दैनिक भास्कर के विजय सिंह कौशिक को राज्यस्तरिय पुरस्कार

मुंबई : पत्रकारिता में सामाजिक परिवर्तन की ताकत है। पत्रकार अभिव्यक्ति के प्रत्येक माध्यम का सकारात्मक इस्तेमाल कर बदलाव ला सकते हैं। मीडिया को आलोचना के साथ-साथ अच्छे कार्यों को भी लोगों तक पहुंचाना चाहिए। यह बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही। श्री फडणवीस यशवंतराव चव्हाण सभागृह में आयोजित राज्य सरकार के उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार उत्तम कांबले को जीवनगौरव पुरस्कार से नवाजा गया जबकि दैनिक भास्कर के प्रमुख संवाददाता विजय सिंह कौशिक को राज्यस्तरिय बाबूराव विष्णू पराडकर पुरस्कार प्रदान किया गया।

पत्रकार प्रसून लतांत लाला जगत ज्योति प्रसाद स्मृति सम्मान से सम्मानित

मुंगेर। जानेमाने पत्रकार और जनसत्ता के महानगर संस्करण के संपादक प्रसून लतांत को मुंगेर के सूचना भवन में आयोजित समारोह में लाला जगत ज्योति प्रसाद स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लाला जगत ज्योति प्रसाद की 18 पुण्यतिथि पर दिया गया। उनके अलावा यह सम्मान मुंगेर के युवा कवि कुमार विजय गुप्त को दिया गया। सूचना भवन में आयोजित समारोह में यह सम्मान सूचना एवं जनसंपर्क के उपनिदेशक कमलाकांत उपाध्याय ने दिया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता डॉ मृदुला झा ने की। समारोह के विशिष्ट अतिथि थे प्रसिद्ध समाजसेवी राजकुमार सरावगी तथा विशिष्ट अतिथि थीं मंजू सिन्हा।

अनिता भारती की किताब को ‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान 2016’ की घोषणा

स्त्रीवादी पत्रिका ‘स्त्रीकाल, स्त्री का समय और सच’ के द्वारा वर्ष 2016 के लिए ‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान’ लेखिका अनिता भारती की किताब ‘समकालीन नारीवाद  और दलित स्त्री का प्रतिरोध’ (स्वराज प्रकाशन) को देने की घोषणा की गई है. अर्चना वर्मा , सुधा अरोड़ा , अरविंद जैन,  हेमलता माहिश्वर, सुजाता पारमिता, परिमला आम्बेकर की सदस्यता वाले निर्णायक मंडल ने यह निर्णय 3 अप्रैल को 2016 को बैठक के बाद लिया . 2015 में पहली बार यह सम्मान शर्मिला रेगे को उनकी किताब ‘ अगेंस्ट द मैडनेस  ऑफ़ मनु : बी आर आम्बेडकर्स  राइटिंग ऑन ब्रैहम्निकल पैट्रीआर्की ‘ (नवयाना प्रकाशन) के लिए दिया गया था.

राकेश मालवीय समेत कई पत्रकारों को दिया गया एक लाख रुपये वाला ‘नेशनल फाउंडेशन फॉर मीडिया एवार्ड’

स्वतंत्र युवा पत्रकार राकेश मालवीय को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में नेशनल फाउन्डेशन फार मीडिया का नेशनल अवार्ड प्रदान किया गया. दिल्ली के पर्यावास भवन में वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष जेएनयू की प्रोफेसर जयति घोष और पाल दिवाकर की उपस्थिति में एक समारोह आयोजित किया गया जिसमें अतिथियों के द्वारा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ में श्रम तस्करी पर काम करने के लिए स्वतंत्र युवा पत्रकार राकेश मालवीय को नेशनल फाउन्डेशन फार मीडिया का नेशनल अवार्ड दिया गया. इस अवार्ड के तहत उन्हें एक लाख रूपये की राशि दी गई है.

