नाबालिग के यौन शोषण प्रकरण में आसाराम को उम्र कैद


जोधपुर अदालत ने आसाराम को एक नाबालिग लड़की से रेप मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है. आसाराम के अलावा यौन शोषण मामले में सह आरोपी शरतचंद और शिल्पी को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है. यौन उत्पीड़न, मुख्यतौर पर नाबालिग से बलात्कार करने के बिंदुओं पर जिरह के बाद विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर सेंट्रल जेल कोर्टरूम में अपना फैसला सुनाया. अदालत को आसाराम के खिलाफ यह फैसला लिखने में डेढ़ घंटा लगा. सजा की बात सुनते ही आसाराम रोने लगे. 

इसके साथ ही, मामले में 2 सह-आरोपियों को भी दोषी ठहराया है, इन दोनों को 20 -20 साल की सजा सुनाई गई. जबकि दो अन्य शिवा और प्रकाश को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. फैसला आने के बाद आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने अपने वकीलों से राय ले कर इसके खिलाफ अपील करने की बात कही है. गौरतलब है कि, कोर्ट के फैसले में आसाराम को दोषी ठहराए जाने के बाद पीड़ित लड़की के पिता ने कहा कि मामले में इंसाफ हुआ है.

हालांकि इससे पहले सुनवाई के दौरान आसाराम के वकीलों का इस बाबत कहना था कि आसाराम की उम्र को ध्यान में रखते हुए उन्हें कम से कम सजा दी जाए. आसाराम के वकील विकास पाहवा ने कोर्ट में यह भी दलील दी की पीड़िता के बयान में कई विरोधाभास हैं, ऐसे में आसाराम को सजा में रियायत मिलनी चाहिए. 

आसाराम के भक्तों से खतरा – 

फिलहाल आसाराम के भक्तों को सबसे बड़े खतरे के तौर पर देख रही है. आशंका जताई जा रही है कि आसाराम के भक्त फैसले के बाद उग्र हो सके हैं और हंगामा मचा सकते हैं. इसी के चलते देश के तीन राज्य यानी राजस्थान, गुजरात और हरियाणा अलर्ट पर हैं. केंद्र ने इन राज्यों को सुरक्षा कड़ी करने और अतिरिक्त बल तैनात करने को कहा है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक संदेश जारी कर तीनों राज्यों से सुरक्षा मजबूत करने को कहा है. साथ ही यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया है कि अदालत के आदेश के बाद कोई हिंसा न फैले. जोधपुर जहां की जेल में आसाराम है, वहां, धारा 144 लगा दी गई है और पुलिस होटलों और धर्मशालाओं की कड़ी जांच कर रही है. वहीं दूसरी तरफ आसाराम के भक्त देश भर के उनके विभिन्न आश्रमों में इकट्ठा होकर उनकी रिहाई के लिए पूजा -पाठ कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला – 

साल 2013 में यूपी के शाहजहांपुर की एक 16 साल की लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में रेप करने का आरोप लगाया था. यह मामला दिल्ली के कमला मार्केट थाने  दर्ज करवाया गया था. बाद में इसे जोधपुर ट्रांसफर कर दिया गया. इसके बाद आसाराम को गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद गुजरात के सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं पर रेप का आरोप लगाया और बयान दिया कि 2001 से 2006 तक आसाराम ने कई बार उनका यौन शोषण किया. छोटी बहन ने नारायण साईं पर रेप का आरोप लगाया. जिसके बाद दिसंबर 2013 में नारायण साईं को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

और भी हैं आरोपी – 

1- हॉस्टल वार्डन शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता

रोल – भूत-प्रेत का भय दिखाया. छात्रा को आसाराम के पास भेजा.

2- हॉस्टल संचालक शरदचन्द्र 

रोल – पीड़िता को आसाराम को ही एकमात्र उपचारकर्ता मानने पर मजबूर किया.

3- प्रमुख सेवादार शिवा उर्फ सेवाराम

रोल –  छात्रा को शाहजहांपुरा से दिल्ली और दिल्ली से जोधपुर बुलाया. जोधपुर के मणाई आश्रम में आसाराम से मिलाने की व्यवस्था की थी.

4- रसोइया प्रकाश द्विवेदी

रोल – शरद, शिल्पी, शिवा और आसाराम के बीच मध्यस्थ बना. छात्रा के परिजनों को जाने का कहकर छात्रा के अकेली रहने की स्थिति पैदा की थी.

नारायण की पेशी – 

एक तरफ जहां बुधवार को आसाराम की सजा का फैसला हो रहा है वहीं उसके बेटे नारायण साईं को सूरत रेप केस के सिलसिलें में वहां के स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया.

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