संघ ने बिहार हार का ठीकरा मीडिया पर फोड़ा, पढ़ें क्या छपा है ‘पांचजन्य’ में

बीजेपी को कम्‍युनल कैंपेन की पालिसी बदलनी होगी : मोहन भागवत

बिहार चुनाव में मिली शर्मनाक हार के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बीजेपी को कम्‍युनल कैंपेन से बचने की सलाह दी है। पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह के साथ मुलाकात के दौरान संघ प्रमुख ने कहा कि चुनाव प्रचार में ज्‍यादा शोर-शराबा ठीक नहीं है। हमें इस रणनीति को बदलना होगा। हालांकि, भागवत ने शाह को खुले तौर पर समर्थन भी दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरसंघचालक ने यह कहा कि बिहार चुनाव में हार का अमित शाह की क्षमता से कोई लेना-देना नहीं है। इस अहम बैठक में संघ वरिष्‍ठ नेता कृष्‍ण गोपाल भी मौजूद थे।

भागवत के साथ हुई बैठक में अमित शाह ने हार का सबसे प्रमुख कारण महागठबंधन की सोशल इंजीनियरिंग को बताया। उन्‍होंने पश्चिम बंगाल, असम, पंजाब और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों के बारे में भागवत से बात की। इस संबंध में भागवत ने सलाह दी कि आगामी विधानसभा चुनावों में कैंपेन के दौरान पार्टी को ध्रुवीकरण से बचना होगा। इससे पहले वित्‍त मंत्री अरुण जेटली भी बिहार में हार के पीछे महागठबंधन की सोशल इंजीनियरिंग को बड़ा कारण बता चुके हैं। सोमवार को हुई पार्लियामेंट्री बोर्ड की मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान उन्‍होंने यह भी माना था कि विकास के मुद्दे से इतर जो बयानबाजी हुई, उससे पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इसके अलावा जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस के बीच वोट ट्रांसफेवरेबिलिटी को भी उन्‍होंने उम्‍मीद से बेहतर बताया था।

बिहार चुनाव में हार के बाद हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम और मौजूदा बीजेपी सांसद शांता कुमार और शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने अमित शाह पर यह कहते हुए निशाना साधा था कि इसकी जिम्‍मेदारी शीर्ष नेतृत्‍व को लेना पड़ेगी। इन के अलावा अरुण शौरी ने भी हार के लिए अमित शाह, नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली को जिम्‍मेदार ठहराया था। बहरहाल, संघ प्रमुख का समर्थन मिलने के बाद अमित शाह को राहत जरूर मिली होगी। वैसे भागवत का समर्थन मिलने के बाद शाह को लेकर बीजेपी के शीर्ष नेताओं का भी रुख बदला है। बीजेपी के एक वरिष्‍ठ नेता ने कहा कि हार की जिम्‍मेदारी अकेले शाह के कंधों पर डालने की बात को गलत बता रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि पार्टी अध्‍यक्ष बनने के बाद उनका चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उनकी लीडरशिप में बीजेपी ने हरियाणा, जम्‍मू-कश्‍मीर और महाराष्‍ट्र में अप्रत्‍याशित सफलता हासिल की है।

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Comments on “संघ ने बिहार हार का ठीकरा मीडिया पर फोड़ा, पढ़ें क्या छपा है ‘पांचजन्य’ में

  • Anjani Pandey says:

    वाह..बहुत स्वागतयोग्य सुझाव दिया है इस लेख में कि ऐसे पत्रकारों के प्रोग्राम में डिस्क्लेमर चलना चाहिए. सही है..और साथ ही ऐसा डिस्क्लेमर जी हुजूरी चैनल पर भी 24 घंटे चलना चाहिए कि इसके मालिक पीएम मोदी के साथ इलेक्शन कैम्पेन कर चुके हैं. वो चव्हाणके वाले चैनल पर भी ऐसा ही डिस्क्लेमर चलना चाहिए कि इसके कार्यक्रमों के सारे विचार आरएसएस द्वारा समर्थित हैं.

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