विभूति नारायण राय और अभिरंजन कुमार सम्मानित

सामाजिक संस्था “भोर” और सुगौली प्रेस क्लब, मोतिहारी द्वारा 4 और 5 मार्च को संयुक्त रूप से आयोजित “भोर लिटरेचर फेस्टिवल – 2016” में वरिष्ठ साहित्यकार विभूति नारायण राय को प्रथम रमेश चंद्र झा स्मृति सम्मान और चर्चित कवि-पत्रकार अभिरंजन कुमार को प्रथम पंकज सिंह स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। बिहार के महत्वपूर्ण गीतकार-उपन्यासकार और स्वाधीनता सेनानी रहे स्वर्गीय रमेश चंद्र झा की स्मृति में शुरू किया गया सम्मान साहित्य और समाज के क्षेत्र में, जबकि कवि-पत्रकार स्वर्गीय पंकज सिंह की स्मृति में शुरू किया गया सम्मान साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है।

आजमगढ़ के पत्रकार अरविन्द कुमार सिंह ‘विद्यावाचस्पति’ (पीएच.डी.) से विभूषित

आजमगढ़ । विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ (विश्वविद्यालय) भागलपुर बिहार ने अपने दो दिवसीय (20-21, फरवरी 2016) 20वां महाधिवेशन सह-सम्मान समारोह में जनपद के पत्रकार अरविन्द कुमार सिंह संपादक, ‘शार्प रिपोर्टर’ को उनके एक दशक की पत्रकारीय व साहित्यिक अवदान तथा विशिष्ट शोधकार्य के लिए अपना प्रतिष्ठित मानद सम्मानोपाधि, ‘विद्यावाचस्पति’ (पीएच.डी.) से विभूषित किया है। जनपद के रामपुर, जहानागंज के मूल निवासी अरविन्द कुमार सिंह ने सन् 2014-15 में देश की राष्ट्रीय महत्व की संस्था, ‘‘उच्च शिक्षा एवं शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा’’, मद्रास (विश्वविद्यालय) के हैदराबाद केन्द्र से आंचलिक पत्रकारिता में एम.फिल.किया।

जबलपुर में पत्रकार कल्याण चन्द्र जायसवाल को अरुण शुक्ला स्मृति वरिष्ठ पत्रकार सम्मान मिला

जबलपुर। यश भारत प्रकाशन समूह का वर्ष 2016 का अरुणोदय पत्रकार अरुण शुक्ला स्मृति वरिष्ठ पत्रकार सम्मान कल्याण चन्द्र जायसवाल को यहां मानस भवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यसभा के टीवी के कार्यकारी निदेशक राजेश बादल ने प्रदान किया. श्री जायसवाल का चयन नगर के वरिष्ठ पत्रकारों सर्वश्री रवींद्र वाजपेयी संपादक हिंदी एक्सप्रेस श्री सुशील तिवारी संपादक दैनिक भास्कर श्री श्याम कटारे संपादक यश भारत श्री अजित वर्मा संपादक जयलोक और श्री अनूप शाह संपादक नई दुनिया की समिति ने किया था।

मुंबई में पत्रकार मिथिलेश सिन्हा को छत्रपति शिवाजी सम्मान से सम्मानित किया गया

मुंबई : छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर इस्कॉन सभागार में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश सिन्हा को अभिनेता-गायक अरुण बख्शी ने छत्रपति शिवाजी सम्मान से सम्मानित किया. मिथिलेश सिन्हा को यह सम्मान मिलने पर चेंबर ऑफ फ़िल्म जर्नलिस्ट ने भी उन्हें बधाई दी है.

दैनिक भास्कर के संपादक मधु आचार्य को ‘गवाड़’ के लिए विश्वनाथ तिवारी ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार दिया

दैनिक भास्कर के संपादक मधु आचार्य को राजस्थानी उपन्यास ‘गवाड़’ के लिए नई दिल्ली के फिक्की ऑडिटोरियम में इस वर्ष का साहित्य अकादमी का पुरस्कार दिया गया| साहित्य अकादमी के अध्यक्ष विश्वनाथ तिवारी द्वारा आचार्य को १ लाख रुपये, शॉल, श्रीफल, माला, मोमेंटो पुरस्कार में दिया गया|

अनुपम खेर को इतनी चिरौरी और टीटीएम के बाद पद्म भूषण न मिलता तो नाइंसाफी हो जाती

Khushdeep Sehgal : वक्त वक्त की बात है- 26 जनवरी 2010 को अभिनेता अनुपम खेर का ट्वीट- “हमारे देश में अवॉर्ड्स हमारे सिस्टम का मज़ाक बन कर रह गए हैं। इनमें से किसी की भी विश्वसनीयता बाकी नहीं रह गई है। चाहे वे फिल्म, नेशनल अवॉर्ड हों या फिर अब पद्म।”

कई संपादक व उद्योगपति जिस मेंबरी के लिए अपना ईमान मार दे रहे, वह रामोजी राव को प्लेट में दी गई थी, बिना मांगे

