इस संपादक ने अपनी कमाई के चालीस लाख रुपये पत्रकार हित में दान में दे डाले! देखें तस्वीरें

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Brajesh Rajput-

डाक्टर सुरेश मेहरोत्रा का प्रेरणा दिवस… अपने कंपकपाते हाथों से चेक बुक पर दस्तख़त करने के बाद जब वो हमसे मुख़ातिब हुये तो उनके चेहरे पर अजब सा संतोष दिख रहा था. चेक पाँच लाख रुपये का था और वो धीरे से फुसफुसाये तो ये हो गये मेरे तरफ़ से पूरे चालीस…. भगवान मुझे उमर दे तो तुम सबके इस अनोखे काम को पूरे पचास देकर इस दुनिया से जाना चाहता हूँ.

अब आप दिल थाम लीजिये. बात चालीस और पचास हज़ार की नहीं बल्कि चालीस और पचास लाख की हो रही है और करने वाले हैं हमारे भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार डाक्टर सुरेश मेहरोत्रा जो अपनी छिहतर साल की उमर में भी अपनी जानी मानी साइट वहिस्पर इन द कारीडोर का काम करते हुए भोपाल के हम पत्रकारों की संस्था सोसायटी ओफ़ जर्नलिस्ट हेल्थ केयर को हर साल बिना नागा पाँच लाख रुपये चेक से देते हैं जिससे ये संस्था पूरे साल अपने पत्रकार साथियों की अचानक तबियत बिगड़ने पर तत्काल मदद करती है.

ये आठवाँ साल था जब हम जनवरी की शाम डाक्टर साहब के निमंत्रण पर उनके घर के लान में बैठकर चाय पी रहे थे और उनसे चेक ले रहे थे. साथ ही दाद दे रहे थे इस बुजुर्ग की जो कह रहा था कि आप संस्था के लोग किसी पत्रकार क़ी मदद करने में कभी पीछे नहीं हटना. आप सब बहुत अच्छा काम लम्बे समय से कर रहे हो.

डाक्टर साहब खाँटी पत्रकार हैं जिन्होंने उज्जैन से भोपाल आकर विभिन्न अख़बारों में काम करते हुये पिछले साठ सालों में जो ऊँचाई पाई है वो भोपाल के सारे अख़बार मालिकों और संपादकों से भी ज़्यादा है.

बेहद विनम्र और सौम्य डाक्टर साहब अब सहारे से चलते हैं मगर उनके दिए रुपये पूरे साल ना जाने कितने पत्रकार साथियों के परिवार के आड़े वक्त पर उनका सहारा बनते हैं इसका ब्योरा यहाँ देने लग जाऊँ तो जगह कम पड़ जायेगी.
जिस जमाने में लोग छोटा सा काम कर Facebook पर डालने को बेताब रहते है उस दौर में डाक साब अपने बारे में कुछ बताना और उसके प्रचार से दूर रहते हैं.

मुझे मालूम है कि ये लिखना उनको पसंद नहीं आएगा और वो अपने ख़ास अंदाज़ में ये ज़रूर कहेंगे अरे भाई क्या लिख दिया.

मगर मेरा मानना है कि डाक्टर साहब से हम सब भी प्रेरणा लें और लाख नहीं तो कुछ राशी हम भी अपनी तरफ़ से इस संस्था को दें. अपनी सालाना सहयोग राशी के अलावा भी दें. तब कहीं जाकर वो उद्देश्य पूरा होगा जिसका सपना डाक्टर मेहरोत्रा देख रहे हैं. मैं अपनी तरफ़ से सोसायटी को पाँच हज़ार रुपये का चेक भेज रहा हूँ.

आख़िर में यही कहूँगा, हमारे मेहरोत्रा सर लम्बी उमर पायें और हम हर साल ये प्रेरणा दिवस मनायें .. शुक्रिया सर

एबीपी न्यूज के पत्रकार ब्रजेश राजपूत की एफबी वॉल से.

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