Categories: प्रिंट

नवभारत टाइम्स ने मुंबई प्रेस की लाज रख ली!

Share

हरिगोविंद विश्वकर्मा-

नवभारत टाइम्स सबसे भरोसेमंद और नंबर मन हिंदी अखबार इसलिए भी कहा जाता है, कि उसकी रिपोर्टिंग में दिखती है। मालाड के हृदय के मरीज अनिल तिवारी को 15 जून को नायर अस्पताल में डॉ अजय चौरसिया के निर्देशन में हो रहे इलाज के लिए एक टेस्ट करवाने अस्पलात जाना था। मालाड पूर्व की टिकट काउंटर पर बैठी महिला ने उन्हें टिकट देने से इनकार करते हुए एंबुलेंस से जाने की सलाह दी।

ये खबर तकरीबन हर मीडिया संस्थान को भेजी गई थी, लेकिन रेलवे से मिलने वाले विज्ञापन के डर से किसी ने इस खबर को नहीं ली। अरे भाई, विज्ञापन के खौफ की वजह से जब दिल के मरीज को टिकट देने से इनकार करने की खबर छाप नहीं सकते तो परचून की दुकान खोल लीजिए। पत्रकार क्यों बने बैठे हैं।

Raj Kumar Singh, Sujit Gupta, Mohini Gamre and Anand Dubey (Shivsena Spokesperson) को साधुवाद। राजुकमार और नवभारत टाइम्स ने मुंबई प्रेस की लाज रख ली। मुझे आज जनसत्ता की कमी बहुत खल रही है।

पश्चिम रेलवे (Western Railway) के मुख्य जनसंपर्क अधिकार सुमित ठाकुर स्कोर बनाने के लिए सफेद झूठ बोल रहे हैं और कह रहे हैं कि पांच लोग थे। जबकि थे मरीज अनिल तिवारी जी के साथ और उनकी पत्नी, उनकी भाभी समेत चार लोग ही थे।

पीयूष गोयल जी, आपने किस तरह का जनसंपर्क अधिकारी बिठा रखा है, जो महिला बुकिंग क्लर्क की काउंसलिंग करवाने की बजाय उसने कृत्य को न्यायोचित ठहराते हुए बिना सीसीटीवी फुटेज वेरिफाई किए हुए झूठ बोल रहा है।

अनिल तिवारी जी वरिष्ठ फिल्म पत्रकार और बॉबी देओल, सोहा अली खान और जैकलीन फर्नाडिस को ट्यूशन पढ़ा चुके अनिल त्रिपाठी जी के दामाद हैं। उनकी भाभी प्रतिभा तिवारी जी, हेमा मालिनी के संपादन में छपने वाली वाली महिलाओं की पत्रिका मेरी सहेली की कार्यकारी संपादक हैं। जब रेलवे कर्मचारी और अधिकारी बुद्धिजीवी वर्ग के साथ ऐसा सलूक करेंगे तो बाकी लोग कल्पना कर सकते हैं।

इस मुद्दे को उठाने के पीछे यह उद्देश्य नहीं है कि लेडी क्लर्क को दंडित किया जाए, बल्कि उसके पीछे उद्देश्य यह है कि रेलवे पब्लिक को डील करने वाले कर्मचारियों जैसे बुकिंग क्लर्क, टीसी और जीआरपी की उचित काउंसलिंग करके उन्हें ड्यूटी पर लगाएं और उन्हें यह बता दें कि कानून जनता के हित के लिए बनाए गए हैं, न कि जनता को परेशान करने के लिए। जिस मरीज का दिल 25 फीसदी ही काम कर रहा हो, उसे चार टिकट दे देने से बहुत बड़ा अनर्थ नहीं हो जाएगा।

Latest 100 भड़ास