मुख्‍य कोषाधिकारी के तुगलकी फरमान से बनारस के कर्मचारियों का वेतन रूका

वाराणसी। राज्य कर्मचारियों का माह दिसम्बर का वेतन कोषागार कार्यालय द्वारा ई-पेमेन्ट के नाम पर रोक दिया गया है। जिस कारण कर्मचारियो में गहरी नाराजगी है। कर्मचारियों को कहना है कि गत दिवस कमिश्नरी आडिटोरियम में लखनऊ से आये निदेशक कोषागार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान अप्रैल, 2013 से ई-पेमेन्ट व्यवस्था लागू होने की जानकारी कार्यालयाध्यक्षों को दिया गया था। लेकिन एक जनवरी को नये साल के पहले ही दिन कई विभागों में कोषागार कार्यालय द्वारा फोन कर दिसम्बर माह के वेतन से संबंधित प्राप्त चेक को लौटाने की मुख्य कोषाधिकारी के फरमान को सुनाया गया। बस क्या था, कर्मचारी सकते में आ गये।

ज्ञातव्य हो कि अभी भी कई विभागों में कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था नहीं है। जिस कारण ई-पेमेन्ट की व्यवस्था को लेकर हड़कम मचा हुआ था। इसी बीच मुख्य कोषाधिकारी राममूर्ति द्विवेदी के नये फरमान से दिसम्बर माह का वेतन रूक जाने से कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। जबकि इस बाबत कोई जानकारी कोषागार कार्यालय द्वारा विभागो को पूर्व में नहीं दिया गया था। इतना ही नहीं कोषागार कार्यालय के कोषाधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इसकी कोई जानकारी मुख्य कोषाधिकारी द्वारा नही गया था। क्योंकि ऐसी कोई जानकारी यदि इन्हें पूर्व में दी गयी होती, तो ये विभागों से वेतन देयक क्यों प्राप्त करते और संबंधित चेक पर कोषाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर कैसे बनाया जाता? ई-पेमेन्ट से संबंधित स्टेट बैक से किट प्राप्त करने हेतु आज कोषागार कार्यालय से प्रमाण पत्र लेने पहुंचे कर्मचारियों को बैरंग वापस होना पड़ा। क्योंकि उन्हें बताया गया कि प्रिन्टर में टोनर खतम हो गया है। वैसे कोषागार की मनमानें व्यवस्था से कर्मचारियो में खासी नाराजगी है।

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia