फर्जी स्टिंग कराने वाले राजदीप सरदेसाई, आशुतोष और अरुणोदय ने कोर्ट में किया सरेंडर, देखें मौके की तस्वीर

दिनभर अदालत में कस्टडी में रहना पड़ा राजदीप, आशुतोष और अन्य को… गाजियाबाद के पूर्व सीएमओ एवं वर्तमान में नोएडा में सीएमएस के पद पर तैनात डॉक्टर अजय अग्रवाल के खिलाफ फर्जी स्टिंग ऑपरेशन करने एवं उसे समाचार चैनल पर चलाकर अजय अग्रवाल की छवि धूमिल करने एवं मानहानि का चल रहा है मुकदमा… Share …

आम आदमी पार्टी के आशुतोष को रवीश कुमार का खुला पत्र

आशुतोष जी,

मैं आज दिल्ली में नहीं था। देवेंद्र शर्मा के साथ रिकॉर्डिंग कर रहा था कि किसानों की इस समस्या का क्या कोई समाधान हो सकता है। हम गेहूं के मुरझाए खेत में एक मायूस किसान के साथ बात कर रहे थे। हमने किसान रामपाल सिंह से पूछा कि आपके खेत में चलेंगे तो जो बचा है वो भी समाप्त हो जाएगा। पहले से मायूस रामपाल सिंह ने कहा कि कोई बात नहीं। इसमें कुछ बचा नहीं है। अगर आपके चलने से दूसरे किसानों को फायदा हो जाता है तो मुझे खुशी होगी। वैसे भी अब इसका कोई दाम तो मिलना नहीं है, कुछ काम ही आ जाए। ये उस किसान का कहना है जो चाहता है कि उसकी बर्बादी के ही बहाने सही कम से कम समाधान पर बात तो हो। शायद गजेंद्र ने भी इसी इरादे से जान दे दी जिस इरादे से रामपाल सिंह ने हमारे लिए अपना खेत दे दिया।

आशुतोष जैसा एक मीडियॉकर पत्रकार और बौनी संवेदना का आदमी ही इतनी विद्रूप बातें बोल सकता है!

Vishwa Deepak : गजेन्द्र नामक ‘किसान’ की आत्महत्या के बारे में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष कहते हैं- ”यह अरविंद केजरीवाल की गलती है. उन्हें मंच से उतर जाना चाहिए था.उन्होंने गलती की. अगली बार मैं केजरीवाल को कहूंगा कि वो मंच से उतर पेड़ पर चढ़ें और लोगों को बचाएं.”

”मनीष सिसोदिया और आशुतोष खुद पत्रकार रहे हैं और अब वही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोटना चाहते हैं”

दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीजेए) केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली सचिवालय में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध की कड़ी निंदा करता है और साथ ही दिल्ली के उप-राज्यपाल से मांग करता है कि वह प्रेस की आजादी को बचाने के लिए हस्तक्षेप करें और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फौरन इस प्रतिबंध को हटाने का निर्देश दें। पिछली बार भी जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी तब भी केजरीवाल सरकार ने पत्रकारों के सचिवालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन पत्रकारों के प्रबल विरोध और सचिवालय पर धरना प्रदर्शन के बाद यह प्रतिबंध हटा लिया गया था। इस बार भी पत्रकार इसके विरोध में मीडिया रूम में दो दिन से डटे हुए हैं।

आशुतोष से फिक्सिंग के बाद ‘बागी’ बने पंकज श्रीवास्तव, 2017 में ‘आप’ के टिकट से यूपी में लड़ेंगे चुनाव!

एसोसिएट एडिटर पंकज श्रीवास्तव को नान-परफारमेंस में खुद की बर्खास्तगी का एहसास पहले से था. इसी कारण उन्होंने कभी आईबीएन7 के मैनेजिंग एडिटर रहे और आजकल ‘आप’ के खास नेता बने घूम रहे आशुतोष से संपर्क साधा. आशुतोष के जमाने में ही पंकज श्रीवास्तव की भर्ती हुई थी. आशुतोष और पंकज की डील हुई. इसी डील के तहत यह तय हुआ कि ऐन चरम चुनावी प्रक्रिया के बीच पंकज श्रीवास्तव अपने नए मैनेजिंग एडिटर सुमित अवस्थी को ‘आप’ और केजरीवाल को लेकर एक मैसेज करेंगे. सबको पता है कि टीवी में इस तरह के आंतरिक मैसेज का अंजाम क्या होता है. पंकज श्रीवास्तव को समय से पहले यानि चुनाव बाद तय बर्खास्तगी से पहले ही बर्खास्त कर दिया गया.