आशुतोष को आजादी मुबारक, ‘आप’ को गुडबाई कहा

Ashutosh AAP : Every journey has an end. My association with AAP which was beautiful/revolutionary has also an end. I have resigned from the PARTY/requested PAC to accept the same. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

राजदीप और आशुतोष की आत्मा जिंदा होती तो इस डाक्टर से माफी मांग चुके होते, देखें वीडियो

डाक्टर अजय अग्रवाल नोएडा के जिला अस्पताल के सीएमएस हैं. घुटना प्रत्यारोपण के फील्ड में देश के जाने माने डाक्टर हैं. हम बताएंगे कि इनकी जिंदगी किस तरह एक न्यूज चैनल ने तबाह कर दी…. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

राजदीप सरदेसाई, आशुतोष, राघव बहल समेत नौ लोगों पर मुकदमा चलाने का रास्ता साफ

एक बड़ी खबर आ रही है. जिन दिनों आईबीएन सेवेन और आईबीएन-सीएनएन नाम से  न्यूज चैनलों का संचालन हुआ करता था और इसकी कमान राघव बहल, राजदीप सरदेसाई, आशुतोष आदि के हाथों में हुआ करती थी, उन्हीं दिनों एक स्टिंग दिखाया गया, ‘शैतान डाक्टर’ नाम से. यह स्टिंग डाक्टर अजय अग्रवाल के खिलाफ था. स्टिंग को पूरी तरह गलत बताते हुए डाक्टर अजय ने गाजियाबाद की अदालत में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया.

आशुतोष के ज्ञान और कुमार विश्वास के आखेट का किस्सा सुना रहे अभिषेक श्रीवास्तव

Abhishek Srivastava : कुछ महीने पहले आशुतोष गुप्‍ता से मुलाकात हुई थी। आम आदमी वाले। पूर्व पत्रकार। बात होने लगी तो किशन पटनायक का जि़क्र आया। बोले- ”कौन किशन पटनायक? आखिर किशन पटनायक हैं कौन? एक पत्रिका ही तो निकालते थे?” मैंने कहा भाई साब, ऐसा न कहिए, आप मुझे शर्मिंदा कर रहे हैं। मैंने उन्‍हें गंधमार्दन के ऐतिहासिक आंदोलन की याद दिलाई। इस पर वे बोले- ”अभिषेकजी, ये सब छोटे-छोटे बुलबुले हैं।”

‘न्यूज़ किलर एडिटर एसोसिएशन’ अंत की ओर!

मुझे नहीं पता कि आप न्यूज चैनलों में होने वाली एक बड़ी आहट को पढ़ पा रहे है या नहीं। ‘न्यूज़ किलर एडिटर एसोसिएशन’ (अजीत अंजुम, विनोद कापड़ी, सतीश के सिंह, आशुतोष, मिलिंद खांडेकर आदि का गैंग) अपने अंत की ओर बढ़ रही है। इस बात की आहट न्यूज़ 24 चैनल के एक नये फैसले में झलकती है। न्यूज़ 24 ने इंडिया टीवी के प्रखर श्रीवास्तव को अपना नया आउटपुट हेड बनाने का फैसला लिया है। अगर आप ध्यान से देखें तो पिछले एक साल में ये चौथी बार हो रहा है जब किसी मेन स्ट्रीम के चैनल ने नए युवा लोगों पर भरोसा किया है। पिछले एक साल के अंदर आजतक ने मनीष कुमार, ज़ी न्यूज ने रोहित सरदाना, आईबीएन 7 ने आर सी शुक्ला और अब न्यूज़ 24 ने प्रखर श्रीवास्तव को आउटपुट हेड बनाया है।

सोशल मीडिया में आशुतोष के आंसुओं की किरकिरी

अजित अंजुम और राना यशवंत, दोनों ने आशुतोष के आंसुओं पर यक़ीन करते हुए, फेसबुक पर हम सबको भी यक़ीन दिलाने की कोशिश की, कि आशुतोष वाकई भावुक थे…गम्भीर थे…और ये आंसू असली थे…

आशू के आंसू : उस दिन तो साढ़े तीन सौ घरों के चूल्हे बुझ जाने पर भी नहीं रोए थे आशुतोष

जब आईबीएन7 से साढ़े तीन सौ लोग निकाले गए थे और इनके घरों का चूल्हा अचानक ठंडा पड़ गया था तब मैनेजिंग एडिटर पद पर आसीन आशुतोष के आंसू तो छोड़िए, बोल तक नहीं फूटे थे. धरना प्रदर्शन सब हुआ लेकिन आशुतोष चुप रहे. आजकल वे अक्सर टीवी शोज में कहते रहते हैं कि मैं नौकरी छोड़कर राजनीति में आया… पर हम लोगों को पता है कि आशुतोष को निकाला जाना था… कारपोरेट में एक वाक्य होता है स्मूथ एक्जिट. यानि लात मार कर निकाले जाने से पहले सम्मानजनक तरीके से खुद छोड़ देने की प्रक्रिया. 

