A+ A A-

बरेली से बड़ी खबर आ रही है, हिंदुस्तान बरेली में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों से बचने के लिए कंपनी की चेयरपर्सन शोभना भरतिया को डुबोने पर आमादा अफसरों की चौकड़ी ने कर्मचारियों के वेतन को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। इसका खुलासा जनसूचना अधिकार के तहत डीएलसी बरेली ने मजीठिया क्रांतिकारी निर्मल कान्त शुक्ला को दी गई सूचनाओं में किया है। जनसूचना के तहत मिली जानकारी के अनुसार हिंदुस्तान बरेली ने खुद को अमर उजाला से भी एक पायदान नीचे जाकर छठी कैटेगिरी में होना बताया है। कहा कि वह तो कर्मचारियों को मजीठिया से कही अधिक वेतन हर माह दे रहे हैं।

हिंदुस्तान ने जो वेतन चार्ट श्रम विभाग को दिया है, उसके मुताबिक संपादकीय विभाग के सीनियर कॉपी एडिटर पंकज कुमार वत्स को 45,109, अनुराग शुक्ल को 38,163, प्रदीप चंद्र तिवारी को 40,378, राजेश्वर विश्वकर्मा को 37,452, रवि श्रीवास्तव को 29,707, सुबीर कुमार शर्मा को 38,612, चीफ कॉपी एडिटर/चीफ रिपोर्टर पंकज मिश्रा को 38,967, पीयूष मिश्रा को 41,507, सुनील कुमार मिश्रा को 36,235, सीनियर डिजाइनर दिनेश ठाकुर को 28,986, सीनियर फोटो जर्नलिस्ट रोहित उमराव को 37,557 रूपये मासिक वेतन-भत्तों आदि का भुगतान किया जा रहा है।

इसके अलावा न्यूज़ एडिटर अनुरोध कुमार भारद्वाज, प्रोडक्शन मैनेजर प्रलय चक्रवर्ती, डीजीएम गौतम कुमार वैश्य, आईटी मैनेजर हरिओम गुप्ता, विज्ञापन मैनेजर अतुल मिश्रा को 50,000 रूपये से अधिक मासिक वेतन-भत्तों का भुगतान किया जा रहा है। जोकि मजीठिया वेज बोर्ड के तहत छठी कैटेगिरी की यूनिट के निर्धारित वेतन-भत्तों से कहीं अधिक है। इसके अलावा सीनियर एग्जीक्यूटिव ओमपाल सिंह को 31,582, एग्जीक्यूटिव धीरेंद्र प्रसाद सिंह को 39,329, पवित्र सिंह को 38,293 रूपये मासिक वेतन-भत्तों का भुगतान किया जा रहा है। इसीलिए इन कर्मचारियों का मजीठिया का एरियर बकाया होने का प्रश्न ही नहीं।

कंपनी ने ये डाटा श्रम विभाग को माह मई' 2015 में दिया है यानि इस समय इन कर्मचारियों को दो साल का इंक्रीमेंट जोड़कर इससे भी कहीं आधी का भुगतान करना हिंदुस्तान बरेली अपने रिकार्ड में बेख़ौफ़ होकर दर्शा रहा है। हिंदुस्तान ने बरेली यूनिट में कुल 82 कर्मचारियों/अधिकारियों का स्टाफ होना दर्शाया है, उसमें लखीमपुर ब्यूरो के इंचार्ज मयंक वाजपेयी, पीलीभीत ब्यूरो के इंचार्ज पंकज कुमार मिश्रा, बदायूं ब्यूरो के इंचार्ज जगमोहन शर्मा, शाहजहांपुर ब्यूरो इंचार्ज विवेक सेंगर जोकि कंपनी के ऑन रोल इम्प्लाई हैं, उनको शामिल नहीं किया। चार्ट में ब्यूरो स्टाफ नदारद है।

श्रम विभाग के रिकार्ड के मुताबिक हिंदुस्तान बरेली ने बर्ष 2008-09 का 72लाख, बर्ष 2009-10 का 2.72 करोड़ सकल राजस्व दर्शाया है।प्रसार 78,442 प्रतियां है। हिंदुस्तान बरेली में वेतन के फर्जीबाड़े का आरटीआई में खुलासा होने से कर्मचारी भड़के हुए हैं।यूनिट में हड़कंप मच हुआ है। मजीठिया क्रन्तिकारी राजेश्वर विश्वकर्मा व पंकज मिश्रा का कहना है कि इससे बड़ा सफ़ेद झूठ हो नहीं सकता। कंपनी ने उनका वेतन 10 हजार रूपये बढ़ाकर दिखाया है।वेतन पर्ची और बैंक स्टेटमेंट ही हिंदुस्तान को झूठा सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत है।वह इस मामले में पीड़ित होने के नाते आपराधिक मुकदमा कंपनी के जिम्मेदार लोगों पर करने जा रहे हैं।दरअसल मजीठिया देने से बचने के लिए ये घिनौनी करतूत ग्रुप संपादक शशि शेखर, डायरेक्टर एच आर शरद सक्सेना की चौकड़ी की है।एच आर इंचार्ज राकेश गौतम की है।

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 100 > Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000

Leave your comments

Post comment as a guest

0
Your comments are subjected to administrator's moderation.
terms and condition.
  • No comments found

Latest Bhadas