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आदरणीय यशवंत जी
सादर अभिवादन

तकरीबन डेढ़ महीना पहले मैं कोलकाता स्थित सन्मार्ग अखबार में इंटरव्यू देने गया था। एचआर हेड से मेरी बात 35 हजार रुपये की हुई थी और उसने कहा था कि कंपनी आपको आने-जाने का किराया देगी। खैर, टेस्ट के उपरांत वहाँ कोई सुरेंद्र सिंह थे, जिन्होंने कहा कि 25 हजार रुपये देंगे करना हो तो बताओ। मैंने कहा मेरे लिए इस धनराशि पर काम करना संभव नहीं, और वापस हिसार लौट आया। उस समय एचआर के सज्जन ने कहा था कि किराए का पैसा सुरेंद्र सिंह दिलवा देंगे।

अब एचआर का वह बंदा नौकरी छोड़कर चला गया है और मिस्टर सुरेंद्र सिंह कलेक्टरी झाड़ रहे हैं माने गई भैंस पानी में। गरीबी-बेरोजगारी में मेरे 12 हजार रुपये डूब गए। अखबार मालिक ने अपने यहाँ लंपटों की फौज भर्ती कर रखी है, आगे से कोई भला मानस ठगा न जाए, इसलिए कृपया इस मजमून को अपने पोर्टल पर जगह प्रदान करें।

कामता प्रसाद
पत्रकार और अनुवादक
हिसार

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