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कानपुर प्रेस क्‍लब चुनाव के बाद स्‍थानीय पत्रकारों के बीच शुरू हुयी रार थमने का नाम नही ले रही है। चुनाव के बाद स्‍थानीय पत्रकार दो गुटों में बंटे साफ नज़र आ रहे हैं। इनके द्वारा नित्‍य नये नये आरोप एक दूसरे गुट पर लगाये जा रहे हैं। रार की शुरुआत चुनाव परिणाम आते ही शुरू हो गयी थी। चुनाव हारे सुरेश त्रिवेदी ने तुरंत ही फर्जी वोट डाले जाने की बात कह कर परिणाम को संदेह के घेरे में रखने की कोशिश की थी। आरोप प्रत्‍यारोप के चलते पत्रकार अब एक दूसरे पक्ष के विरूद्ध लामबंद हो गये हैं। इसके परिणाम में वर्तमान प्रेस क्‍लब के अध्‍यक्ष अवनीश दीक्षित के खिलाफ स्‍थानीय बाबूपुरवा थाने में एफआईआर तक दर्ज हो गयी है।

रजिस्‍ट्रार आफ सोसायटीज के कार्यालय में आवेदन करके वर्तमान कार्यकारिणी को मान्‍यता न दिये जाने का भी प्रयास कि‍या जा रहा है। इसके साथ ही चुनाव हारे सुरेश त्रिेवेदी के द्वारा कानपुर में दूसरा प्रेस क्‍लब के गठन के प्रयास किये जा रहे हैं जिसमें उनके द्वारा शहर के पत्रकारों को आत्‍मा की आवाज़ सुन कर शामिल होने की बात कही जा रही है। कानपुर में पत्रकार दो गुटों मे बंट कर एक दूसरे की टांग खिचायी का कार्य अच्‍छी तरह से कर रहे हैं।

खबरों के व्‍हाट्सअप ग्रुप में अब खबरें नदारत हो गयी हैं और दोनो पक्षों के आरोप प्रत्‍यारोप ही चल रहे हैं जिसका मजा स्‍थानीय राजनैतिक दलों के नेताओं और शहर की जनता द्वारा लिया जा रहा है। वरिष्‍ठ पत्रकार सुरेश त्रिवेदी के समर्थकों का आरोप है कि पिछली कार्यकारिणी के द्वारा प्रेस क्‍लब की मेबरशिप में काफी धांधली की गयी है जिससे अण्डा बिरयानी बेचने वाले, चैनल के दफ्तर के बाहर साइकिल स्‍टैण्‍ड लगाने वाले तक प्रेस क्‍लब के सदस्‍य बन गये हैं। वर्तमान अध्‍यक्ष द्वारा स्‍वयं कोई जवाब न देकर अपने समर्थकों के माध्‍यम से विरोधियों पर जमकर शाब्‍दिक प्रहार कराये जा रहे हैं। इससे लगता है कि अभी संघर्ष विराम की स्थिति नहीं आने वाली है।

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