मजीठिया वेज बोर्ड : खुलकर और गोपनीय रूप से लड़ने का रास्ता अब भी है खुला

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील उमेश शर्मा का कहना है कि मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर ढेर सारे मीडियाकर्मियों को फोन और सवाल आ रहे हैं. सभी ये जानना चाहते हैं कि क्या अब खुलकर या गोपनीय रूप से लड़ने का रास्ता बंद हो चुका है या कोई विकल्प है. ऐसे में सबको बताया जाना चाहिए कि अब भी रास्ता खुला हुआ है. जो लोग खुलकर लड़ना चाहते हैं उनकी लड़ाई हाईकोर्ट के जरिए लड़ी जाएगी. जो लोग गोपनीय रूप से लड़ना चाहते हैं, उसके लिए भड़ास पर दुबारा मुहिम शुरू किया जा रहा है.

एडवोकेट उमेश शर्मा ने बताया कि मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सैकड़ों गोपनीय मीडियाकर्मियों की तरफ से भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह ने जो याचिका फाइल करवाई है, उस याचिका के सहारे सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों मीडियाकर्मियों को मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ मिल सकता है. बस करना ये होगा कि आप अथारिटी लेटर भरकर और छह हजार रुपये फीस जमा करके संबंधित डिटेल भिजवा दें. उधर, जो लोग खुलकर लड़ना चाहते हैं उनके लिए रास्ता है कि उनका मुकदमा हाईकोर्ट के जरिए लड़ा जाएगा. चंडीगढ़, दिल्ली, भोपाल, इलाहाबाद, जयपुर आदि जगहों पर स्थित हाईकोर्ट के वकीलों की एक टीम के बीच कोआर्डिनेशन कायम किया जा रहा है ताकि खुलकर लड़ने वालों का पक्ष मजबूती से रखा जा सके और उन्हें मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ दिलाया जा सके.

क्या करें…. 

मजीठिया वेज बोर्ड पाने के लिए भड़ास की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है, उसके साथ गोपनीय रूप से जुड़कर मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ पाने के लिए आपको करना सिर्फ इतना है कि नीचे दिए गए अथारिटी लेटर को डाउनलोड कर / सेव एज करके प्रिंट निकाल लें. इस अथारिटी लेटर में अपने इंप्लायमेंट डिटेल विस्तार से लिखें. 2010 से कब-कब कहां-कहां किन-किन पदों पर रहे हैं, इसका साफ-साफ उल्लेख करें. अपने मालिकों के नाम और कंपनी का रजिस्टर्ड व हेड आफिस का पता लिख भेजें.

अथारिटी लेटर में ‘डिटेल्स आफ इंप्लायमेंट’ कालम में आप वर्तमान संस्थान में कार्य करने की तारीख और इसके पहले (2010 तक) के संस्थानों में काम करने की अवधि का विवरण दें, साथ ही उन संस्थानों के रजिस्टर्ड और मुख्य आफिस का पता लिखें. अथारिटी लेटर भरने, साइन करने के बाद उसे दुबारा स्कैन करा लें और उस स्कैन अथारिटी लेटर को मेल से अटैच करके भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह yashwant@bhadas4media.com को मेल कर दें. ओरीजनल अथारिटी लेटर को कूरियर या स्पीड पोस्ट के जरिए नीचे दिए गए पते पर भेज दीजिए.

Yashwant c/o Advocate Umesh Sharma
112, New Delhi House
27, Barakhambha Road
Connaught Place
New Delhi-110001

इसके बाद बतौर फीस 6600 रुपये एडवोकेट उमेश शर्मा के निजी एकाउंट में जमा करा दें. एकाउंट नंबर है-

Umesh Sharma
Account no. 07081840000060
Bank HDFC
Branch Ground Floor, DCM Building, Barakhamba Road, New Delhi-110001
MICR No. 110240096
IFSC Code HDFC0000708

बैंक डिपोजिट स्लिप को अटैच करके भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के पास yashwant@bhadas4media.com मेल से भेज दें ताकि यह गारंटी हो सके कि आपने फीस जमा करा दिया है.

ये तो रही उनकी बात जो गोपनीय रूप से लड़ना चाहते हैं.

जो लोग खुलकर लड़ना चाहते हैं वे नौ हजार रुपये उपरोक्त एकाउंट में जमा करने के बाद अथारिटी लेटर भरें और इसे yashwant@bhadas4media.com पर खुलकर लड़ने के अनुरोध के साथ भेज दें. मेल आने के 24 घंटे के भीतर आपको जवाब भेज दिया जाएगा. फिर आपकी सुविधा-सहमति के हिसाब से वकील साहब से मिलवाया जाएगा ताकि आपके केस पर पूरा डिस्कस हो सके और आपकी याचिका तैयार कराई जा सके. आपको अपने समस्त डाक्यूमेंट्स को लेकर आना होगा.

अगर कोई सवाल है या कोई कनफ्यूजन है तो आप yashwant@bhadas4media.com पर मेल करें.

ध्यान दें. पहले गोपनीय और खुलकर लड़ने वालों के लिए एक ही फीस थी, छह हजार रुपये. इसे बढ़ाकर क्रम: 6600 और 9000 रुपये कर दिया गया है. यानि गोपनीय रूप से लड़ने वालों से अब 6600 रुपये लिए जाएंगे और खुलकर लड़ने वालों से 9000 रुपये. देर से जगने वालों से जुर्माना वसूलना बनता है. पहले जगने वालों को लाभ मिलना बनता है.


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Comments on “मजीठिया वेज बोर्ड : खुलकर और गोपनीय रूप से लड़ने का रास्ता अब भी है खुला

  • sir,

    if i want t file a case what are the formalities . i am in chennai and work for The Hindu . i was in medical dept of the company and later was brought to admin dept since 2010 July .i was under manisana earlier and now being denied the wage board stating that i am not eligible for the same as it is not for Admin dept . i learnt only through you that all are eligible for the WB including admin.please clarify and message back as to what will be your fees altogether .

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