गजेंद्र की बेटी मेघा से बात कर फफक पड़े आशुतोष, मेघा ने कहा- मीडिया गलत आरोप न उछाले

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर मंतर पर फांसी लगाने वाले राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह कल्याणवत की बेटी मेघा से बात करते हुए आप नेता आशुतोष आज फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने ‘आजतक’ न्यूज चैनल पर गजेंद्र की बेटी मेघा से बात करते हुए कहा कि मैं तुम्हारा गुनहगार हूं। मैं राजनाथ सिंह, अजय माकन, संबित पात्रा से गुजारिश करता हूं कि ऐसी राजनीति मत करिए। पार्टियां ऐसी राजनीति न करें। हम पर साजिश के आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस को इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। मीडिया भी इस तरह का जर्नलिज्म न करे। मैं कुसूरवार हूं तो मुझे फांसी पर चढ़ा दे। जब आशुतोष रो रहे थे, चैनल पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा, कांग्रेस के नेता राजीव त्यागी भी बातचीत में शामिल थे।

आम आदमी पार्टी के आशुतोष को रवीश कुमार का खुला पत्र

आशुतोष जी,

मैं आज दिल्ली में नहीं था। देवेंद्र शर्मा के साथ रिकॉर्डिंग कर रहा था कि किसानों की इस समस्या का क्या कोई समाधान हो सकता है। हम गेहूं के मुरझाए खेत में एक मायूस किसान के साथ बात कर रहे थे। हमने किसान रामपाल सिंह से पूछा कि आपके खेत में चलेंगे तो जो बचा है वो भी समाप्त हो जाएगा। पहले से मायूस रामपाल सिंह ने कहा कि कोई बात नहीं। इसमें कुछ बचा नहीं है। अगर आपके चलने से दूसरे किसानों को फायदा हो जाता है तो मुझे खुशी होगी। वैसे भी अब इसका कोई दाम तो मिलना नहीं है, कुछ काम ही आ जाए। ये उस किसान का कहना है जो चाहता है कि उसकी बर्बादी के ही बहाने सही कम से कम समाधान पर बात तो हो। शायद गजेंद्र ने भी इसी इरादे से जान दे दी जिस इरादे से रामपाल सिंह ने हमारे लिए अपना खेत दे दिया।

आशुतोष जैसा एक मीडियॉकर पत्रकार और बौनी संवेदना का आदमी ही इतनी विद्रूप बातें बोल सकता है!

Vishwa Deepak : गजेन्द्र नामक ‘किसान’ की आत्महत्या के बारे में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष कहते हैं- ”यह अरविंद केजरीवाल की गलती है. उन्हें मंच से उतर जाना चाहिए था.उन्होंने गलती की. अगली बार मैं केजरीवाल को कहूंगा कि वो मंच से उतर पेड़ पर चढ़ें और लोगों को बचाएं.”

मीडिया की तरह राजनीति को भी सर्कस बनाना चाहते हैं आशुतोष

आशुतोष ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने मीडिया को माफ़ी मांगने की सलाह दी है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है – “Will media apologise?ASIF KHAN claimed a sting on Sanjay Singh.He has none.It ran as headline/every channel has his interview.#MediaFooled”.

दूसरा ट्वीट कर आशुतोष फिर लिखते हैं- 

डिबेट में अर्णब ने जब किया आशुतोष को शर्मसार

दिल्ली : अर्णव गोस्वामी को दाद तो देनी ही पड़ेगी. साथ ही उनकी प्रोडक्शन टीम को. जिस तरह आशुतोष की कही बात को उन्होंने Live झूठा करार दिया और उस दिन के फुटेज को तुरंत चला दिया, आशुतोष हतप्रभ रह गए. इसे कहते हैं तेजी. टीवी की तेजी, जवाब देने की तेजी, टीम की तेजी… और अर्णब के तेवर देखिए. वो भी पूरे रौ में हैं. मजा आ गया.

https://www.youtube.com/watch?v=xCRn6Rmxcn8

‘अमर उजाला’ के आशुतोष मिश्र और टीम को केसी कुलिश अवार्ड

‘अमर उजाला’ कानपुर के सीनियर रिपोर्टर आशुतोष मिश्र और उनकी टीम को केसी कुलिश इंटरनेशनल मेरिट अवॉर्ड देने की घोषणा की गई है। मेरिट अवार्ड के लिए ‘अमर उजाला’ की ओर से भेजी गई दोनों एंट्रीज को चुन लिया गया है। टीम को यह अवार्ड 14 मार्च को जयपुर राजस्थान में होने वाले कार्यक्रम में दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय पुल्तिजर पुरस्कार जैसे ख्यातिलब्ध केसी कुलिश इंटरनेशनल अवार्ड का प्रथम पुरस्कार 11 हजार यूएसए डॉलर है। इसके अलावा दस मेरिट अवॉर्ड भी दिए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार जगत में उल्लेखनीय पत्रकारिता के लिए यह पुरस्कार राजस्थान पत्रिका समूह की ओर से दिया जाता है।

