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सुमित अवस्थी गए तो एबीपी न्यूज को भुगतना पड़ेगा!

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रजत अमरनाथ-

बीपी के सी ई ओ अविनाश पांडे ने एक आंतरिक मेल जारी किया और बताया कि टीवी 9 के टीआरपी मास्टर संत प्रसाद ने सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर एबीपी में अपना पद संभाल लिया है। अब से एबीपी न्यूज़ के सबसे बड़े चेहरे और एबीपी के ब्रांड सुमित अवस्थी को संत प्रसाद को रिपोर्ट करना पड़ेगा। मतलब सुमित अवस्थी एंकरिंग तो करते रहेंगे लेकिन सारे संपादकीय डिसीजन अब से संत प्रसाद लिया करेंग़े।

एबीपी न्यूज़ का प्रबंधन सुमित अवस्थी को कितना जानता है या उनकी क्षमता या कार्यशैली को कितना पहचानता है? मैं सुमित अवस्थी को 1999 से जानता हूं। सुमित अवस्थी ने टेलीविजन में शुरुआत ज़ी न्यूज़ से की थी। वहां वह एक पार्टी की बीट संभाला करते थे। साथ ही मेहनत लगन से खबरें लेकर आते थे। मुझे याद है सुमित अवस्थी की आवाज एक बार हमारे टेक्निकल के हेड चाचू ने यह कहकर रिजेक्ट कर दी थी कि उनकी आवाज में बेस नहीं है और यह आवाज टीवी पर जाने लायक नहीं है।

लेकिन सुमित अवस्थी की उसी आवाज को रामगोपाल वर्मा ने अपनी फिल्म “कंपनी” में इस्तेमाल किया। यह बात तो सुमित अवस्थी की आवाज की थी। अब दूसरी बात उसकी मेहनत की। जब आईसी 814 का हाईजैक रातों-रात किया गया तब सुमित अवस्थी और मानक गुप्ता ने ही एंकरिंग का मोर्चा संभाला और लगातार 2 दिन तक एंकरिंग करते रहे। तब ना दोनों को खाने पीने की सुध थी और ना ही आराम की।

सुमित अवस्थी एंकरिंग भी कर रहे थे और उस दौरान लगातार रिपोर्टिंग भी कर रहे थे। इसके बाद सुमित अवस्थी पर विश्वास दिखाया संजय पुगलिया ने और उसे अटल बिहारी वाजपेई और परवेज मुशर्रफ के आगरा समिट में अहम जिम्मेदारी दी गई। यहां भी सुमित अवस्थी और राहुल महाजन ने अंदर की खबरें बाहर तक पहुंचाई।

सुमित अवस्थी बेशक से नेशनल पार्टी की बीट संभालते रहे हों लेकिन कभी भी ऐसा नहीं लगा कि वह किसी पार्टी के प्रवक्ता या माउथपीस हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है एक बार सुमित अवस्थी कानपुर में मुरली मनोहर जोशी का इंटरव्यू कर रहे थे। सुमित अवस्थी ने कुछ ऐसा सवाल किया की शांत रहने वाले मुरली मनोहर जोशी ने अपना आपा खो दिया और एक तरह से सुमित अवस्थी को अपने ही घर में बंधक बना लिया।

सुमित अवस्थी आज तक का भी चेहरा बने। जो आज एबीपी है यह कभी स्टार न्यूज़ होता था इसका भी चेहरा रहे। अपना होमवर्क करके ही एंकरिंग पर बैठते हैं, यह मैंने खुद देखा है। आज सुमित अवस्थी पर इसलिए लिख रहा हूं कि ऐसा लगता है की एबीपी न्यूज़ ने अपने सबसे बड़े ब्रांड को किनारे कर दिया है। ऐसे में कहीं ना कहीं एबीपी को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा।

जिस तरह से सुधीर चौधरी की अपनी फैन फॉलोइंग है उसी तरह से हर एंकर की होती है और सुमित अवस्थी की भी है। ऐसे में अगर सुमित अवस्थी कहीं दूसरे चैनल का रुख करते हैं तो एबीपी न्यूज चैनल को जरूर खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ‌

सुमित अवस्थी से ना तो मुझे कोई नौकरी चाहिए और ना ही किसी तरह का कोई और उपकार। अगर मैंने सुधीर चौधरी की कमियों और गलतियों पर लिखा है तो जो सही करता हो तो उस पर भी लिखना बनता है। सुमित अवस्थी और मैं कभी दोस्त नहीं रहे पर ज़ी न्यूज़ में हम एक दूसरे के अच्छे सहयोगी जरूर रहे, इसी कारण यह मैंने लिखा।

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  • साल 2018 में मैं नेटवर्क 18 की बंद हो चुकी वेबसाइट फर्स्टपोस्ट में ट्रेनी था. उस दौरान लंच के लिए जब नीचे जाता था तब सुमित सर नीचे टहलते हुए शाम के शो के लिए अपना होमवर्क कर रहे होते थे. स्टार एंकर थे, लेकिन दो महीनों में मैंने कभी उनके चेहरे या हावभाव में कभी वो धौंस नहीं देखी थी जो अमूमन एक अदने से एंकर में भी होती है.

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