Gunjan Sinha : रामोजी राव साहब को पद्म पुरस्कार दो दशक पहले मिलता तो ज्यादा ख़ुशी होती. अब वे इनसे काफी ऊपर हैं और इस बीच पद्म अपनी काफी चमक विवादों में खो चुके. उधर निष्पक्ष और उच्च पत्रकारिता के जो प्रतिमान उन्होंने स्थापित किये थे, वे उसी ईटीवी में उनके हमारे देखते देखते रोज ध्वस्त हो रहे हैं. मुझे लगता है वे अब कभी ईटीवी (हिंदी चैनल्स) नही देखते होंगे. मेहनत से बनाए ये चैनल उन्हें बेचने पड़े. जब वे झंडे गाड़ चुके तब कोई पद्म नहीं मिला, अब जब वे झंडे उखड चुके तो पुरस्कारों का क्या मतलब? फिर भी बधाई! अंधों को दिखा तो सही!

थाईलैण्ड में कई हिंदी ब्लागरों को परिकल्पना सम्मान से किया गया सम्मानित

परिकल्पना द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला अन्तर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन 16 से 21 जनवरी के बीच थाईलैण्ड की राजधानी बैंकाक में आयोजित किया गया। नई दिल्ली, लखनऊ, काठमांडो (नेपाल) थिम्मू (भूटान) कोलम्बो (श्रीलंका) के सफल आयोजनों की श्रंृखला में थाईलैण्ड का सम्मेलन भी पूरे वैभव के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर थाईलैण्ड के प्रमुख शहर पटाया और राजधानी बैंकाक में सम्पन्न हुए सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों में कवि सम्मेलन पुस्तक लोकार्पण, परिचर्चा एवं सांस्कृतिक संध्या जैसे कार्यक्रम सम्पन्न हुए।

31 दिसंबर को पंकज, अनिल, प्रदीप समेत कई लोग होंगे जयप्रकाश शाही स्‍मृति सम्‍मान से सम्मानित

लखनऊ। लोकबंधु राजनारायण के लोग संस्‍था ने 31 दिसम्‍बर 2015 को अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्‍ट कार्य करने वालों को लोकबंधु राजनारायण स्‍मृति सम्‍मान और जयप्रकाश शाही स्‍मृति सम्‍मान से विभूषित करने का निर्णय लिया है। लोकबंधु राजनारायण के निर्वाण दिवस पर आयोजित स्‍मृति समारोह में प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री श्री ओमप्रकाश सिंह, राष्‍ट्रपुरुष चन्‍दशेखर पुस्‍तक के विचार संपादक व विधान परिषद सदस्‍य श्री यशवंत सिंह और हिन्‍दुस्‍तान, दैनिक जागरण तथा राष्‍ट्रीय सहारा जैसे अखबारों में दो दशक से अधिक समय तक संपादक रहे श्री सुनील दुबे खास मेहमान के रूप में उपस्थित रहेंगे।

रवि मिश्र को रामेश्वरम हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार, झांसी के पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया

झांसी। राजकीय संग्रहालय सभागार, झॉसी में स्व0 पं0 रामेश्वर दयाल त्रिपाठी (नन्ना) की पुण्य स्मृति में स्थापित रामेश्वरम् हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार का बारहवां सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। डा. इकबाल खान ने वर्ष 2015 का राष्ट्रीय स्तर पर रामेश्वरम् हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार रवि मिश्रा (हिंदुस्तान, झांसी) को देने की घोषणा की। इसके बाद उन्हे मुख्य अतिथिद्वय …

प्रो. लाल बहादुर वर्मा को प्रथम ‘शारदा देवी शिक्षक सम्मान’

20 दिसम्बर को सम्मान समारोह     इलाहाबाद  | इस वर्ष प्रथम ‘शारदा देवी शिक्षक सम्मान’  प्रो. लाल बहादुर वर्मा, प्रख्यात इतिहासविद तथा लेखक को प्रदान दिया जा रहा है| यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर हर वर्ष ऐसे शिक्षक को दिया जाता है जो सामाजिक सरोकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हों  और कक्षा की पढ़ाई …

‘दलित दस्तक’ मैग्जीन के संपादक अशोक दास ‘प्रभाष जोशी स्मृति पत्रकारिता सम्मान’ से नवाजे गए

दिल्ली से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका ‘दलित दस्तक’ के संपादक एवं प्रकाशक अशोक दास को ‘प्रभाष जोशी स्मृति पत्रकारिता सम्मान’ से नवाजा गया है. श्री दास को यह पुरस्कार रायबरेली (उत्तर प्रदेश) की संस्था ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति’ की ओर से दिया गया है. 21 नवंबर को आयोजित भव्य कार्यक्रम में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया. इस मौके पर अशोक दास ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को याद करते हुए उन्हें हिन्दी पत्रकारिता का प्रथम पुरुष कहा.

