एबीपी न्यूज के डिजिटल विंग को तैमूर और उसकी मम्मी से बहुत प्यार है!

आजकल पत्रकारिता पूरी तरह हास्यकारिता में तब्दील हो चुकी है. एबीपी न्यूज वाले अपने डिजिटिल विंग पर जिन लोगों को बिठाए हैं, उन्हें भले बीजेपी न लिखना आता हो (देखें स्क्रीनशाट जिसमें शीर्षक में ही ‘बीजेपी’ की जगह ‘बेजेपी’ लिखा हुआ है) पर वे तैमूर और उनकी मम्मी से जुड़ी कोई भी खबर छापने से …

एबीपी न्यूज के इंद्रजीत राय ने स्टिंग के जरिए योगी राज में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार का किया खुलासा, देखें वीडियो

ABP न्यूज़ चैनल पर Indrajeet Rai जी ने दिलेरी का परिचय देकर ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव की पोल खोली.. असल में ट्रांसफर, पोस्टिंग का ये धंधा बड़ा आम है.. जानते सभी पत्रकार हैं लेकिन इंद्र ‘जीत’ होना आसान नहीं… कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

एबीपी न्यूज के रिपोर्टर और एंकर अपनी मूर्खता का मुजाहिरा कर रहे हैं!

Shishir Soni : जिस तरह से @ABPNewsHindi के रिपोर्टर एंकर #AmritsarTrainAccident के बहाने अपनी मूर्खता का मुजाहिरा कर रहा है वो पत्रकारिता के लिए बड़ा कलंक है। सवाल ऐसे उठाया जा रहा है जैसे नवजोत कौर ने लोगों को पटरी पर खड़ा कर कटवा दिया। सवाल डीएम एसपी के सस्पेंशन का उठना चाहिए। निश्चिततौर पे …

अभिसार शर्मा की भी एबीपी न्यूज ने छुट्टी कर दी

पुण्य प्रसून बाजपेयी के बाद अभिसार शर्मा की भी एबीपी न्यूज ने छुट्टी कर दी. इसकी पुष्टि खुद अभिसार ने की है. मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करने वाले शोज के चलते एबीपी न्यूज प्रबंधन अपने दो वरिष्ठ पत्रकारों पुण्य प्रसून और अभिसार से खौफजदा था. आरोप है कि सत्ता के शीर्षस्थ लोगों …

चित्रा त्रिपाठी और एबीपी न्यूज चैनल के नाम पर कुछ ठग लोग जमकर उगाही कर रहे

पटना : ये हैरत की बात नहीं तो और क्या है कि मीडिया समाज के अंदर छिपे गुनाहगारों को सामने लाती है लेकिन उसी मीडिया के नाम पर अब ठगी का काम जोरों पर जारी है। देश के नामचीन चैनल एबीपी न्यूज चैनल और वहां कार्यरत एक वरिष्ठ पत्रकार के नाम पर बेहद शातिर ढंग …

आउटलुक ने तो एबीपी समूह की कह के ले ली!

Braj Mohan Singh : OUTLOOK has shown real guts to publish this letter after 600-700 journalists were sacked in a very unethical manner @telegraph. In fact, how many did show this courage to highlight the plight of journalists? How many press clubs decided to take out protest rallies? And in which cities?

दी टेलीग्राफ से इस्तीफे के बाद पत्रकार विश्वजीत ने लंबा खत लिख एबीपी समूह की पोल खोल दी

आनंद बाजार पत्रिका समूह यानि एबीपी समूह के अंग्रेजी अखबार का नाम दी टेलीग्राफ है. यहां से हटने के बाद पत्रकार विश्‍वजीत रॉय ने एक लंबा पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने दिल की बात लिखी है. उन्होंने 700 मीडियाकर्मियों की आनंद बाजार पत्रिका समूह से छंटनी का जिक्र किया है. साथ ही इस बहाने अंदरखाने चले घटनाक्रम का जिक्र कर कंपनी की नीतियों पर प्रश्नचिन्ह लगाया है. पूरा पत्र इस प्रकार है…

मीडिया में छंटनी : एक-एक कर सबका नंबर आने वाला है, हक के लिए हुंकार भरें मीडियाकर्मी!

