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ओमिक्रोन से पीड़ित पत्रकार बिचित्रमणि राठौर की सलाह- ‘मुश्किल और पीड़ादायी हालात से गुजरा हूं, इसलिए आप इसे हल्के में न लें’

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बिचित्रमणि राठौर-

जो लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, उनसे भी और जो सौभाग्य से बचे हुए हैं, उनसे भी मैं एक बात कहना चाहूंगा कि कोरोना को हल्के में किसी हाल में ना लें। भले ही सरकारें कह रही हों कि वो पूरी तरह तैयार हैं।

भले ही नए वेरिएंट ओमिक्रोन के बारे में कहा जा रहा कि ये बहुत मामूली है, हल्की खांसी जुकाम जैसा है लेकिन सच्चाई ये है कि ये भी बुरी तरह तोड़ देने वाला है।

मैं इस वक्त कोरोना की चपेट में हूं और पिछले पांच दिनों में किस मुश्किल और पीड़ादायी हालात से गुजरा हूं, इसे मैं ही जानता हूं। व्यक्तिगत समस्याओं को सार्वजनिक करने में मुझे संकोच होता है। फिर भी इसे लिख रहा हूं तो इसलिए कि आप लोग अपना ख्याल रखिए।

सामाजिक दूरी का पालन कीजिए। मास्क पहनिए। सतर्क रहिए। आपकी सतर्कता कई सारी जिंदगियों की मुस्कान बन सकती है।

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