जिसने किया महिला टीचर का सम्मान तार-तार, उसे मिला रामनाथ गोयनका सम्मान

Vineet Kumar : जी न्यूज के दागदार संपादक सुधीर चौधरी को 16 दिसंबर 2012 में हुए दिल्ली गैंगरेप की पीडिता के दोस्त का इंटरव्यू करने के लिए साल 2013 का रामनाथ गोयनका सम्मान दिया गया. ये सम्मान सुधीर चौधरी के उस पत्रकारिता को धो-पोंछकर पवित्र छवि पेश करती है जिसके बारे में जानने के बाद किसी का भी माथा शर्म से झुक जाएगा. पहली तस्वीर में आप जिस महिला के कपड़े फाड़ दिए जाने से लेकर दरिंदगी के साथ घसीटने,बाल नोचने के दृश्य दे रहे हैं, ये शिक्षक उमा खुराना है. इन पर साल 2007 में लाइव इंडिया चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन किया और लोगों को बताया कि ये महिला शिक्षक जैसे पेशे में होकर छात्राओं से जिस्मफरोशी का धंधा करवाती है. चैनल ने इस पर लगातार खबरें प्रसारित की.

एबीपी न्यूज के तमाशेबाजों ने डरा कर रख दिया…

आलोक कुमार : एबीपी न्यूज के तमाशेबाजों ने डरा कर रख दिया। शो हिट कराने के लिए मेरे प्रिय शायर मुनव्वर राना को निशाने पर ले लिया। हमारे दौर के सबसे संवेदनशील रचनाकार मुनव्वर को एवीपी वालों ने “निशान ए साहित्य अकादमी” और सम्मान की एक लाख रूपए की राशि के साथ आने को राजी कर लिया था। लाइव शो में गजब का डायलॉग बोलकर मुनव्वर साब ने सम्मान वापसी का एलान कर दिया। यह हमारे इर्द गिर्द बढती असहिष्णुता पर जबरदस्त तमाचा है। मैं अंदर से हिल गया हूं और सचमुच लगा रहा है कि अब अति हो गई है। सरकार को सम्मान लौटाने वालों के साथ तत्काल संवाद कायम करना चाहिए। इसके लिए साहित्यकारों की संवेदना की इज्जत करने वाले व्यक्ति को सामने करना चाहिए। वरना हमारी शानदार पहचान को घातक चोट लगने का सिलसिला जारी रहेगा।

प्रो. कलबुर्गी की हत्‍या के विरोध में उदय प्रकाश ने साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कार लौटाया

Uday Prakash : पिछले समय से हमारे देश में लेखकों, कलाकारों, चिंतकों और बौद्धिकों के प्रति जिस तरह का हिंसक, अपमानजनक, अवमानना पूर्ण व्यवहार लगातार हो रहा है, जिसकी ताज़ा कड़ी प्रख्यात लेखक और विचारक तथा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कन्नड़ साहित्यकार श्री कलबुर्गी की मतांध हिंदुत्ववादी अपराधियों द्वारा की गई कायराना और दहशतनाक हत्या है, उसने मेरे जैसे अकेले लेखक को भीतर से हिला दिया है।

कल्याण के हाथों पुरस्कार लेने का विरोध करने वालों को ओम थानवी ने दुश्मन करार दिया

Om Thanvi : दुश्मनों के पेट में फिर बल पड़ गए। कहते हैं, महाकवि बिहारी के नाम पर दिया जाने वाला केके बिड़ला फाउंडेशन का पुरस्कार मैंने कल्याण सिंह के हाथों क्यों ले लिया? अगर मुझे चुनाव की सुविधा होती तो आयोजकों से कहता किसी लेखक के हाथों दिलवाइए। इसके बावजूद, सच्चाई यह है कि पुरस्कार मैंने कल्याण सिंह के हाथों नहीं, राज्यपाल के हाथों लिया है; राज्यपाल जो संविधान की सत्ता का प्रतीक होता है, संविधान का प्रतिनिधि और कार्यपालक होने के नाते। राजभवन कल्याण सिंह या भाजपा की मिल्कियत नहीं है।

