‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ ने अपने कई मीडियाकर्मियों को लीगल नोटिस भेजा

पिछले साल लांच हुई मीडिया कम्पनी Parliamentary Business के कुछ पूर्व एवं वर्तमान के कर्मचारियो ने ही लेंडलॉर्ड राज मंचन्दा के साथ मिल कर की थी कम्पनी को बदनाम करने की साजिश. उनकी मंशा कम्पनी द्वारा दिये गए सामान एवं कार्यालय में रखे हुए सामान को हड़पने की थी. ये आरोप पार्लियामेंट्री बिजनेस के प्रबंधन की तरफ से लगाए गए हैं.

प्रबंधन के अनुसार CCTV एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कम्पनी ने कई लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया की पहल कर दी है. इनमें सतीश श्रीवास्तव (Manager) भी हैं जो पूर्व में कम्पनी के पैसों का लेखा जोखा एवं व्यवहार देखते थे. 1 लाख रुपये का कई बार हिसाब मांगने पर रातों रात कम्पनी छोड़ गए. इन्होंने राजमनचन्दा के साथ ताला लगा कर समस्त कर्मचारियों और वेंडरों में झूठ फैलाया. इसी तरह गौरव गुप्ता (cameramen) के पास चैनल की कैमरा यूनिट है ज़िसकी कीमत लगभग लाखों रुपये है. ये उन्हें देना ना पड़े इसलिए वो भी साजिश में शामिल हो गए.

संजय शर्मा (Cameramen) के पास कम्पनी का मोबाइल है. कम्पनी छोड़ते समय HR से वाशरुम जाने को कह कर मोबाइल लेकर चले गए. कई बार मेल एवं मैसेज किया गया परंतु कोई रिस्पोंस नहीं दिये.

आदर्श राठौर content writer के पद पर थे. ये एक बार पहले भी किसी कम्पनी को ज्वाईन करने के लिए अपने बारे में गलत सूचना दे कर आये थे. जब Parliamentary Business में वेरीफिकेशन काल आया तो इसकी लिखित माफी इन्होंने कम्पनी से मांगी. इनके पास देश के सांसदों का गोपनीय डाटा है जो कि कम्पनी के लिहाज से बहुत कीमती है. उसकी पेन ड्राईव एवं सूचना चुपचाप ले कर अचानक से कम्पनी छोड़ गए.

पार्लियामेंट्री बिजनेस ने राज मनचन्दा के साथ इन सभी को लीगल नोटिस भेजा है. अन्य और लोगों के शामिल होने की पड़ताल की जा रही है जिन पर कम्पनी साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिय के तहत कार्यवाही करेगी.

भवदीय
Management
Parliamentary Business

प्रेस विज्ञप्ति



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Comments on “‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ ने अपने कई मीडियाकर्मियों को लीगल नोटिस भेजा

  • Laxmikant pathak says:

    षणयंत्र से आपदा मे अवसर ढूढने वाले पार्लियामेंट्री बिजनेस जैसे न्युज चैनल को बन्द कराकर इन लोगो ने मानवता को शर्मसार कर दिया। सैकडों पत्रकारो की रोजीरोटी छीन ली।मीडिया के क्षेत्र मे ऐसे बेइमान लोग भी है विश्वास नही होता। पार्लियामेंट्री प्रबंधन को इन पर तुरंत धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराकर जेल भिजवाना चाहिए तथा चुराये गये सामान की क्षतिपूर्ति इनकी सम्पत्ति से किया जाना चाहिए।

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  • Laxmikant pathak says:

    पार्लियामेंट्री बिजनेस प्रबंधन को इन चोर व षणयंत्र कारियों पर मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा जाय ताकि भबिष्य मे किसी के साथ यह लोग ऐसा करने की हिम्मत न जुटा सके।

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