अनुरंजन झा- डॉ. रामजी लाल जांगिड़ अब हमारे बीच नहीं रहे। यह वाक्य लिखते हुए भीतर कहीं एक खालीपन उतर आता है। वो सिर्फ़ एक शिक्षक नहीं थे, बल्कि गुरु थे, ऐसे गुरु जिनके शब्द, जिनका भरोसा, जिनकी डांट और जिनका अपनापन, जीवन की दिशा तय कर देते हैं। मेरे लिए तो 1998 का वो … Continue reading आधुनिक पत्रकारिता के द्रोणाचार्य थे प्रोफेसर रामजी लाल जांगिड़!
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आधुनिक पत्रकारिता के द्रोणाचार्य थे प्रोफेसर रामजी लाल जांगिड़!
अनुरंजन झा- डॉ. रामजी लाल जांगिड़ अब हमारे बीच नहीं रहे। यह वाक्य लिखते हुए भीतर कहीं एक खालीपन उतर आता है। वो सिर्फ़ एक शिक्षक नहीं थे, बल्कि गुरु थे, ऐसे गुरु जिनके शब्द, जिनका भरोसा, जिनकी डांट और जिनका अपनापन, जीवन की दिशा तय कर देते हैं। मेरे लिए तो 1998 का वो … Continue reading आधुनिक पत्रकारिता के द्रोणाचार्य थे प्रोफेसर रामजी लाल जांगिड़!