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ईराक़ में पैदा आर्किटेक्ट की डिज़ाइन को ज़ेवर हवाई अड्डे की डिज़ाइन बता ट्विटर पर वायरल कर दिया गया!

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शीतल पी सिंह-

प्रचार के लिए सरासर झूठ बोलते हुए मिलने वाली यह दुनियाँ की संभवतः इकलौती “विश्वगुरु” सरकार है । कल ज़ेवर के संभावित एयरपोर्ट का चुनाव के चलते पब्लिक के पैसे से उद्घाटन समारोह प्रायोजित कर लिया गया । इधर हर दूसरे दिन उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री की सरकारी खर्च पर ऐसे ही उद्घाटनों से रैली करा ली जा रही हैं।

लेकिन कमाल तब हुआ जब चीन की राजधानी बीजिंग के हवाई अड्डे की ईराक़ में पैदा हुईं आर्किटेक्ट जहा हदीद द्वारा बनाई गई डिज़ाइन को ज़ेवर हवाई अड्डे की डिज़ाइन बताकर केंद्र सरकार के मंत्रियों , एक सरकारी ट्विटर हैंडलऔर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वारा ट्विटर पर वायरल कर दिया गया।

इसी तरह जब चंद रोज़ पहले प्रधानमंत्री बुंदेलखंड में ऐसा ही एक प्रायोजन उद्घाटित कर रहे थे तब शीर्ष बीजेपी नेताओं ने दक्षिण भारत के एक बांध की तस्वीर को बुंदेलखंड की बताकर ट्विटर पर वायरल कर दिया था।

किसी आर्टिस्ट की विदेशों में मिमिक्री से आहत हो जाने वाली जमात की प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा कि ट्विटर जैसे सार्वभौमिक प्लेटफ़ॉर्म पर इस तरह के सरकारी फर्जीवाड़े से देश का मान किस हद तक बढ़ता है? सौजन्य:Bobby Naqvi


जेपी सिंह-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट की नींव रख दी है। केंद्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का दावा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।

जेवर एयरपोर्ट 1,300 हेक्टेयर में फैला होगा। अभी भारत में सबसे बड़ा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा है। जेवर हवाईअड्डा दिल्ली-एनसीआर में बनने वाला दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा।

जेवर एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा, जिसमें मल्टी-मॉडल कार्गो हब की तरह बनाया गया है। यह भारत का पहला नेट-जीरो उत्सर्जन वाला एयरपोर्ट होगा। कहा जा रहा है कि यह 30 हजार करोड़ की लागत से बनेगा।

लाख टके का सवाल है कि जब मोदी सरकार एक-एक करके देश के प्रमुख हवाई अड्डों को अडानी समूह को बेच रही है तो क्या जेवर हवाई अड्डा भी अडानी को देने के लिए टैक्स की कमाई से बनाया जा रहा है।

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