लड़कियां अपनी जिंदगी के बीस साल बहुत सोच-समझकर इन्‍वेस्‍ट करें

Manisha Pandey : मेरे एक परिचित, पढ़े-लिखे, बुद्धिजीवी और नौकरीपेशा पुरुष मित्र शादी के बीस साल बाद अपनी पत्‍नी को तलाक दे रहे हैं। पत्‍नी की हालत ऐसी है कि मानो उसकी पूरी दुनिया ही उजड़ गई हो। उसके लिए एक ईश्‍वर आकाश में है और दूसरा धरती पर – उसका पति। इन बीस सालों में दोनों ने अपनी जिंदगी, बुद्धि, ऊर्जा, समय, मेधा, ताकत कहां इन्‍वेस्‍ट की?

पति—–

1- पति ने अपनी जिंदगी के बीस साल अपने कॅरियर पर इन्‍वेस्‍ट किए। एक के बाद दूसरी बेहतरीन नौकरियां की, पैसा कमाया, अपना घर बनाया।
2- अपने बौद्धिक विकास पर इन्‍वेस्‍ट किए। पत्र-पत्रिकाओं में लेख लिखे, किताबें लिखीं, सभा-समितियों के अध्‍यक्ष बने, पुरस्‍कार अर्जित किए।
3- दुनिया में खुद को स्‍थापित करने, अपनी रचनात्‍मकता अर्जित करने, अपना नाम कमाने में इन्‍वेस्‍ट किए।
4- और आज उन्‍हें किसी के द्वारा छोड़े जाने, ठुकराए जाने का डर नहीं। वे महीने में एक लाख रुपए कमाते हैं और उस पैसे से घर के सारे काम करने वाली नौकरानी से लेकर सेक्‍स तक खरीद सकते हैं। उनके लिए किसी चीज की कमी नहीं।

पत्‍नी——-

1- पत्‍नी ने अपनी जिंदगी के बीस साल अपने पति का घर बनाने-सजाने में इन्‍वेस्‍ट किए।
2- घर की सारी जिम्‍मेदारियां निभाने और उन जिम्‍मेदारियों से पति को मुक्‍त रखने में इन्‍वेस्‍ट किए ताकि वे फ्री होकर अपने बौद्धिक कामों में ध्‍यान लगा सकें।
3- उनका गंदा अंडरवियर धोने और उनके लिए लजीज पकवान पकाने में इन्‍वेस्‍ट किए।
4- उनके बेटे को पैदा करने और उसे पालने में इन्‍वेस्‍ट किए।
5- रोते, शोर मचाते बच्‍चे को शांत करने में इन्‍वेस्‍ट किए। “शोर मत मचाओ, पापा पढ़ रहे हैं,” “चुप रहो, पापा किताब लिख रहे हैं।”
6- पति के लिखे आर्टिकल, किताब आदि पढ़ने में इन्‍वेस्‍ट किए।
7- पति के बौद्धिक मित्रों की आवभगत में खर्च किए, जब वे संसार के गूढ़ राजनीतिक विषयों पर बहस कर रहे होते थे।
8- पति ने जिंदगी के बीस साल घर के बाहर की बड़ी दुनिया घूमने और देखने में इन्‍वेस्‍ट किए।
9- पत्‍नी ने जिंदगी के बीस साल दो बेडरुम और किचन के फ्लैट में इन्‍वेस्‍ट किए।

और अब बीस साल बाद पति के पास महीने की एक लाख रुपए सैलरी, नाम, शोहरत, इज्‍जत, रुतबा सबकुछ है।
और अब बीस साल बाद पत्‍नी सड़क पर है। न उसके पास आर्थिक ताकत है, न भावनात्‍मक, न बौद्धिक।

मॉरल ऑफ द स्‍टोरी —–

”लड़कियां अपनी जिंदगी के बीस साल बहुत सोच-समझकर इन्‍वेस्‍ट करें।”

दुख की बात ये नहीं है-

1- कि एक स्‍त्री के पति ने विवाह के बीस साल बाद उसे तलाक दे दिया।

2- कि एक स्‍त्री का पति विवाह के बीस साल बाद किसी और से प्रेम करने लगा।

3- कि एक स्‍त्री का पति विवाह के बीस साल उसके साथ नहीं रहना चाहता।

दुख की बात ये है –

1- कि एक स्‍त्री के जीवन के बीस साल सिर्फ खाना बनाने, झाडू लगाने, कपड़े धोने, घर सजाने और घरेलू काम करने में खर्च हो गए।

2- कि एक मनुष्‍य के जीवन के बीस रचनात्‍मक वर्ष ऐसे कामों में गए, जिसने एक मनुष्‍य के रूप में उसके मानसिक, बौद्धिक विकास को अवरुद्ध कर दिया।

3- कि एक इंसान की जिंदगी सिर्फ किचन और बेडरूम तक सिमटकर रह गई।

4- कि एक इंसान की जिंदगी में एक बड़े संसार को देखने, अनुभव करने, अपने फैसले लेने के मौके कभी आए ही नहीं।

5- कि एक इंसान सिर्फ आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए बीस सालों तक एक पुरुष के साथ रहता रहा।

मनीषा पांडेयकौन जानता है, अगर वो बुद्धि, दिमाग, मेधा वाली एक स्‍त्री होती, आत्‍मनिर्भर और अपने फैसले लेने वाली तो बीस साल पहले ही उस पुरुष से अलग हो गई होती।

इंडिया टुडे की फीचर एडिटर मनीषा पांडेय के फेसबुक वॉल से साभार.

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