहे हैं। कई मीडिया ग्रुप और मीडिया हाउसों की सात तालों मे बन्द खबरों को पूरी दुनिया मे प्रकाशित करने और इस काम के पारिश्रमिक के रूप मे जेल यात्रा का सुख लूटने वाले यशवंत अब राजनीति की रपटीली राहों पर पैर रख चुके हैं।

जी हां! 'भड़ास' चीफ यशवंत 'आप' चीफ अरविंद केजरीवाल की 'आम आदमी पार्टी' की सदस्यता सूची मे शामिल हो चुके हैं। यशवंत सिंह ने गाजीपुर में आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। पार्टी के जिला संयोजक ब्रजभूषण दुबे की मौजूदगी मे यशवंत सिंह समेत कई स्थानीय पत्रकार आम आदमी पार्टी से जुड़े। मीडिया की अंदरुनी खबरों से लेकर देश के सामयिक मुद्दों पर बेबाक कलम चलाने वाले यशवंत ने पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर बेशक अभी जुबान नहीं खोली है, लेकिन अपनी कार्यप्रणाली और कलम की ताकत से सबको चौंकाने वाला ये पत्रकार इस मसले पर खामोश रहे, ये मुमकिन नहीं, ऐसे में आम आदमी पार्टी का ये सदस्य भविष्य को लेकर क्या मंसूबे बना रहा, अभी शायद किसी को मालूम नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि अपने कामों और जिंदगी में एक्सक्लूसिव तलाशने वाले जुनूनी की भूमिका भी सनसनीखेज ही रहेगी।

शिकंजे में नटवरलाल, जिसके फोन से कांपते थे गाजीपुर के अफसर

हैलो एसडीएम बोल रहा हूँ…. हैलो एसडीएम सदर बोल रहा हूँ, दो एसी टिकट रिजर्व कर दो… हैलो एसडीएम जखनियां बोल रहा हूं, फलाँ मामले मे क्या कर रहे हो….. फलाने के पक्ष मे रिपोर्ट लगा देना। कुछ ऐसी ही फोन काल से गाजीपुर के कई सरकारी महकमे पिछले तीन महीने से हैरान परेशान थे। फोन पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर धौंस जमाने वाले एक फर्जी एसडीएम को गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने फर्जी एसडीएम को इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के सहारे जिले के बिरनों थाना क्षेत्र मे धर दबोचा। इस नटवर लाल ने पिछले तीन महीनों से जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की नाक मे दम कर रखा था। पुलिस ने गिरफ्तार फर्जी एसडीएम के पास से आधा दर्जन सिम समेत कई मोबाइल बरामद किये है। पुलिस के मुताबिक गाजीपुर के बिरनों क्षेत्र मे रहने वाला युवक संजीव सिंह जिले के कई अधिकारियों को फोन पर खुद को एसडीएम बताकर न सिर्फ धौंस जमाता था,बल्कि पूरी हेकड़ी के साथ विभिन्न मामलों मे कार्यवाही का आदेश भी देता था।

इतना ही नही इस नटवर लाल ने कई पुलिस वालों रेलवे अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों से रौब गांठ कर पैसों की वसूली कर रखी थी। पुलिस वालों और प्रशासनिक अफसरों को चिकरघिन्नी बना देने वाले इस फर्जी एसडीएम की टोह मे कई दिनों से एसओजी और पुलिस सर्विलांस के सहारे लगी थी। फिलहाल पुलिस ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की आँखों की नींद उड़ा देने वाले इस शातिर दिमाग युवक को गिरफ्तार कर लिया। सेना का कैप्टन, मेजर तो कभी मंत्री का पीए या पीसीएस अफसर बनकर प्रशासन के नाक में दम करने वाला नटवरलाल आखिर गाजीपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यह ठग संदीप सिंह बिरनो थाने के औढ़ारी का रहने वाला है। उसके कब्जे से चार मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। अपने गांव के मठ को लेकर वह एसडीएम जखनियां अमित को आए दिन हड़काता था। कभी खुद को मंत्री ओमप्रकाश सिंह तो मंत्री ब्रह्मदत्त त्रिपाठी का निजी सचिव बन कर एसडीएम को फोन करता कि वह विवाद अमूक के पक्ष में कर दें।

इसी तरह हाल ही में संपन्न हुए सेना भर्ती मेला में उसने अधिकारियों को कैप्टन बताते हुए बेजा दबाव बनाता था। यही नहीं अधिकारियों को आयकर अधिकारी बन कर काम न करने पर छापामारी करने की धमकी देकर काम करने को भी कहता था। इस शातिर फर्जी एसडीएम को हिरासत मे लेकर जिले के दो एसडीएम और कई थाना प्रभारी पूरी रात पूंछताछ करते रहे।पूंछताछ करने वाले अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने हैरतभरे अंदाज मे बताया कि मामले का पर्दाफाश होने पर पता चला कि इसी युवक ने कई दफे फोन पर उनको भी धौंस देते हुए कार्यवाही के आदेश दिये थे,और जमकर हड़काया भी था।

गाजीपुर से के.के. की रिपोर्ट.