कल्याण सिंह के हाथों पुरस्कार लेने पर ओम थानवी सोशल मीडिया पर घिरे

Neelabh Ashk : मत छेड़ फ़साना कि ये बात दूर तलक जायेगी. ओम तो गुनहगार है ही, हिन्दी के ढेरों लोग किसी न किसी मौक़े पर और किसी न किसी मात्रा में गुनहगार हैं. इस हमाम में बहुत-से नंगे हैं. पुरस्कार पाने वाले की पात्रता के साथ पुरस्कार देने वाली की पात्रता भी देखी जानी चाहिए। ऐसी मेरी मान्यता है. मैंने साहित्य अकादेमी का पुरस्कार लौटा दिया था. मेरी मार्क्स की पढ़ाई ने मुझे पहला सबक़ यह दिया था कि कर्म विचार से प्रेरित होते हैं. 55 साल बाद तुम चाहते हो मैं इस सीख को झुठला दूं. ओम की कथनी और करनी में इतना फ़र्क़ इसलिए है कि सभ्यता के सफ़र में इन्सान ने पर्दे जैसी चीज़ ईजाद की है. ईशोपनिषद में लिखा है कि सत्य का मुख सोने के ढक्कन के नीचे छुपा है. तुम सत्य को उघाड़ने की बजाय उस पर एक और सोने का ढक्कन रख रहे हो. ये ओम के विचार ही हैं जो उसे पुरस्कार>बिड़ला>राज्यपाल>कल्याण सिंह की तरफ़ ले गये. मैं बहुत पहले से यह जानता था. मुझे कोई अचम्भा नहीं हुआ. मैं ओम की कशकोल में छदाम भी न दूं. और अगर यह मज़ाक़ है तो उम्दा है, पर हिन्दी के पद-प्रतिष्ठा-पुरस्कार-सम्मान-लोभी जगत पर इसका कोई असर नहीं होगा.

अमेरिका में ज्ञान चतुर्वेदी, चित्रा मुदगल तथा उषा प्रियंवदा को मिला साहित्‍य सम्‍मान

संयुक्त राज्य अमेरिका : ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-अमेरिका’  ने अमेरिका के मोर्रिस्विल्‍ल शहर के हिन्‍दू भवन कल्‍चरल हॉल में आयोजित एक भव्‍य समारोह में वर्ष 2014 हेतु ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-हिन्दी चेतना अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सम्मान’ प्रदान किए। समारोह में समग्र साहित्यिक अवदान हेतु उषा प्रियंवदा को, कहानी संग्रह- ‘पेंटिंग अकेली है’ हेतु चित्रा मुद्गल को, उपन्यास-‘हम न मरब’ हेतु डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को सम्‍मानित किया गया। सम्‍मान के अंतर्गत तीनों रचनाकारों को शॉल, श्रीफल, सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न, प्रत्येक को पाँच सौ डॉलर (लगभग 31 हज़ार रुपये) की सम्मान राशि, प्रदान की गई।

Journalist Uday Banerjee received the Lifetime Achievement Award

KOLKATA: Journalist Uday Banerjee received the Lifetime Achievement Award at the 6th edition of the Journalism Awards. Banerjee, who covered government and administration for four decades, is known for his honesty and is revered in the fraternity. Tripura governor Tathagata Roy presented him with the trophy and citation. Consumer affairs minister Sadhan Pande presented the ‘Hall of Fame Award’ to sports journalist Debashish Dutta at the same ceremony. 

Shalet Jimmy, BN Arun, Subitha Sukumar, Krishna Priya समेत कई पत्रकारों को पुरस्कार

KOCHI: Shalet Jimmy, senior reporter with The New Indian Express, Thiruvanthapuram, has been selected for the Special Jury Award for mediapersons instituted by Dr B R Ambedkar Institute for National Studies (BRAINS) for 2015. Shalet was selected for her various news reports on the section of people who were “denied justice”, a statement by BRAINS said here.

