फ्लैट खाली न कर रहे न्यूज24 के पत्रकार प्रशांत के नोटिस का जवाब मकान मालिक ने यूं दिया, पढ़ें

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Date: 10/07/2019

Dear Mr. Prashant Dev Srivastava,

flat no Tf-02
Siddha Vinayak Society
Abhay khand-03
Indirapuram Ghaziabad, up

Kindly refer our various conversations and repeated reminders in this matter. We have been requesting you from last 3 months to consider the Notice period of 30 days and vacate the property.

On 14 July 2019 our contract will be over and as per the norms and agreed terms I have given you twice the notice for 1 month but you have not taken any action on that.

Once again, we humbly request you to please vacate the property as we don’t want to extend the Rent Agreement further.

We have sent you the notice via our Advocate for same already.

The reason you are mentioning is not considerable as the first notice to you was given in the month of May and that time all schools were closed and just reopened in July. You could have vacated peacefully during that period as 2 months were enough for same.

Anyhow problems and issues are part of the life and my be mine are too severe compared to yours. Hence kindly look for the alternate arrangement and do the needful by vacating the property in a peaceful manner.

Regards,

Lavlesh Kadwe
lavleshkadwe@gmail.com


प्रशांत ने अपने नोटिस में क्या लिखा था, जानने के लिए नीचे दिए शीर्षक पर क्लिक करें-

‘न्यूज24’ चैनल का पत्रकार प्रशांत देव श्रीवास्तव मकान कब्जाने की फ़िराक़ में, देखें-पढ़ें उसकी हरकत


मकान मालिक-किराएदार वार्तालाप सुनें….

मकान कब्जाने पर आमादा न्यूज24 के पत्रकार प्रशांत देव श्रीवास्तव को किसने कह दिया ‘नाली का कीड़ा’, सुनें ये टेप

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Comments on “फ्लैट खाली न कर रहे न्यूज24 के पत्रकार प्रशांत के नोटिस का जवाब मकान मालिक ने यूं दिया, पढ़ें

  • prashant dev srivastava says:

    डियर, यशवंत ( भडास फार मिडिया)

    एक जॉर्नलिस्ट कि हैसियत से मैं पिछले करीब 20 सालों से मीडिया में काम कर रहा हु, आपने मुझे बदनाम कर, मेरे प्रोफेशनल carrier की इंटीग्रिटी पर सवाल खड़ा कर दिया है, जिससे मैं बहुत आहत हू।
    खबर लिखने का पहला सिद्धांत है कि दोनो पक्षो की बात आनी चाहिए , खासकर जिस पर आप आरोप लगा रहे है उसके बारे में उसका पक्ष जरूर लेना चाहिए, लेकिन आपने ऐसा नही किया, जब आपने पहली बार मेरे खिलाफ लिखा, लिखने के पहले आपने मुझसे बात करके मेरा पक्ष नही जाना। आपको इस बात का अंदाज़ा नही है कि आपके इस व्यवहार से मैं और मेरा परिवार किस प्रताड़ना के दौर से गुजर रहा है।
    मेरे जैसे साधारण पत्रकार के ऊपर इस तरह का हमला क्यो? ये मेरी समझ से बाहर है, .
    सालों की कड़ी मेहनत और लगन से मीडिया में ये जगह बनाई है , मेरा आपसे निवेदन है कि बिना पूरी बात जाने इस तरह से मुझे बदनाम ना करे।
    जहां तक फ्लैट के विवाद की बात है या जो आरोप आपने मेरे ऊपर लगाया है मकान कब्जा करने का वो पूरी तरह से बेबुनियाद है, मेरे खिलाफ माफियाओं का षड्यंत्र है . सोशल मीडिया पर आपके द्वारा दुष्प्रचारित की गई हर बात का जवाब मेरे पास है। लेकिन मैं आपको ये बताना चाहता हू की इस पूरे षड्यंत्र के पीछे बिल्डर माफिया, प्रॉपर्टी डीलर माफिया सक्रिय है, जिससे मैं और मेरा परिवार खौफ में है,।

