राजेश्वर सिंह को लेकर राजस्व विभाग और ईडी आमने-सामने

एयरसेल-मैक्सिस डील और 2जी घोटाले की जांच करने वाले राजेश्वर सिंह के खिलाफ आरोपों को लेकर वित्त मंत्रालय और प्रवर्तन निदेशालय आमने-सामने आ गए हैं। जहां वित्त मंत्रालय राजेश्वर सिंह के खिलाफ आरोपों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए इसकी जांच की जरूरत बता रहा है, वहीं ईडी ने आधिकारिक रूप से इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। खुद राजेश्वर सिंह ने वित्त सचिव हसमुख अढिया को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर 2जी घोटाले की जांच में अहम भूमिका निभाने वाले भाजपा नेता सुब्रह्मणयम स्वामी भी राजेश्वर सिंह के बचाव में उतर आए हैं।

वित्तमंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में बंद लिफाफे में राजेश्वर सिंह के खिलाफ एक रिपोर्ट सौंपी। वैसे तो यह रिपोर्ट पूरी तरह गोपनीय थी, लेकिन शाम होते-होते यह पूरी तरह सार्वजनिक हो गई। सुब्रह्मणयम स्वामी ने प्रेस कांफ्रेस बुलाकर साफ किया कि वित्त मंत्रालय राजेश्वर सिंह के खिलाफ रॉ की एक रिपोर्ट का जिक्र कर रहा है। जिसमें राजेश्वर सिंह के दुबई में रहने वाले आइएसआइ एजेंट दानिश के साथ संबंध का जिक्र है।

स्वामी ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि दानिश कई बार दिल्ली आ चुका है और कई नेताओं के साथ फोटो हैं। यहां तक कि पूर्व लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार और सोमनाथ चटर्जी के साथ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ भी फोटो हैं।

हैरानी की बात यह है कि वित्त मंत्रालय के मातहत आने वाला ईडी भी सुब्रह्मणयम स्वामी के आरोपों को सही बताते हुए राजेश्वर सिंह के बचाव में खुलकर सामने आ गया। ईडी की ओर जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 2016 में राजेश्वर सिंह को दुबई के नंबर से फोन आया और बात भी हुई। एक जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में राजेश्वर सिंह ने तत्काल इसकी जानकारी ईडी के निदेशक को दी और बताया कि दुबई से आए फोन पर ईडी के एक केस के सिलसिले में अहम जानकारी दी गई थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ईडी निदेशक ने भी तत्काल वित्त मंत्रालय को इससे अवगत करा दिया। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सवाल उठाया कि जिस फोन कॉल की जानकारी राजेश्वर सिंह ने दो साल पहले खुद विभाग को दे दी थी, उसे अब रॉ की रिपोर्ट की शक्ल देकर सनसनीखेज बनाया जा रहा है।

वहीं राजेश्वर सिंह ने भी 11 जून को वित्त सचिव हसमुख अढिया को पत्र कर एयरसेल-मैक्सिस की जांच में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया है। अपनी प्रोन्नति की फाइल को पिछले एक साल से रोककर रखे जाने को भी राजेश्वर सिंह ने इसी साजिश का हिस्सा बताया है। सिंह ने अढिया पर सीबीआइ की सूची में शामिल दलालों के साथ मिलीभगत कर उन्हें प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। राजेश्वर सिंह का कहना है कि वे एयरसेल-मैक्सिस घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कर रहे थे, लेकिन अपने वरिष्ठ अधिकारियों की साजिश से आहत होकर वे एक साल के अवकाश पर जा रहे हैं और इस संबंध में अदालत को भी अवगत करा देंगे।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को टूजी और एयर सेल मैक्सिस जैसे संवेदनशील मामलों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी राजेश्वर सिंह के खिलाफ जांच की छूट दे दी है। कोर्ट ने सिंह के खिलाफ जांच पर पूर्ण रोक लगाने वाले अपने पूर्व आदेश में बदलाव करते हुए कहा कि संवेदनशील मामले की जांच कर रहे अधिकारी को संदेह के घेरे में नहीं रहना चाहिए और किसी को भी पूर्ण संरक्षण नहीं दिया जा सकता। पत्रकार रजनीश कपूर ने याचिका दाखिल कर राजेश्वर सिंह पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाते हुए मामले में जांच की मांग की है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा व न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से सील बंद लिफाफे में पेश दस्तावेज देखने के बाद ये आदेश दिये। कोर्ट ने कहा कि सरकार ईडी अधिकारी राजेश्वर सिंह पर लगे गंभीर आरोपों की जांच के लिए स्वतंत्र है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि एयर सेल मैक्सिस केस में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है अब ये सरकार को देखना होगा कि आगे जांच में इस अधिकारी की कोई भूमिका रहेगी कि नहीं। कोर्ट ने सरकार के हलफनामे को भी रिकार्ड पर लिया जिसमें कहा गया था कि सरकार की मंशा किसी को बचाने की नहीं है। सरकार जांच को अंतिम परिणति तक पहुंचाएगी। कोर्ट ने कहा कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश एसजी ने सील बंद लिफाफे में दस्तावेज देते हुए कहा कि सरकार आरोपों की जांच के लिए तैयार है लेकिन कोर्ट का आदेश उसके आड़े आ रहा है। कोर्ट ने कहा कि आरोप हैं तो चाहें वे सही हों या गलत उन्हें देखा तो जाना ही चाहिए।

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ईडी अधिकारी राजेश्वर सिंह पर आरोप काफी गंभीर, आय से अधिक संपत्ति की जांच हो : सुप्रीम कोर्ट

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