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कैनविज टाइम्स की धोखाधड़ी के संबंध में आप लोगों को बताना चाह रहा हूं. लोगों को करोड़पति बनाने का ख्वाब दिखाकर लाखों लोगों को ठगने वाले कैनविज समूह के चेयरमैन कन्हैया गुलाटी के पापों का घड़ा जल्दी ही भरने वाला है. यूपी में फर्जीवाड़ा कर लोगों को चूना लगाने वाली कंपनियों की पोल यूं तो आए दिन खुल रही है, लेकिन अब वो दिन भी दूर नहीं जब कन्हैया गुलाटी के काले कारनामों का चिट्ठा चर्चा-ए-आम होगा.

अभी तक गुलाटी एंड कंपनी ने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक दबदबे से अपने कुकर्मों को दबाए रखा और जिम्मेदार अफसर भी मलाई काट कर फाइलों पर कुंडली मार कर बैठ गए. हजारों- हजार कारें बांटने का दावा करने वाले कन्हैया गुलाटी यूं तो नीति और नीयत की बात करते हैं लेकिन उनकी खुद की नीयत कितनी दोयम दर्जे की है, आइए उसे विस्तार से समझाते हैं.

कैनविज समूह की धोखाधड़ी से त्रस्त होकर मुरादाबाद के संतोष कुमार शर्मा ने दिनांक 30.05.15 को बरेली जिले के जिलाधिकारी के समक्ष कैनविज समूह द्वारा 7500  रूपये का निवेश कराकर ठगने के संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई. इस संबंध में भड़ास में 06 जून 2015 को खबर प्रकाशित की गई थी. शिकायत का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट, बरेली (नगर)  ने दिनांक 22.06.15 को पुलिस अधीक्षक बरेली को जांच के लिए पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. लेकिन जून 2015 के निर्देशों को पुलिस अधीक्षक महोदय ठंडे बस्ते में दबा गए और जांच आज तक लंबित है.

गुलाटी के खिलाफ 60 से अधिक बार जारी हो चुका है एलबीडब्लू

कैनविज की धोखाधड़ी से त्रस्त होकर मुरादाबाद के नरेश कुमार ने सीजेएम कोर्ट में कन्हैया लाल गुलाब व अन्य के विरुद्ध परिवाद दाखिल किया. गुलाटी के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीजेएम कोर्ट से 60 से अधिक बार गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद वे एक भी बार न तो कोर्ट के समक्ष पेश हुए,  न ही जमानत कराई।

मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

न्याय के दर-दर भटक रहे लोगों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। नरेश सैनी अपनी पीड़ा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया है।

अमित मिश्रा
प्रबंधक/ मंत्री
जनसंवेदना मानव उत्थान सेवा समिति

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