    मैं भड़ास के पाठकों को ये बताना चाहता हूँ की मैं वैलिड रेंट एग्रीमेंट पर हू , और मकान मालिक ने खुद ये घर किराया पर मुझे दिया है, जिसका वो किराया लेता है, मैं जबरदस्ती इनके घर में नही घुसा हूँ। समय पर किराया देता हूं , और अपनी मजबूरी परेशानी को देखते हुए टेनेंसी एक्सटेंड करने की request भेजी है,। आपको हैरानी होगी ये जान कर की मुझे आज तक ये नही पता है कि लवलेश कड़वे कहाँ रहता है, उनका भाई कहाँ रहता है, उसका पता क्या है, सिर्फ फ़ोन पर सम्पर्क हो सकता है, वो भी जब वो करना चाहे।

    मैं ये बात साफ कर देना चाहता हूँ की रिकॉर्ड के हिसाब से इस मकान का मालिक लवलेश कड़वे है , मैं सिर्फ किरायदार हू। मुझे समझ नही आता कि मेरे मकान मालिक ने इसे इतना विवादित क्यो बनाया, ? जो बात बैठ कर आपस मे सुलझ सकती है उसके लिए इतना बवाल क्यो ?

    मैं इस बात से आशंकित हूँ की इसके पीछे बिल्डर माफिया का षड्यंत है, जो इसका मकान हड़पना चाहते है, । आश्चर्य की बात है कि मै अपने मकान मालिक लवलेश कड़वे को अप्रैल के महीने से फ़ोन कर रहा हूँ की आकर बात करिये , या फिर मुझे बताइये कहा आना है , लेकिन वो नही आये,। मुझे उलझा कर रखा सीधे कानूनी नोटिस भेज दिया जो मुझे मिला नही। मकान मालिक नोटिस भेजे तो कानून की बात और अगर मैं कानून की बात करूं तो एतराज क्यों? मैं अपने मकान मालिक ये यही कहना चाहता हूँ की या तो कानूनी रास्ता पकड़ो, या फिर आपस मे बैठ कर बात करो, किसी एक जगह रहो।

    अब मेरे खिलाफ राजेश कड़वे का षड्यंत्र और आतंक सुनिए…. जो खुद को लवलेश कड़वे का भाई बताता है। जानकारी के मुताबिक ये एक वैशाली का बदनाम प्रॉपर्टी डीलर रहा है, और लवलेश कड़वे ने ये बात कभी नही बताई की वो उसका भाई है। अप्रैल 2019 के महीने में लवलेश कड़वे प्रॉपर्टी डीलर के साथ मेरे घर मे घुस गया, बिना मेरी मौजूदगी में, घर मे पत्नी बच्चे अकेले थे …फ्लैट बेचेने की बात लेकर, ।
    मै शहर से बाहर था मैंने फौरन मकान मालिक लवलेश को फ़ोन पर ये बात बताई… लवलेश ने फोन पर जबाब में कहा कहा ” ऐसी कोई बात नही है.. मुझे फ्लैट नही बेचना है आप फ्लैट में आराम से रहिये”।

    ( हर फ़ोन रिकॉर्डिंग का दावा करने वाले इस बातचीत की रिकॉर्डिंग ऑडियो भी सुनाये )

    मैं निश्चन्त होकर रहने लगा क्योकि फ्लैट किराये पर देने के पहले मकानमालिक से ये बात हुई थी कि फ्लैट बिकने वाला नही है, और मैं इसमे शिफ़्ट हो गया। लेकिन राजेश कड़वे इस फ्लैट को बेचने पर आमादा था, चौकाने वाली बात ये है कि राजेश प्रॉपर्टी डीलरों को तभी भेजता था मेरे घर मे, जब मैं शहर से बाहर होता था, ऐसा कई बार हुआ मेरी गैरमौजूदगी में प्रॉपर्टी डीलर घर मे घुसते थे, परिवार परेशान होता था, और मैं शहर में नही होता था, और मेरा मकान मालिक लवलेश कड़वे मुझसे फ़ोन पर बात नही करता था। परेशान होकर मैन राजेश कड़वे को फ़ोन पर बताया कि फ्लैट बेचना चाहते हो तो मुझे ही दे दो, एक दो मीटिंग के बाद मेरी डील फ्लैट खरीदने की हो गई। इस बीच राजेश कड़वे ने फ़ोन पर मुझसे 2 लाख रुपए की मांग की, कहा एडवांस चेक से हमारे एकाउंट में जमा कर दो , मैने फ़ोन पर राजेश कड़वे को कहा मकान मालिक को तो बुलाओ, एग्रीमेंट पर sign तो मकान मालिक के ही होंगे। राजेश कड़वे ने हैरान करने वाला जवाब दिया