सुना है कि एबीपी ग्रुप ने 700 मीडियाकर्मियों से इस्तीफा लिखवा लिया है। दैनिक भास्कर में भी पुराने कर्मचारियों से इस्तीफा लिखवाया जा रहा है। दमन का यह खेल पूरे मीडिया जगत में चल रहा है। मजीठिया वेज बोर्ड की वजह से प्रिंट मीडिया में कुछ ज्यादा ही कहर बरपाया जा रहा है। चाहे राष्ट्रीय सहारा हो, दैनिक जागरण हो, हिन्दुस्तान हो या फिर अमर उजाला लगभग सभी समाचार पत्रों में कर्मचारियों में आतंक का माहौल बना दिया गया है।

आज तक, एबीपी न्यूज और एनडीटीवी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का नोटिस

नई दिल्ली : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने याकूब मेमन की फांसी कवरेज पर कड़ी आपत्ति जताते हुए तीन न्यूज चैनलों को कार्रवाई के नोटिस जारी कर दिए हैं। सरकार को फांसी से संबंधित समाचारों को प्रस्तुत करने के तरीके पर गंभीर आपत्ति है।

एबीपी के अनोखे शो ‘प्रेस कांफ्रेस’ में गूंजा केजरीवाल का ‘ठुल्ला’

एबीपी न्यूज ने नया शो प्रेस कांफ्रेंस ने शुरू किया है जो हर शनिवार रात 8 बजे, रविवार सुबह 10 बजे और रात में 8 बजे प्रसारित किया जाता है. एबीपी न्यूज के पहले शो में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की और खुलकर सारे सवालों का जवाब दिया. ये देश का इकलौता पहला शो है जिसमें 12 वरिष्ठ पत्रकार शामिल हैं जो हर गेस्ट से ये सवाल करेंगे. प्रेस कांफ्रेंस शो के एंकर वरिष्ठ पत्रकार दिबांग हैं.

एबीपी न्यूज के एडिटर इन चीफ शाजी जमां अपने चैनल में न्याय क्यों नहीं कर रहे?

: कानाफूसी : एबीपी न्यूज चैनल से खबर है कि पीसीआर में कार्यरत एक वरिष्ठ महिला मीडियाकर्मी को इन दिनों न्याय की तलाश है. एडिटर इन चीफ शाजी जमां को सब कुछ पता है. लेकिन पीड़िता को न्याय नहीं मिल पा रहा. हुआ ये कि पीसीआर में कार्यरत वरिष्ठ महिला मीडियाकर्मी ने एक रोज अपने फेसबुक पेज पर बिना किसी का नाम लिए यह लिख दिया कि ‘एंकर ने कितना घटिया सवाल पूछा’.

ABP न्यूज ने ‘तर्क’ से जिताया मोदी को

पाठकों की राय को दरकिनार कर ABP न्यूज ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल 2014 का व्यक्ति विशेष बना डाला। ABP न्यूज ने अपनी वेबसाइट ABP live पर साल 2014 के व्यक्ति विशेष का पोल करवाया। इस पोल में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुरी तरह पछाड़ दिया। मगर, ABP न्यूज ने निम्न तर्क देते हुए अरविंद केजरीवाल को हरा दिया।

एबीपी का पंजाबी चैनल बंद हुआ, 200 बेरोजगार हुए, प्रदर्शन किया, पर ‘एबीपी न्यूज’ पर दस सकेंड की भी खबर नहीं चली