”मनीष सिसोदिया और आशुतोष खुद पत्रकार रहे हैं और अब वही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोटना चाहते हैं”

दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीजेए) केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली सचिवालय में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध की कड़ी निंदा करता है और साथ ही दिल्ली के उप-राज्यपाल से मांग करता है कि वह प्रेस की आजादी को बचाने के लिए हस्तक्षेप करें और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फौरन इस प्रतिबंध को हटाने का निर्देश दें। पिछली बार भी जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी तब भी केजरीवाल सरकार ने पत्रकारों के सचिवालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन पत्रकारों के प्रबल विरोध और सचिवालय पर धरना प्रदर्शन के बाद यह प्रतिबंध हटा लिया गया था। इस बार भी पत्रकार इसके विरोध में मीडिया रूम में दो दिन से डटे हुए हैं।

छल-कपट वाली इस राजनीति में मैं अनफिट हूं : आशुतोष

आम आदमी पार्टी के नेता औऱ पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने ‘मुखौटे का राजधर्म’ नामक किताब लिखी है. किताब के विमोचन से पहले कहा कि, राजनीति में छल-कपट है, मैं राजनीति में अनफिट हूं. आप नेता और पूर्व पत्रकार ने ट्वीट किया, ”मेरी किताब ‘मुखौटे का राजधर्म’ का विमोचन आज हाल नं 8, प्रगति मैदान में शाम 4.20 बजे है. नामवर सिंह, शशिशेखर किताब पर चर्चा करेंगे. आप आमंत्रिति हैं.

पंकज श्रीवास्तव की प्रेस कांफ्रेंस के लिए केजरीवाल ने जुटा दी मीडिया वालों की भीड़!

अगर फिक्सिंग होती है तो हर कदम पर दिखने लगती है. नाकारापन और अकर्मण्यता के आरोपों में आईबीएन7 से निकाले गए पंकज श्रीवास्तव ने तयशुदा रणनीति के तहत अपने संपादक को एक मैसेज भेजा. उस मैसेज का स्क्रीनशाट लिया. उसे क्रांतिकारी भाषण के साथ फेसबुक पर लगा दिया. ‘आप’ वालों ने फेसबुक और ट्विटर पर पंकज को शहीद बताते हुए उनके मसले को वायरल करना शुरू किया. ‘आप’ नेता आशुतोष, जो कभी आईबीएन7 के मैनेजिंग एडिटर रह चुके हैं, ने पंकज के मसले को जोरशोर से सोशल मीडिया पर उठाया.

आशुतोष से फिक्सिंग के बाद ‘बागी’ बने पंकज श्रीवास्तव, 2017 में ‘आप’ के टिकट से यूपी में लड़ेंगे चुनाव!

एसोसिएट एडिटर पंकज श्रीवास्तव को नान-परफारमेंस में खुद की बर्खास्तगी का एहसास पहले से था. इसी कारण उन्होंने कभी आईबीएन7 के मैनेजिंग एडिटर रहे और आजकल ‘आप’ के खास नेता बने घूम रहे आशुतोष से संपर्क साधा. आशुतोष के जमाने में ही पंकज श्रीवास्तव की भर्ती हुई थी. आशुतोष और पंकज की डील हुई. इसी डील के तहत यह तय हुआ कि ऐन चरम चुनावी प्रक्रिया के बीच पंकज श्रीवास्तव अपने नए मैनेजिंग एडिटर सुमित अवस्थी को ‘आप’ और केजरीवाल को लेकर एक मैसेज करेंगे. सबको पता है कि टीवी में इस तरह के आंतरिक मैसेज का अंजाम क्या होता है. पंकज श्रीवास्तव को समय से पहले यानि चुनाव बाद तय बर्खास्तगी से पहले ही बर्खास्त कर दिया गया.

अभिसार आज आशुतोष की क्‍लास ले रहे थे…

Kumar Sauvir : पालतू कूकुर और सड़कछाप कूकुर की फितरतों में बड़ा फर्क होता है। ताजा-ताजा पालतु हुआ कूकुर बहुत भौकता है और ताजा-ताजा सड़कछाप हुआ कूकुर बहुत झींकता हैं, मिमियाता है और बगलेंं भी खूब झांकता है। यह हकीकत दिखाया एबीपी-न्‍यूज के एक कार्यक्रम में। मौका है दिल्‍ली के चुनावों को लेकर। एक दौर हुआ करता था जब वरिष्‍ठ पत्रकार रहे आशुतोष ने एक कार्यक्रम में कांग्रेस के एक सांसद की इस तरह क्‍लास ली थी कि वह खुद ही कार्यक्र से भाग गया। ऐसे कई मौके आ गये हैं आशुतोष के कार्यक्रमों में जब उन्‍होंने बड़े-बड़े नेताओं की जमकर क्‍लास ली।