युवा पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट अंशु सचदेवा की खुदकुशी के बाद फेसबुक पर आत्महत्या के पक्ष में होने लगी बहस!

(स्वर्गीय अंशु सचदेवा)


पत्रकार अमृत सागर के स्टेटस को शेयर करते हुए सोशल एक्टिविस्ट Sandip Naik इस पर सहमति जताते हैं कि आत्महत्या करना हिम्मत का काम है. वह लिखते हैं: ”दुखी हूँ परंतु इस लड़की की बहादुरी को सलाम। आत्म ह्त्या हिम्मत का काम है और किसी को मरने के बाद कोसना गलत है। व्यवस्था बदलें हम सब तब बात करें। मुझे तो दुर्खीम सही लगता है कभी कभी।”

मेरी इस सुंदर-सी फेसबुक दोस्त ने कल आधी रात के बाद सुसाइड कर लिया और मैं अनजान रहा…

Yashwant Singh : मेरी इस सुंदर-सी फेसबुक दोस्त ने कल आधी रात के बाद सुसाइड कर लिया और मैं अनजान रहा… अपने फेसबुक फ्रेंड और प्रतिभाशाली युवा लिक्खाड़ नितिन ठाकुर की पोस्ट पढ़कर ठिठक गया. दुबारा-तिबारा पढ़ा. अंशु सचदेवा ने खुदकुशी कर ली. उन्होंने यह जानकारी देते हुए अंशु का फरवरी महीने का एक स्टेटस शेयर किया जिसमें अंशु सचदेवा ने लिखा है: ”वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन, उसे एक खूबसूरत मोड़ दे के छोड़ना अच्छा”. यह सब पढ़ के सोचा कि देखूं, कहीं अंशु सचदेवा मेरी फ्रेंड लिस्ट में तो नहीं. देखा तो ऐसा ही निकला. अंशु सचदेवा मेरी फेसबुक फ्रेंड हैं. 16 अप्रैल तक उन्होंने अपना स्टेटस अपडेट किया हुआ है. उनकी वॉल और उनकी पोस्ट्स और उनकी तस्वीरें देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि यह खूबसूरत संगीतमय लड़की अचानक सुसाइड कर लेगी.