मजीठिया का लाभ न मिलने से निराश दैनिक भास्कर ग्रुप के एक मीडियाकर्मी का पत्र

दैनिक भास्कर ग्रुप में पिछले एक वर्ष से काम कर रहे एक साथी ने मेल लिख कर भड़ास से अपनी पीड़ा साझा की है। एमबीए डिग्रीधारी और साढ़े तीन वर्षों का तजुर्बा रखने वालो इस साथी को मात्र 11200/- रुपए मिलते हैं जबकि उसने एमबीए की पढ़ाई के लिए बड़ा लोन भी लिया था। उसे बड़ी उम्मीद थी कि मजीठिया लागू होगा और उसके वेतन में बढ़ोत्तरी होगी। लेकिन सभी कुछ उसकी उम्मीदों के विपरीत हो रहा है। पढ़िए भड़ास को भेजा गया पत्रः

Dear,

As you are aware that big media houses like-Hindustan (Hindi), Punjab Kesari etc. are generating specific methods to escape from huge monetary loss.

Giant media groups like-Dainik Bhaskar, Rajasthan Patrika had created parallel agencies and most of employees are not on the pay role of Dainik Bhaskar, Patrika etc. while these employees are working under these agencies as per legal considerations.So, if any person file a writ against these news papers, will be defeated by law.

This is such an insane.Its totally harassment of talents, while such groups generate good profits by these talents.

I am working with Dainik Bhaskar Group from last one year and have total 3.5 years of work experience, also have done MBA from top institute of Bangalore where my salary is surprising (It's only Rs. 11200/- monthly) which is not even sufficient monthly expanses for me alone.I am carrying big compromise, taken edu loan of Rs. 6300000 for MBA.You know, I have achieved my yearly target in first 2 quarters which is approx. 50 times of my salary and now on a growth of 100+% even after excellent growth i have nothing as appreciation and motivation.But still I have to continue my job here.What to do????

See, I just wanted to give you a situation that what is ground realty about such big groups where front line employees get pissed.

Thank you

 xyz


पत्र भेजने वाले ने अपना नाम न प्रकाशित करने का अनुरोध किया है.

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