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नई दिल्ली। अगस्त क्रान्ति दिवस पर भारत जोड़ो आन्दोलन चलाया जाना चाहिए। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश को अब अपने वर्तमान स्वरूप में लाने की आवश्यकता है। जब पूरा भारत एक होगा तभी तीनों मुल्कों की तरक्की और खुशहाली का रास्ता खुलेगा। उक्त विचार गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित गांधी शान्ति प्रतिष्ठान में आयोजित ‘भारत, पाक, बांग्लादेश महासंघ बनाओ सम्मेलन’ के मुख्य वक्ता इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने व्यक्त किए।

श्री राय ने कहा कि 1965 से समाजवादी नेता राजनाथ शर्मा हिन्द पाक महासंघ के सम्मेलनों की निरंतरता बनाए हुए हैं। इसके बाद भी कोई सार्थक निष्कर्ष न निकल पाने से उन्हें निराशा नहीं हुई कि बल्कि उनका मनोबल दिन प्रतिदिन बढ़ता ही गया। इस सार्थक प्रयास से तीनों देशों के बीच आपसी सौहार्द का कोई न कोई रास्ता अवश्य निकलेगा। श्री राय ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमें प्रयास करना चाहिए कि महासंघ बनाओ मुहिम से जुड़े लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल पाकिस्तान और बांग्लादेश जाए। जिसके बाद वहां पर भी इसी प्रकार से महासंघ के समर्थकों को इस मुहिम से जोड़ा जाए। तब जाकर कोई बात बनेगी।

राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने कहा कि देश के दो महान सपूतों दीनदयाल और डा. राममनोहर लोहिया के बीच सेतु का काम लाल कृष्ण आडवाणी ने किया था। तब जाकर हिन्द पाक महासंघ की बात एक संयुक्त वक्तव्य द्वारा सामने आई। तीनों राष्ट्रों का एक महासंघ बने, यह मुद्दा संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि आज हमारी आजादी खतरे में है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम देश के वातावरण को सही करें। तब जाकर हमारी आजादी सार्थक साबित होगी।

दीनदयाल एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि भारत पाकिस्तान का विभाजन कृत्रिम है। यह विभाजन साम्राज्यवाद का खण्ड है। दुनिया में जिस प्रकार राष्ट्रवाद चल रहा है वह भी कृत्रिम राष्ट्रवाद है। हमें राष्ट्र और राष्ट्रवाद को ठीक से समझने की जरूरत है। जिसके लिए सबसे जरूरी है साम्राज्यवाद का खात्मा।
कार्यक्रम संयोजक राजनाथ शर्मा ने कहा कि महासंघ की परिकल्पना को यथार्थ पर लाने की आवश्यकता है जिसके लिए जन समर्थन और आपसी बात-चीत ही एक मात्र रास्ता है।

सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने कहा कि बदलता समाज महात्मा गांधी, डा. लोहिया और दीनदयाल के विचारों से दूर होता चला जा रहा है। इन देशभक्तों ने देश व समाज को जोड़ने की वकालत की थी जिनके विचारों की प्रसांगिकता आज भी समाज का मार्गदर्शित करती है। सम्मेलन को वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक, रांकपा नेता के.जे जोसमन, सपा नेता मलिक जहीन, प्रो. राजकुमार जैन, डा. एच.एन शर्मा, सै. अब्बास रिज़वी, सतीश अग्रवाल, बहार यू बर्की, एस.एस नेहरा, रिजवान रजा, पाटेश्वरी प्रसाद ने अपने विचार व्यक्त किए।

सम्मेलन से पूर्व जनपद बाराबंकी से दिल्ली तक पहुंची महासंघ बनाओ संकल्प यात्रा में शामिल लोगों ने राजघाट स्थित महात्मा गांधी समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर तीनों देशों का महासंघ बनाने का संकल्प लिया। सम्मेलन में प्रमुख रूप से मृत्युंजय शर्मा, विनय कुमार सिंह, नूर बानो, निशात अल्वी, उमानाथ यादव, अभय सिन्हा, संजय सिंह, रणंजय शर्मा, मेराज आलम जैदी, सपा नेता धनंजय शर्मा, नावेद उस्मानी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

जारी कर्ता
पाटेश्वरी प्रसाद
news by
Imran Kaleem

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