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मुंबई : पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिये गठित जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में रिकवरी से जुड़े 17(1) के क्लेम में अक्टूबर २०१६ तक का रिकार्ड कामगार आयुक्त कार्यालय महाराष्ट्र ने जारी किया है। इस रिकार्ड के मुताबिक क्लेम करने के मामले में मुंबई के मीडियाकर्मी सबसे आगे हैं जबकि पुणे और नासिक सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। दूसरे नंबर पर औरंगाबाद और तीसरे नंबर पर नागपुर है।

अक्टूबर २०१६ तक मुंबई में जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कराने से जुड़े १७(१) के रिकवरी क्लेम मामले में ८८ मीडियाकर्मियों ने कामगार आयुक्त कार्यालय में अपने अपने अखबार प्रबंधन के खिलाफ क्लेम लगाया है। इसमें से सिर्फ एक क्लेम का निपटारा हुआ जबकि ८७ क्लेम पर सुनवाई अब भी जारी है। इसी तरह औरंगाबाद से अक्टूबर २०१६ तक नौ मीडियाकर्मियों ने क्लेम लगाया है और इन सभी मामलों की सुनवाई जारी है।

नागपुर के मीडियाकर्मी तीसरे स्थान पर हैं। यहां कुल ८ क्लेम लगाये गये हैं जिसमें सभी मामलों की सुनवाई अब भी चल रही हैं। इस तरह पूरे महाराष्ट्र में १७(१) के १०५ क्लेम कामगार आयुक्त कार्यालय में लगाये गये हैं और सिर्फ एक क्लेम का निस्तारण किया गया और १०४ केस अब भी कामगार आयुक्त कार्यालय में विचाराधीन पड़ा है जिसकी सुनवाई चल रही है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्टीविस्ट
९३२२४११३३५

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  • Guest - मंगेश विश्वासराव

    आपकी न्यूज में. सकाळ (मुंबई - नासिक) के कर्मचारियों के बारे में लिखा नहीं गया हैं. मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, रायगड के सकाळ के ७० कर्मचाऱियों ने थाने के श्रम उपायुक्त कार्यालय में तथा नासिक सकाळ के ५० कर्मचारियों ने १७ (१) के तहत क्लेम लगाया हैें. थाने श्रम उपायुक्त कार्यालय में ७० कर्मचारियों की सुनवाई पूरी हो चुकी हैं, जिसमें कंपनी प्रशासन ने कुछ भी प्रूफ नही दिए हैं. अब लेबर कोर्ट में १७ (२) मामला गया हैं. नासिक में सुनवाई जारी हैं. प्लीज नोट धिस.

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