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Vineeta Yadav : कल रात ख़बर मिली की हरियाणा के नारनोल के एस पी का तबादला हो गया. ये सुनकर मुझे एहसास हुआ की हरियाणा सरकार ने महिला की रक्षा की बात को गम्भीरता से लिया है. दरअसल मैं हरियाणा सरकार के शुरू किए ऑपरेशन दुर्गा की सच्चाई जानने गयी थी नारनोल जहाँ एक गाँव में महिलाओं का बुरा हाल है. इस सच पर जब मैं वहाँ के एसपी हमीद अख़्तर से पक्ष लेने गयी तो वो न सिर्फ़ भड़के बल्कि बहुत ही बेहूदा तरीक़े से चिल्लाने लगे.

मैं हैरान थी कि अचानक इतना बुरा व्यवहार क्यूँ? लेकिन हमीद अख़्तर ने अपने ओहदे का पूरा रोब दिखाया जिससे मुझे बहुत बेइज़्ज़ती महसूस हुई कि मैं वहाँ गयी क्यूँ. मैंने इस पूरे वाक्या की जानकारी हरियाणा police के आईजी अनिल राव को दी. यहाँ व्यवहार में रात दिन का फ़र्क़ था.

अनिल जी को इस बात पर काफ़ी दुःख हुआ और मुझे पता चला कि हमीद अक्सर यही व्यवहार करता है. अनिल जी ने मेरी लिखित शिकायत को गम्भीरता से लिया. इसका शुक्रिया. ऑपरेशन दुर्गा भी अनिल राव की सोच है और ये क़दम उठाकर उन्होंने इस ऑपरेशन को सत्य साबित किया वरना मुझे लगता कि ये महज़ दिखावा है क्यूँकि एक बड़ा अधिकारी अगर तहज़ीब से बात न करे तो कोई police वाला मुहिम पर क्या काम करता.

एबीपी न्यूज की तेजतर्रार पत्रकार विनीता यादव की उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए ढेर सारे कमेंट्स में से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं....

Satish Yadav हामिद अख्तर खुद को मसीहा समझता था। उनके रहते क्षेत्र में अपराध के मामलों में बढ़ोतरी ही हुई। बस खुद को मीडिया की सुर्खियों में देखना उसकी एकमात्र इच्छा थी।

Rajesh Yadav हमीद अख्तर, एक IPS है और वो किसी का अपमान नहीं कर सकते। कई बार इंसान परेशान होता है और उसी समय कोई मीडिया कर्मी सवाल जबाब करता है तो हो सकता है कि उसका जबाब सही न हो मीडिया के लिए। ये आधार बना कर किसी को सर्टिफिकेट देना उचित नहीं है।

Vineeta Yadav राजेश जी आप मुझे नहीं जानते हो. अगर जानते तो ये समझ लेते कि मैं सोलह साल से पत्रकारिता में हूँ और अपना काम तरीक़े से करना जानती हूँ. इसलिए मैं एसपी का बर्ताव देख कर हैरान हुई.

Vikas Mishra चलो दुर्व्यवहार करने वाले अफसर पर गाज तो गिरी।

Vineeta Yadav बिलकुल विकास जी अब तो ट्रेंड हो गया है मीडिया के नाम पर हर पत्रकार पर हावी होने का ! बिना ये जाने की उस पत्रकार की शकसियत क्या है और कैसे बनी ! कुछ की सज़ा सबको देने चल पड़ते है

Mangesh Yadav आपकी शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए कम से कम सरकार ने एसपी पर एक्शन तो लिया। एमपी में तो एडीएम स्तर के अधिकारी ने अपनी भड़ास ,एक लीडिंग अख़बार के संवाददाता पर निकाली और उसे जेल पंहुचा दिया।

Prabhakar Pandey लोक तंत्र में सुचिता होना एक आवश्यक तंत्र होता है और ज़हा सुचिता नहीं वहाँ आवाज उठानी ही चाहीये, चाहें वो कोई भी तंत्र हो. सत्यमेव जयते.

Mahendra Mishra हरियाणा में रामपाल के मामले में मीडिया वालों की हड्डी पसली तोड़ चुकी पुलिस को सुधारना मुशकिल ही नहीं नामुमकिन है.

Vineeta Yadav Anil ji ne woh kiya jo generally officer nhi karte hain! He did amazing work.

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  • Guest - Pramod kumar Singh

    आखिरकार टकराव हो ही गया दो स्तंभों में।यह दोनों ही आमजनों को अपने जूतों की नोक पर रखते हैं!एक पत्रकार को sp के व्यवहार से जो दुख आज हुआ वह दुख तो हमें प्रतिदिन मिलता है !तब पत्रकारों को आम जनों का दुख नहीं दिखता?और जब आज अपने पर पड़ी तो ...........पुनः जनता के पास अपनी आवाज रखनी ही पड़ रही है !??????

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