जागरण कर्मचारी लड़ाई जीते, इंक्रिमेंट-प्रमोशन समेत ज्यादातर मांगें प्रबंधन को मंजूर

नोएडा : अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत दैनिक जागरण के कर्मचारियों का प्रबंधन से समझौता हो गया। उनके ज्यादा से ज्यादा मान लेने के लिए प्रबंधन मजबूर हो गया। आंदोलन की दो-तीन खास कामयाबियां रहीं। एक तो काम के घंटे छह सुनिश्चित हो गए, ओवर टाइम ड्यूटी का डबल भुगतान मिलेगा, साथ ही वेतन में दस प्रतिशत तक इंक्रिमेंट होगा। 

 

ललित मोदी से मिला, खबर से न समझौता होना था और न हुआ

मुझे याद है, राजस्थान में संपादकी कर रहा था। चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले हमारे अखबार की वजह से तिरंगा कांड हुआ और ललित मोदी के साथ शहर के एसपी के खिलाफ वारंट जारी हो गया। ललित ने मिलना चाहा और अपन मिलने से मना करने को लोकतंत्र विरोधी मानते हैं। ललित से छोटी सी मुलाकात रामबाग पैलेस होटेल के स्यूट में हुई, साफ था, खबर से ना समझौता होना था और ना हुआ। लेकिन जब और पड़ताल हुई तो शहर कलेक्टर के बारे में लोगों ने बताया किलैंड यूज चेंज के खेल में ललित के साथ कलेक्टर साहेब ने भी करीब 1200 करोड़ कमा लिए। 

मानहानि का मुकदमा ठोकते ही समझौते के लिए रिरियाने, फिर धमकाने लगा दैनिक जागरण

मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) : अपना गला फंसते देख खुद को देश ही नहीं, पूरी दुनिया का नंबर वन कहने वाला बड़बोला अखबार दैनिक जागरण किस तरह सिंह से सियार बन जाता है, इसकी बानगी भर है ओमवीर सिंह प्रकरण। मानहानि के उस मामले में अपनी गलती से मुंह चुराते हुए जागरण प्रबंधन को आखिरकार ओमवीर के आगे समझौते के लिए रिरियाना पड़ा।