एक पूर्व संपादक ने फैलाया झूठ!

आपके पीसी का विंडो करप्ट हो जाए तो अब आप कह सकते हैं कि यह आपके उस रिसर्च की वजह से हुआ जो आप ब्राम्हणवाद और केन्द्र सरकार के विरोध में कर रहे थे। आपके विंडो के करप्ट होने में सवर्णवादी साजिश है। दिलीप सी मंडल फेसबुक प्रकरण के बाद मुझे संदेह है कि इस तरह की बात कोई करे तो उसकी बात को सिरे से नकार दिया जाएगा। इस तरह के बिना सिर पैर की बात पर भी सहमति में सिर डुलाने वाले भक्तों की बड़ी संख्या है फेसबुक पर। मेरी आपत्ति इस तरह का झूठ फैलाने वालों से कम है क्योंकि उनके पास कथित तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी है, आप जो चाहें लिखें लेकिन तमाम कथित समाजवादी से लेकर कथित सवर्ण-विरोधी मानसिकता रखने वाले लोग बिना तथ्यों की जांच पड़ताल किए जब इस झूठ को प्रचारित करने के औजार बनते हैं तो दुख होता है।  दिलीप सी मंडल के फेसबुक प्रोफाइल को लेकर जो भ्रामक प्रचार पिछले कुछ समय से लगातार किया जा रहा था, उसे लेकर यह पोस्ट सिर्फ इसलिए लिख रहा हूं ताकि सनद रहे।