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बरेली से बड़ी खबर आ रही है कि नोयडा बुलाकर जबरन इस्तीफा लिखा लेने से तिलमिलाए बरेली यूनिट के सीनियर आईटी मैनेजर हरिओम गुप्ता ने हिन्दुस्तान के प्रबन्धन को सबक सिखाने की ठान ली है। वे अपने हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को मैदान में उतर गए हैं। उन्होंने इस उत्पीड़न की वजह मजिठिया वेज बोर्ड के मुताबिक वेतन-भत्ते आदि की मांग करना बताया। उन्होंने हिन्दुस्तान प्रबन्धन पर 43 लाख 64 हजार 850 रुपये के मजिठिया के बकाया एरियर का दावा उपश्रमायुक्त बरेली के समक्ष ठोंक दिया है। उपश्रमायुक्त ने हिन्दुस्तान के प्रबंधन को नोटिस जारी कर तलब किया है।

दरअसल माह मई में मजीठिया वेज बोर्ड के अनुरूप वेतन और भत्ते ना देने के मामले में अवमानना के केस में सुप्रीम कोर्ट के संभावित कड़े फैसले के आने से पहले ही हिन्दुस्तान प्रबंधन बुरी तरह बौखला गया था। बौखलाहट में हिन्दुस्तान प्रबंधन ने स्टाफ को और कम करना शुरू कर दिया था।ताकि मजीठिया मांगने और प्रबंधन की मुखालफत करने की  वह कर्मचारी हिम्मत ना जुटा सकें, जो अभी भी पांच-पांच आदमियों के काम का बोझ उठाकर उफ़ भी नहीं कर रहें हैं और मजीठिया वेतनमान व एरियर मिलने की झूठी उम्मीद पाले हुए नौकरी कर रहे हैं।

इसी साल माह मई में हिंदुस्तान प्रबंधन ने दहशत कायम करते हुए बरेली यूनिट के सीनियर आईटी मैनेजर हरिओम गुप्ता को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उनकी जगह लखनऊ से बुलाकर रमेश कुमार को सीनियर आईटी मैनेजर की कुर्सी सौंप दी थी। हरिओम गुप्ता को पहले नोयडा बुलाया गया फिर उनसे मजिठिया मांगने की हिमाकत करने की सजा देते हुए जबरन इस्तीफे पर साइन कर लिए गए थे।

बरेली में उसी समय इतना ही नहीं हिन्दुस्तान प्रबंधन ने कई सालों से बरेली यूनिट में कार्यरत गरीब मेहनतकश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भी पेट पर लात मार दी थी।ये कर्मचारी रोजी-रोटी खोकर सड़क पर आ गए हैं।जिनमें ऑफिस कर्मचारी विपिन कुमार राणा, राजेश कुमार शर्मा, माली विजयपाल , हाउस कीपर सुभाष वाल्मिकी, प्रोडक्शन के सुशील कुमार और पैकिजिंग सेक्शन के चार कर्मचारी हैं।

सुप्रीम कोर्ट की लगातार अवमानना करके न्यायपालिका को खुली चुनौती दे रहे बेख़ौफ़ हिन्दुस्तान प्रबंधन को अब जबरन निकाले गए सीनियर आईटी मैनेजर हरिओम गुप्ता ने सबक सिखाने की ठान ली है। उन्होंने हिन्दुस्तान द्वारा किये गए उत्पीड़न की उपश्रमायुक्त बरेली से शिकायत की है। साथ ही मजिठिया वेज बोर्ड के मुताबिक वेतन-भत्तों आदि के एरियर का बकाया 43 लाख 64 हजार 850 रुपये का भुगतान दिलाने का आग्रह किया है। उप श्रमायुक्त बरेली के समक्ष श्री गुप्ता की ओर से पैरवी मजिठिया मामलों के जानकार/अधिवक्ता मनोज शर्मा व आलोक शंखधार कर रहे है। मनोज शर्मा ने बताया कि बरेली हिन्दुस्तान के सात और कर्मचारियों ने मजिठिया के क्लेम तैयार कराए हैं, जिन्हें श्रम विभाग/श्रम न्यायालय से न्याय दिलाने को वह  इसी सप्ताह केस करने जा रहे हैं। बरेली में मजिठिया की लड़ाई तेज होती जा रही है।

मालूम हो कि बरेली में 31 मार्च को डीएलसी के स्तर से हिंदुस्तान के चीफ रिपोर्टर पंकज मिश्रा के पक्ष में 25,64,976 रूपये, सीनियर कॉपी एडिटर मनोज शर्मा के पक्ष में 33,35,623 रूपये और सीनियर सब एडिटर निर्मलकांत शुक्ला के पक्ष में 32,51,135 रूपये की वसूली के लिए हिन्दुस्तान बरेली के महाप्रबंधक/यूनिट हेड और स्थानीय संपादक के नाम आरसी जारी हो चुकी हैं।

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  • Guest - अणदाराम बिश्नोई

    यह जानकर बहुत दु:ख हुआ कि पत्रकारो के साथ क्या क्या किया जा रहा है। मै भी पत्रकारिता का विद्यार्थी हुं। आखिर हम सब मिलकर सरकार का कानुन बनाने के लिए क्यो नही दबाव डालते

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