एक के बाद एक पंजाबी चैनलों के बंद होने के पीछे किसका हाथ? एबीपी चैनल सांझा ने दफ्तर बंद किया और 200 के करीब कर्मियों की छुट्टी की। उन्हें यह कहकर इस्तीफे देने का आदेश दिया कि पंजाब में केबल नेटर्वक उनका चैनल चलाने के लिए तैयार नहीं है। अगर पंजाब सरकार या केबल नेटर्वक किसी चैनल को जबरदस्ती रोकते हैं तो जिस मीडिया कंपनी का राष्ट्रीय स्तर का चैनल हो और वह अपना चैनल बंद करवाने वाले केबल नेटर्वक या सरकार के खिलाफ एक भी खबर तक न चलाए तो इस बात का क्या अर्थ निकलता है। ‘एबीपी सांझा’ बंद हुआ लेकिन एबीपी न्यूज़ (राष्ट्रीय चैनल) ने 10 सेंकड तक की भी कोई न्यूज़ नहीं चलाई। क्या विरोध केवल सरकार के खिलाफ होना चाहिए, कंपनी के खिलाफ नहीं जिसने अपनी मर्जी से प्रोजेक्ट शुरू किया और अचानक ही घाटे का सौदा बताकर बंद कर दिया।

क्या एबीपी न्यूज अपनी चलाई सनसनियों पर एक बार भी नजर डालने को तैयार है?

Sheetal P Singh : लम्बे समय तक पेड मीडिया और चिबिल्ले चैनल इस कथित बाबा की गप्पों को UPA2 की हैसियत बिगाड़ने के लिये राष्ट्रीय ख़बर बनाते रहे। अब कोई अपनी ही चलाई सनसनियों पर एक बार भी नज़र डालने को तैयार नहीं है… और यह ढोंगी बाबा तो खैर टैक्सपेयर की कमाई से Zplus कैटगरी का हो ही गया!

शिअद-भाजपा सरकार ने केबल माफिया से मिलकर नहीं लांच होने दिया एबीपी ग्रुप का पंजाबी न्यूज चैनल, विरोध में प्रदर्शन

: ब्लैकआउट के जरिए ‘एबीपी सांझा न्यूज’ चैनल बंद कराने वाले बादल सरकार और केबल माफिया के खिलाफ मीडियाकर्मियों का प्रदर्शन : पंजाब में मीडिया की हालत बहुत खराब है. केबल माफिया का काला साम्राज्य इस कदर फैला और मजबूत है कि अगर कोई नया चैनल सत्ता-प्रशासन के खिलाफ पत्रकारिता करता है तो उसे पूरी तरह ब्लैकआउट कर दिया जाता है जिसके कारण चैनल की पहुंच आम लोगों तक नहीं हो पाती. यही कारण है कि आनंद बाजार पत्रिका समूह के नए आने वाले पंजाबी न्यूज चैनल ‘एबीपी सांझा न्यूज’ को लांच से पहले ही बंद करना पड़ा. इस चैनल के कर्मियों को तीन महीने की सेलरी देकर चैनल बंद किए जाने की सूचना दी गई.

एबीपी का पंजाबी चैनल लांच होने से पहले ही बंद, 200 मीडियाकर्मी बेरोजगार

एबीपी (आनंद बाजार पत्रिका) वालों ने 200 मीडियाकर्मियों के पाट पर लात मारने का काम किया है. एबीपी की तरफ से पंजाबी चैनल ‘एबीपी सांझा’ लांच करने की तैयारी कई वर्षों से चल रही थी. इसके लिए करीब 200 लोगों को भर्ती किया गया. अब सूचना आ रही है कि प्रबंधन ने चैनल को बंद करने का फैसला ले लिया है और सभी कर्मियों को घर जाने को बोल दिया है. यह चैनल मोहाली से लांच किया जाने वाला था. ABP सांझा नाम से आने वाले चैनल के प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को अपने यहां से बाहर निकाल दिया है.