मतदान न कर पाने से क्षुब्ध व्यक्ति ने किया आत्मदाह, न्यायिक जाँच की मांग

आँवला लोकसभा क्षेत्र के देवचरा में मतदान  केंद्र के भीतर कथित रूप से मतदान न कर पाने से क्षुब्ध हरिसिंह की मृत्यु की न्यायिक जाँच की मांग

महोदय,
            उपरोक्त
विषयक निम्नांकित तथ्य आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं:

1. दिनांक 17 अप्रैल 2014 को मतदान के दौरान आंवला लोक सभा क्षेत्र के देवचरा में राम भरोसे इंटर कॉलेज मतदान केंद्र के बूथ संख्या 310 के वोटर संख्या 1309 हरि सिंह को कथित रूप से मतदाता पर्ची न होने की वजह से कई प्रयासों के बाद भी वोट नहीं डालने दिया गया। इससे कुपित होकर उसने मतदान प्रक्रिया के दौरान ही मतदान केंद्र के अंदर तमाम सुरक्षा बलों, सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों व मतदाताओं की मौजूदगी में ही केरोसिन डालकर आत्मदाह कर लिया। 90 प्रतिशत जल जाने के कारण कुछ ही देर में जिला अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गयी।

 

 

 2. मृतक कपड़ों पर ज़री कढ़ाई की डिजायनें तैयार करता था। यही उसके परिवार, जिसमें उसकी बूढ़ी माँ, पत्नी और पांच अवयस्क बच्चे हैं, की आय का एक मात्र स्रोत था।

3. प्रशासनिक जांच के मुताबिक मृतक नशे में था, अवसाद ग्रस्त था तथा पत्नी से झगड़ कर आया था तथा इस घटना का मतदान से कोई सम्बन्ध नहीं है।

4. हमारी संस्था के 6 सदस्यीय दल ने कल मृतक के परिवार, पड़ोसियों व साथियों से मुलाकात की। इन सभी के बयानों के मुताबिक मृतक न तो अवसाद ग्रस्त था, न ही शराब पिए था और न ही पत्नी से झगड़ कर आया था। वह पत्नी के साथ ही वोट डालने आया था। आरोप है कि मतदान से पूर्व कोई भी पर्ची मृतक को नहीं दी गयी जिसकी वजह से उसके पास कोई पर्ची नहीं थी, इसी कारण उसे वोट नहीं डालने दिया गया, उसने तीन बार वहां मौजूद लोगों से गुहार की, हर बार उसे झिड़क दिया गया। इनका आरोप है कि इसी से कुपित होकर मृतक ने ये आत्मघाती कदम उठाया। पत्नी तथा मृतक के साथ काम कर चुके फहीम के बयानों  का विडिओ छायांकन सुरक्षित है।

5. मृतक का 7 सदस्यीय परिवार जाति से जाटव(दलित), बेहद गरीब, साधनहीन है जिसमें कोई भी वयस्क पढ़ा लिखा नहीं है। यह भूमिहीन परिवार फूस की बनी झोपडी में रहता है।

6. उपरोक्त परिस्थितियों में न्यायहित में होगा कि हरी सिंह की मृत्यु की परिस्थितियों की विशेषरूप से मतदान कर्मियों की भूमिका की न्यायिक जांच हो तथा यदि इसके लिए जो भी लोग जिम्मेदार हों उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही अमल में लायी जाय।

हमारी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जाँच कराकर इस दलित, नितांत बेसहारा और साधनहीन परिवार के साथ न्याय किया जाय ताकि करके लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे।

भवनिष्ठ,

डॉ. प्रदीप कुमार,
सचिव
जागर जन कल्याण समिति (पंजीकृत ग़ैर सरकारी सोसायटी)
498 कर्मचारी नगर, बरेली 243 122    
Mobile: 9719122372

Bhadas Desk

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