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कांग्रेस औऱ सपा के समर्थन में खड़े हुए कलम के सिपाही... लखनऊ। उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में इस बार पत्रकारों की नाराजगी भाजपा के लिए भारी पड़ सकती है। पत्रकारों के मजीठिया वेज बोर्ड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 6 माह के टाइम बाउंड फैसला आने के बाद भी उत्तर प्रदेश का श्रम विभाग और श्रम न्यायालय पत्रकारों के प्रति सौतेला व्यवहार कर रहा है। अपनी जायज मांगों को पूरा न होता देख पत्रकारों ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में करीब 50 हजार पत्रकार मजीठिया वेज बोर्ड की मांग कर रहे हैं। जिनमे क़रीब 5 हजार पत्रकार मजीठिया वेज बोर्ड की मांग के चलते प्रिंट मीडिया से निकाले जा चुके हैं। और उनमें से ज्यादातर पत्रकार अब इलेट्रॉनिक मीडिया की ओर रुख कर चुके है।

कैसे हो रहा विरोध
उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने ' भाजपा हराओ, मजीठिया पाओ' नामक व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया है। लगातार 24 घंटे सक्रिय होकर इस ग्रुप में भाजपा हराने की रणनीति तैयार की जा रही है। इस ग्रुप में दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिन्दुतान, टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान और हिन्दुतान टाइम्स समेत कई बड़े अखबार के  पत्रकार सदस्य हैं।

क्या है मामला
प्रिंट मीडिया में देश भर के पत्रकारों को मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वर्ष 2011 से वेतन मिलना था। देश भर के पत्रकार अपना वाजिब मेहनताना मांगते रहे लेकिन कंपनी मालिकों का दिल आज तक नहीं पसीजा। इसमें श्रम विभाग भी पूरी तरह अखबार मालिकों के साथ खड़ा दिखा। जिस पत्रकार ने मजीठिया वेज बोर्ड की मांग की उसे या तो नौकरी से निकल दिया गया या फिर इतना परेशान किया गया कि वह स्वतः नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गया। उत्तर प्रदेश के करीब 50 हजार पत्रकारों ने अब अपनी मजीठिया वेज बोर्ड की मांग को लेकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

वरिष्ठ पत्रकारों ने सराहा
लखनऊ समेत पूरे प्रदेश भर के पत्रकारों ने पत्रकारों की इस पहल की सराहना की है। पत्रकारों के संगठन यूपी प्रेस क्लब, जर्नलिस्ट एसोसिएशन, उपजा, मानवाधिकार प्रेस संगठन,  मजीठिया समिति आदि सभी ने एक सुर में भाजपा के इस सौतेले व्यवहार की निंदा की है।

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  • Guest - sam

    himachal pradesh me to aur भी बुरा हाल है यहाँ पर किसी को भी मझीठिया के तहत वेतन नहीं दिया जा रहा है

    from Kangra, Himachal Pradesh, India
  • Guest - raghvendra

    this is right steps taken by the journalist. I think this steps must taken by the all journalist of whole country so that govt.may wake up other wise as per the current situation no body will get the rewards.

    from Sehore, Madhya Pradesh 466001, India

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