इस टीवी पत्रकार ने अपने ही मकान मालिक को ‘पीड़ित’ से ‘आरोपी’ बना डाला!

Yashwant Singh : एक टीवी पत्रकार जिस मकान में रह रहा है, उसे अब कब्जाने की ताक में है। मकान खाली करने की नोटिस अवधि बीत जाने के बाद भी वह जमा हुआ है और अपने मकान मालिक को तरह तरह से डरा धमका रहा है। दिल्ली के दो थानों में मकान मालिक की फ़र्ज़ी शिकायत की। कई पुलिस वालों से फोन कराया। अब यूपी में ig के यहां अप्लीकेशन दे आया है। कोशिश है कि मकान मालिक जेल चला जाए, डर जाए और उससे मकान खाली न कराए।

मामला गाजियाबाद के इंदिरापुरम का है!

मकान मालिक पुलिस में सफाईं देते, दुहाई सरकार कहते घूम रहा है। टीवी पत्रकार को उसके चैनल news24 का संरक्षण हासिल लगता है। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर पत्रकार खुद को पीड़ित और मकान मालिक को आरोपी-अभियुक्त बनाने पर तुला हुआ है।

प्रशांत देव श्रीवास्तव नामक टीवी पत्रकार ने वाकई हद कर दी है। अरे ऊपर वाले से डर भाई। इतना अन्याय ना कर। प्रकृति की अदालत में देर सबेर असली न्याय होता है। सच्चाई को कुछ देर के लिए दबा-कुचल सकते हो लेकिन कभी खत्म नहीं कर सकते। देशों पर कब्जा कर हड़पने वाले लोग भी अंत काल कुछ साथ नहीं ले जा सके। सब कुछ यहीं छूट जाना है, फिर इतना काहें बौराना है!

मकान मालिक का ये msg मेरे पास अभी आया है। पढ़ें और सोचें। कैसा अंधा युग चल रहा है…

“Bhai sahab kal CO-3 ke office gaya tha. mere sath mere 5 dost bhi gaye the. police me Parashant ne IG ko application di hai ki Rajesh kadwe anpne kuch logo ke sath 14 july ko hamla karne wala hai, mujhe aur mere pariwar ko surksha di jaye aur Rajesh aur uske dosto ke khilap karywahi ki jaye.

Usne police me bayan diya ki maine 2 lakh ki mang ki hai aur mujhe makan bechne ki baat ki thi aur mere ghar aakar mere pariwar ko dhamkaya aur mere khilap sajish kar raha hai, media mei mere bare mei chapwa kar meri naukri ke pichhe pada hai.

Maine apne bayan me kaha ki mai prashant ke ghar na kbhi gaya na hi meri makan bechne ki koi bhi baat huyi.

Sare paper ki copy maine police wale ko de di aur kaha- aap ki jaanch khatam hone par hame bhi ek copy chahiye. unhone kaha ki ek week ke baad aap le jana.

Police se parshant ne kaha ki media mere pichhe padi hai, mujhe badnam karne ki sajish kar rahe hai.”

भड़ास एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

एक टीवी पत्रकार जिस मकान में रह रहा है, उसे अब कब्जाने की ताक में है। मकान खाली करने की नोटिस अवधि बीत जाने के बाद भी वह…

Опубликовано Yashwant Singh Воскресенье, 28 июля 2019 г.

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