भोपाल पत्रकार भवन : वो शमां क्या बुझे जिसे रोशन ख़ुदा करे

मित्रों, जब भी कभी पत्रकार भवन को लेकर श्रमजीवी पत्रकार संघ के विरुद्ध कोई फैसला आता है तो संघ के अध्यक्ष साथी शलभ भदौरिया के कुछ शुभचिंतक शोर मचाने लगते हैं। हाल ही में भोपाल संभाग के अपर आयुक्त श्री एन पी डहेरिया ने पत्रकार भवन की लीज़ के मामले में श्रमजीवी पत्रकार संघ की अपील ख़ारिज कर दी। बस फिर क्या था श्री शलभ भदौरिया के शुभचिंतक सक्रीय हो गए और अपनी जीत का जश्न मनाने लगे, अति उत्साह में आकर श्री भदौरिया पर भद्दे – भद्दे   आरोप भी लगाने लगे। अक्सर देखने में आता है कि जिन लोगों के पास तथ्य नहीं होते वो ऐसा ही करते हैं। चलो इस बहाने उनकी मानसिकता और चरित्र तो उजागर हुआ।

प्रवीण खारीवाल प्रकरण में पुलिस ने जो तत्परता दिखाई और जिस प्रकार प्रचारित किया उससे बड़ी साजिश की बू आ रही है

भोपाल। इंदौर के नामचीन पत्रकार एवं इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल की गिरफ़्तारी के बाद से पत्रकारिता जगत में जिस प्रकार से सन्नाटा पसरा हुआ है, उसने सभी को आश्चर्य में डाल दिया है। उनमे से एक मैं भी हूं। प्रवीण खारीवाल की गिरफ़्तारी की खबर सुनने के बाद से मन बहुत विचलित है, यही कारण है कि आज सारी रात नहीं सो सका, दिमाग सटका हुआ है, मन में तरह – तरह के विचार आ रहे थे।

मध्यप्रदेश विधान सभा पत्रकार दीर्घा सलाहकार समिति में चटाई के चौकीदारों का बोलबाला

भोपाल। चतुर्दश विधान सभा का दशम् सत्र २३ फरवरी से प्रारम्भ हो गया है। इसी के साथ मध्यप्रदेश विधान सभा की पत्रकार दीर्घा सलाहकार समिति एक बार फिर चर्चाओं में है। समिति के कुछ कथित सदस्यों द्वारा पिछले सत्र में कुछ पत्रकारों के नाम प्रवेश-पत्र सूची से उड़ाने को लेकर भारी हंगामा हुआ था।चालू सत्र में समिति ने कुछ पत्रकारों के प्रवेश-पत्र रोक दिए, आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि इस काट-छांट का शिकार वह पत्रकार हुए है जो वर्षों से विधान सभा की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। प्रवेश-पत्र से वंचित पत्रकारों में भरी आक्रोश है।