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अपने कर्मियों का हक मारने के कारण दैनिक भास्कर को झटके पर झटका लग रहा है. भास्कर अखबार की प्रबंधन कंपनी डीबी कॉर्प द्वारा संचालित मराठी अखबार दैनिक दिव्य मराठी के अकोला एडिशन से खबर आ रही है कि यहां के ४ मीडिया कर्मियों के आवेदन पर भास्कर के खिलाफ आरसी जारी हुई है. इन मीडियाकर्मियों के पक्ष में सहायक कामगार आयुक्त अकोला श्री विजयकांत पानबुड़े ने रिकवरी सार्टिफिकेट आदेश जिलाधिकारी अकोला को दिया है।

मीडियाकर्मियों ने मजीठिया वेज बोर्ड के पैरामीटर के अनुरूप बकाया न दिए जाने की शिकायत की थी. साथ ही अपना पूरा बकाया क्लेम किया था. दिव्य मराठी (मराठी) अखबार महाराष्ट्र  के इन  चारों मीडियाकर्मियों के नाम हैं दीपक वसंतराव मोहिते, राजू रमेश बोरकुटे, संतोष मलन्ना पुटलागार और रोशन अम्बादास पवार। रोशन अम्बादास डीटीपी इंचार्ज हैं. बाकी तीनों पेजमेकर हैं. इनमें से पेज मेकर  दीपक वसंतराव मोहिते ने कुल रिकवरी राशि १३ लाख ३५ हजार २५२ रुपये का क्लेम किया है. पेजमेकर राजू रमेश बोरकुटे की रिकवरी राशि १२ लाख ६६ हजार २७५ रुपये है. पेजमेकर संतोष मलन्ना पुटलागार की रिकवरी राशि ११ लाख ९८ हजार ५६५ रुपये है. डीटीपी इंचार्ज रोशन अम्बादास पवार ने ६ लाख १७ हजार ३०८ रुपये का अपना बकाया मांगा है. 

इसके लिए सहायक कामगार आयुक्त ने १८ अगस्त २०१७ को एक आर्डर डी बी कॉर्प प्रबंधन को भेजा था। इस आर्डर की एक-एक कापी दैनिक भास्कर के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल, पूरा पता प्लाट नंबर ६, द्वारिका सदन, प्रेस काम्प्लेक्स, मध्य प्रदेश नगर भोपाल (मध्य प्रदेश), प्रबंध निदेशक सुधीर अग्रवाल (पता उपरोक्त), निशिकांत तायड़े स्टेट हेड, दैनिक दिव्य मराठी, डीबी कोर्प लिमिटेड जिला अकोला को भी प्रेषित किया गया।

इस नोटिस के बाद भी डीबी कॉर्प कंपनी ने इन चारों मीडियाकर्मियों  को उनका बकाया नहीं दिया ।  उसके बाद १२ दिसंबर  २०१७ को मा. सहायक कामगार आयुक्त अकोला श्री विजयकांत पानबुड़े ने अपने विभाग से जिलाधिकारी अकोला को एक वसूली लेटर जारी कर कलेक्टर को भू राजस्व की भांति वसूली करके  बकायेदारों को देने का निर्देश दिया है।
इन सभी कर्मचारियों ने अपने एडवोकेट के जरिये हाईकोर्ट में कैविएट भी लगा दिया है जिससे कंपनी प्रबंधन को स्टे आसानी से नहीं मिल सके।

रिकवरी सर्टिफिकेट जारी होने से डीबी कार्प प्रबंधन में हड़कंप का माहौल है। ये सभी साथी हिम्मत नहीं हारे और लेबर विभाग, हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट तक अपने अधिकार के लिये लड़ाई लड़ते रहे। इन कर्मचारियों ने डी बी कार्प के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। आपको बता दें कि गुजरात के अहमदाबाद से भी डी बी कार्प के दैनिक दिव्य भास्कर अखबार से १०६ लोगों के पक्ष में रिकवरी सार्टिफिकेट जारी किया गया है। इससे कंपनी प्रबंधन में हड़कंप का माहौल है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट
९३२२४११३३५

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