A+ A A-

नई विज्ञापन नीति के तहत डीएवीपी की तरफ से कहा गया था कि अखबार स्वेच्छा से अपनी असली प्रसार संख्या की घोषणा कर दें अन्यथा मौके पर चेकिंग के दौरान गड़बड़ी पाई गई तो अखबार के टाइटिल निरस्त कर दिए जाएंगे. इसके बाद सैकड़ों अखबारों ने अपनी झूठी प्रसार संख्या को खारिज करते हुए कम प्रसार संख्या के आंकड़े डीएवीपी को सौंप दिए.

डीएवीपी ने इनमें से 187 अखबारों के कागजातों आदि की जांच कर इनकी कम प्रसार संख्या को स्वीकार करते हुए नया विज्ञापन रेट जारी किया है. इन 187 समाचार पत्रों के रेट रिवाइज करने की एडवाइजरी डीएवीपी की वेबसाइट पर आ गई है, जो इस प्रकार है...

Tagged under davp,

Leave your comments

Post comment as a guest

0
Your comments are subjected to administrator's moderation.
terms and condition.

People in this conversation

  • Guest - Shashikant sushant

    `above this list varfy that DAVP and RNI officials run very big business with some of newspaper which name not include but circulation is not more than 200. Virat Vaibhav hindi daily Delhi. it's should be inquire how this news paper not included this list. This paper shown its circulation more than 2 Lackh. Is this possible? how its save , who save have to inquire.

Latest Bhadas