लोकमत उत्तर प्रदेश के पांचवें स्थापना दिवस पर सोलह विभूतियां हुईं सम्मानित

उत्तर प्रदेश की माटी से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित करने के क्रम में संगीत नाट्य अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में राज्यपाल श्री राम नाईक द्वारा  प्रदेश की सोलह विभूतियों को सम्मानित किया गया। लोकमत समाचार पत्र पिछले कई वर्षों से ऐसी विभूतियों को सम्मानित करता आया है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करके समाज पर अपनी छाप छोड़ी है।

फेलोशिप के तहत रिसर्च पूरी करने वाले अंतिमा, विवेक और सुरेंद्र 6 जून को होंगे सम्मानित

अमर उजाला फाउन्डेशन की ओर से पत्रकारों को मिली फेलोशिप के तहत उन्हें शनिवार यानि 6 जून को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा. उनकी किताबों को रेल मंत्री सुरेश प्रभु लॉन्च करेंगे. इस स्कॉलरशिप में अमर उजाला की पत्रकार अन्तिमा सिंह, एक निजी चैनल में कार्यरत विवेक मिश्रा ओर पत्रकार सुरेन्द्र बंसल …

पांच साहित्यकार एवं तीन पत्रकार सम्मानित होंगे

जोधपुर : साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान जोधपुर प्रदत्त राज्य स्तरीय कथा अलंकरण श्रृंखला के अंतर्गत इस वर्ष हिन्दी एवं राजस्थानी के पांच लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकारों एवं तीन पत्रकारों को अलंकृत किया जाएगा। संस्थान की ओर से सितम्बर माह में एक समारोह में ये अलंकरण प्रदान किए जाएंगे।

भड़ासी आत्महंता आस्था और लखनऊ में राज्यपाल के हाथों सम्मान : आइये गरियाना जारी रखें…

Yashwant Singh : भड़ास आत्महंता आस्था से शुरू किया था. सभी हरामियों को चिन्हित करके गरियाना है. हर दलाल को सरेआम दलाल संबोधित कर उसके बारे में सबको बताना है. एक-एक उत्पीड़कों, शोषकों, धंधेबाजों के खिलाफ आवाज उठाना है, ललकारना, चुनौती देना है. किसी को नहीं छोड़ना है. कुछ ऐसी ही मानसिकता में भड़ास की बीज नींव पड़ी डाली थी. चोट्टों दोगलों उचक्कों हरामियों चापलूसों चिरकुटों बेवकूफों अपढ़ों से भरी मीडिया के संपादकों व मालिकों की असलियत जानकर तो उबकाई आने लगी थी.

भड़ास4मीडिया के संस्थापक-संपादक यशवंत सिंह का उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने किया सम्मान

{jcomments off}: मीडिया क्षेत्र में पारदर्शिता के लिए सतत संघर्षरत भड़ास संपादक को सैकड़ों गणमान्य लोगों के बीच राज्यपाल ने शॉल ओढ़ाकर और समृति चिन्ह देकर किया सम्मानित :  चौथे स्तंभ यानि मीडिया क्षेत्र में पारदर्शिता के लिए सतत संघर्षरत भड़ास4मीडिया डॉट कॉम के संस्थापक व संपादक यशवंत सिंह को लखनऊ में बीते शाम सैकड़ों गणमान्य लोगों के बीच उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने सम्मानित किया. इस मौके पर यशवंत सिंह को शॉल ओढ़ाकर, प्रतीक चिन्ह देकर एवं प्रशस्ति पत्र देकर राज्यपाल ने उनकी हौसलाअफजाई की और भविष्य में ऐसे ही देश व समाज हित में कार्य करने का आह्वान करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की.

भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह को IMWA का बेस्ट सोशल मीडिया अवॉर्ड

दिल्ली : मावलंकर ऑडिटोरियम में गत दिवस हर साल की तरह इंडियन मीडिया वैल्फेयर एसोसिएशन की ओर से इम्वा अवार्ड 2015 से पत्रकारों को सम्मानित किया गया। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, सांसद उदित राज आदि की उपस्थिति में पत्रकारिता के भिन्न-भिन्न क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार सम्मानित हुए। बेस्ट सोशल मीडिया का अवॉर्ड भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह को दिया गया। बेस्ट क्राइम एंकर श्रीवर्धन त्रिवेदी और लीडिंग शो के लिए रजत शर्मा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर इंडियन मीडिया वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव निशाना ने कहा कि पत्रकार हर परिस्थिति में हर खबर पर नज़र बनाए रखता है और जनता को हर खबर से राबता कराता है। मीडिया को ही लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है। इसीलिए IMWA  पत्रकारों के मान और सम्मान के लिए इम्वा अवॉर्ड हर साल कराता है, जिससे पत्रकारों का हौसला अफज़ाई हो और साथ साथ उनका मनोबल भी बढ़ता जाए।