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तीन पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर कराने वाला सिपाही तो खुद ही गुंडा है, जानिए करतूत

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सेवा में
भड़ास 4मीडिया

महोदय

पुलिस के खिलाफ खबर चलाना चित्रकूट के तीन पत्रकारों को पड़ा महंगा, संगीन धाराओं में फर्जी मामला दर्ज… यूपी के चित्रकूट जिले में तीन पत्रकारों के खिलाफ संगीन धाराओं में फर्जी तरीके से पुलिस के द्वारा मामला दर्ज कराया गया है. कर्वी कोतवाली में तैनात यूपी पुलिस का सिपाही पवन मुंशी द्वारा कोतवाली के अंदर रखे सरकारी दस्तावेजों की मोबाइल से फोटो खींचकर गोपनीयता भंग किया जाता था, जिसको लेकर पत्रकारों को जानकारी हुई तो तीन पत्रकारों ने इसकी खबर ट्विटर में डाल दी. इसके बाद सिपाही पवन मुंशी तीनों पत्रकारों के कार्यालय जाकर धमकी देने लगा. कार्यालय में धमकाने आए सिपाही की फोटो आपने पास उपलब्ध है. सिपाही ने यहां तक कहा कि यदि आप ट्विटर से इस पोस्ट को नहीं हटाएंगे तो आप के खिलाफ एससी एसटी का मुकदमा दर्ज करा देंगे और जेल भेजवा दूंगा. पवन मुंशी का कहना है कि मैं उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही हूं और मैं कोतवाली कर्वी का मुंशी हूं, कोतवाल को जो मैं कहूंगा वही करेगा. एफआईआर दर्ज करने के बाद आप सीधे सलाखों के पीछे होंगे. पवन मुंशी का कहना है जो मैं कहूंगा वहीं पुलिस अधीक्षक कोतवाल साहब करेंगे, डिपार्टमेंट का मामला है मेरा.

इस तरह की धमकियों से तीनों पत्रकार सहम गए और उनसे माफी भी मांगने लगे ताकि sc-st जैसे संगीन धाराओं से बच सकें लेकिन पवन मुंशी के द्वारा पैसों की भी डिमांड की जाने लगी. पवन मुंशी द्वारा लगातार टॉर्चर करने का प्रयास किया जाने लगा.

तीनों पत्रकारों के कार्यालय में जाकर सिपाही धमकी देने लगा, इससे संबंधित कुछ फोटो क्लिप हैं. जब पत्रकारों ने पैसा देने में असमर्थता जाहिर की तब धमकी देकर सिपाही पवन मुंशी अपने साथियों के साथ चला गया. यह घटना 6 सितंबर 2022 की है. सिपाही पवन मुंशी द्वारा धीरेंद्र शुक्ला पर लगातार दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा था, पैसा मांगना और साथ में ट्विटर हैंडल से पोस्ट को डिलीट करने का लगातार दबाव बनाया गया. इस पोस्ट पर कमेंट करने वाले मुबीन सिद्धकी व सुरेंद्र सिंह कछवाह को भी धमकी दी गई जिसके चलते तीनों पत्रकार डरे सहमे रहे.

सिपाही की पोस्ट जैसे जिले में धीरेन्द्र शुक्ला द्वारा डाली गई तो सिपाही की जमकर फजीहत होने लगी. पोस्ट ये थी- गुंडा सिपाही की एक और करतूत देखें, सैलून में घुसकर गुंडई दिखा डाली…

14 सितंबर को सिपाही पवन मुंशी एक सैलून में जाकर सेविंग व मसाज कराने के बाद दुकानदार महेश द्वारा ₹250 मांगने पर गाली गलौज व मारपीट करने लगा. कोतवाली में तैनात मुंशी ने कोतवाली पुलिस को बुलाकर दुकानदार महेश को कोतवाली में बिठा दिया. पट्टों से मारने व जान से मारने की धमकी दी. खुद पीड़ित महेश वीडियो में बता रहा है. पीड़ित महेश ने बताया कि पवन मुंशी द्वारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई तथा ₹5000 रूपये लेकर छोड़ा गया.

पीड़ित महेश का बयान इस ट्विटर लिंक में है, क्लिक करें-

peedit mahesh ka bayan

इसकी खबर तीनों साथी पत्रकारों ने की थी जिसके चलते पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने सिपाही पवन मुंशी को सस्पेंड कर दिया. सस्पेंड होने के बाद बौखला कर सिपाही तीनों पत्रकारों पर एससी एसटी व रंगदारी का मुकदमा फर्जी तरीके से दर्ज करा दिया. सिपाही पवन मुंशी के कई ऑडियो भी मौजूद हैं जिसमें खुद बार-बार फोन करके पत्रकारों को परेशान कर रहा है.

भड़ास 4 मीडिया को असलियत छिपाकर सिपाही द्वारा एकतरफा खबर का प्रसारण कराया गया. भड़ास 4 मिडिया से तीनों पत्रकारो ने संपर्क कर सारी सच्चाई बताई तो पता चला कि सिपाही पवन मुंशी पीड़ित नहीं बल्कि खुद वर्दी वाला गुंडा है. सिपाही पवन मुंशी तीनों पत्रकारो को बदनाम कर उनके संस्थानो से निकलवाने का प्रयास कर रहा था. लेकिन पुलिस कर्मी के पास लिखाई गई एफआईआर की तहरीर के मुताबिक कोई भी सबूत नहीं दिया गया. बड़ा सवाल ये है कि आखिर चित्रकूट पुलिस ने सिपाही पवन के सिर्फ कहने पर फर्जी मुकदमा कैसे दर्ज कर लिया. तीनो पत्रकारों की छवि खराब करने में सिपाही पवन मुंशी ने कोई कसर नहीं छोड़ी.

जो खबर चलाई है सोशल मीडिया में उसका स्क्रीन शॉट भड़ास को भेज रहा हूं. साथ ही पवन सिपाही की पत्रकारों के कार्यालय आकर धमकाने की फोटो भी उपलब्ध है. सैलून के मालिक महेश का बयान भी भेज रहा हूं. सैलून के मालिक को कोतवाली पुलिस किस तरह उठा रही है, इसका CCTV फुटेज भी आपके पास उपलब्ध करा रहा हूं.

आप से सादर निवेदन है कि यूपी पुलिस के गुंडा सिपाही की करतूतों को समाज के सामने रखें ताकि सच्चाई सामने आ सके.

धीरेंद्र शुक्ला

पत्रकार

चित्रकूट


मूल खबर-

चित्रकूट के तीन पत्रकारों पर दलित सिपाही को ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज

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