    “राजेश कड़वे ने फ़ोन पर मुझसे कहा कि 2 लाख एकाउंट में जमा कर दो मैं corrier भेजकर मकान मालिक का sign करा दूंगा ”

    क्या कभी सेल एग्रीमेंट ऐसे बनता है?

    क्या कोई इस तरह से घर खरीदने का एडवांस दे सकता है?
    मकान मालिक लवलेश चुप क्यों है?
    राजेश कड़वे मुझसे फ्रॉड करके पैसे हड़पना चाहता था। राजेश कड़वे की नीयत में खोट थी , राजेश ने फ़ोन पर मुझे बताया की उसने फ्लैट बेचने का अग्रीमेंट किसी और से कर लिया है… इस पर मैंने उसे निवेदन करते हुए कहा कि मैं प्राइस मैच करने के लिए भी तैयार हूं । मेरे परिवार को ये घर पसंद है हम इसे खरीद लेंगे । मैन सभी बात मकान मालिक लवलेश को भी बताई, तय कीमत से 5000 ज्यादा की रकम देने का निवेदन किया । फिर भी वो मुझे फ्लैट नही देना चाहते है तो ये उनका अधिकार है। मेरा निवेदन था, कोई जबरदस्ती नही।, क्योकि लवलेश मकान मालिक है उसको पूरा अधिकार है अपना फ्लैट किसे बेचे।

    ( ये बात अप्रैल 2019 के महीने की है। हर फ़ोन रिकॉर्डिंग का दावा करने वाले इस बातचीत की रिकॉर्डिंग ऑडियो भी सुनाये )

    महीनों मकान मालिक लवलेश ने मुझसे बात नही की.. और अचानक दो दिन पहले फ़ोन किया और मेरी बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया में वायरल कर दी। और खुद एक्सपोज़ हो रहा है, मुझे अपशब्द बोलकर। इस विवाद के बीच किराया भी लेता रहा, आज की तारीख में जितना किराया बनता है उससे ज्यादा की रकम उसके खाते मे मेंरी ओर से जमा है। फिर भी मेरी ओर से कोई विवाद नही है, सज्जनता से बैठ कर बार करने से समस्या तुरंत सुलझ जाएगी।

    डिअर, यशवंत ,
    मेरे खिलाफ एक तरफा मत लिखो, और सच लिखो। मैं एक पत्रकार हू , एक रेपुटेड संस्था में काम करता हु, इसकी आड़ लेकर मुझे और मेरी संस्था को बदनाम मत करिये। आपको ये बता दूँ मेरे साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ मैं लड़ूंगा, हर हाल में लड़ूंगा, ..…. ये जानते हुए की इसमे बिल्डर माफिया सक्रिय है, मेरी जान को भी खतरा हो सकता है , लेकिन एक पत्रकार के लिए इजज्जत और सम्मान सबसे बड़ी चीज है। इस पर हमला बोलने वालों के खिलाफ कानूनी आवाज जरूर बुलंद करूँगा।

    प्रशांत देव श्रीवास्तव
    (पीड़ित )

    Reply
  • Journalist Thakur Satish says:

    Prashant Samast Hindustan me Aisa ho Raha hai..Mafiya Builder kuchh Sathi se Milakar Patrkar ko he Fasa Dete hai…Aap mazbut Raho Sanghathan me Raho..Ham Aapke Sath hai..Aap Galat karoge Nahi Aapke Sath Galat hoga Nahi.. Builder Paisa ke Tebar me soch Raha hoga Sabko Kharid Lunga Jo mumkin Nahi hai…Abhi JamirJinda hai Sathi Patrkaro ka…Journalist Thakur Satish Ahmedabad

    Reply

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