भंगू का हाल में ही किडनी बदला गया है, जेल प्रशासन रखेगा ध्यान

देश के सबसे बड़े पौंजी घोटाले में गिरफ्तार पर्ल्स समूह के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू का अभी हाल में ही किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है. इस बात का उल्लेख उनके दो वकीलों ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया. भंगू के अधिवक्ता मनीष जैन और विजय अग्रवाल ने अदालत से कहा कि भंगू का हाल में किडनी प्रत्यारोपण हुआ है इसलिये जेल में उनकी नियमित जांच होनी चाहिये. साथ ही उनकी मेडिकल कंडीशन के मुताबिक इलाज व दवाइयां दिए जाने की मांग की. अदालत ने इस पर कहा कि जेल प्रशासन इसका ध्यान रखेगा. वकीलों की यह मांग भी कोर्ट ने मान ली कि उन्हें रोजाना एक घंटे अपने क्लाइंट यानि भंगू से मुलाकात की अनुमति दी जाए.

तिहाड़ जेल के हवाले हुए चिटफंड के सरगना भंगू और उनके गिरोह के प्रमुख सदस्य

चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के मालिक भंगू समेत कई घपलेबाजों को 14 दिन के लिये दिल्ली की तिहाड़ जेल में भेज दिया गया है। अदालत ने उसे और उसके साथियों को न्यायिक हिरासत में रखने का फैसला किया है। पर्ल्स समूह के सीएमडी और प्रबंधक निदेशक निर्मल सिंह भंगू और उसके तीन अन्य साथियों को 45,000 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी मामले में अदालत ने 14 दिन के लिए जेल भेजा है। अदालत ने कहा, ‘आरोपियों को 14 दिन के न्यायिक रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया। अब अगले 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए एक याचिका दायर की गई है। आवेदन में दी गई वजहों के तहत इसकी मंजूरी दी जाती है।’

अंतत: अरेस्ट हो गए चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के दिग्गज निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य

सीबीआई ने 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में पीएसीएल व पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू तथा इनके तीन सहयोगी एमडी सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें पोंजी स्कीम केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भंगू के साथ पीएसीएल के प्रमोटर-डायरेक्टर तथा एमडी सुखदेव सिंह, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) गुरमीत सिंह तथा ईडी सुब्रत भट्टाचार्य से शुक्रवार को एजेंसी के मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।

पीएसीएल वाले निर्मल सिंह भंगू के कई ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी

पीएसीएल और इसके प्रमोटर रहे निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के कई शहरों में पीएसीएल के दफ्तरों पर छापे मारे। ईडी निवेशकों से गैरकानूनी तरीके से जुटाई गई करीब 60 हजार करोड़ रुपये की राशि के मामले में मनी लांड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। यह राशि कई पोंजी स्कीमों के जरिये जुटाई गई।

पीएसीएल को निवेशकों का 49100 करोड़ रुपया लौटाने का आदेश बरकरार

मुंबई। भारतीय प्रतिभूति अपीलीय ट्राइब्यूनल (सैट) ने बाजार नियामक सेबी के उस आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया जिसमें प्रॉपर्टी डेवलपर पीएसीएल को निवेशकों का 49,100 करोड़ रुपया लौटाने का आदेश जारी किया गया था। सेबी ने अवैध सामूहिक निवेश योजना को लेकर पीएसीएल के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद पिछले साल सेबी के आदेश के खिलाफ पीएसीएल ने ट्रिब्यूनल में अपील किया था। लेकिन ट्रिव्यूनल ने पीएसीएल की अपील खारिज करते हुए उसे सेबी के निर्देशों पर तीन महीने में अमल करने को कहा।

पीएसीएल और पर्ल ग्रुप की संपत्ति बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाने के आदेश, पेड मीडिया ने इस बड़ी खबर पर साधी चुप्पी

एक बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट से आ रही है. सहारा के घोटाले साइज से लगभग डबल साइज के घोटाले से घिरी पीएसीएल और पर्ल ग्रुप नामक कंपनियों की संपत्ति बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश उच्चतम न्यायालय ने दिया है. इस बीच सीबीआई ने पीएसीएल और पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू समेत कंपनियों के कई निदेशकों के खिलाफ चीटिंग और साजिश की नया केस दर्ज किया है. पीएसीएल और पर्ल ग्रुप को करीब छह हजार करोड़ निवेशकों को छियालीस हजार करोड़ रुपये लौटाना है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन छह हजार करोड़ रुपये के निवेशकों को उनका पैसा मिल जाएगा लेकिन कई लोगों का कहना है कि भंगू ने अपना पूरा कारोबार और ज्यादातर पैसा विदेशों में ट्रांसफर कर लिया है. इसलिए भारत में बेचने के लिए बहुत कुछ मिलने वाला नहीं है.

पीएसीएल के निवेशक परेशान, भंगू ने सम्मन फेंका कूड़ेदान में, एजेंसियां लाचार

पीएसीएल के हजारों करोड़ रुपये के फ्राड के पीड़ित धीरे धीरे सामने आ रहे हैं लेकिन पूरे तंत्र को भंगू ने इस तरह साध लिया है कि कहीं पीड़ितों की आवाज तक नहीं उठ रही है. सहारा उगाही मामले में सेबी और सुप्रीम कोर्ट ने भले तल्ख रुख दिखाकर सुब्रत राय को अंदर कर दिया लेकिन भंगू मामले में सारी मशीनरी असहाय दिख रही है. भारतीय सेना के रिटायर अधिकारी केएल शर्मा ने अपनी बिटिया की शादी के मकसद से पीएसीएल में अपनी सेविंग को इनवेस्ट कर दिया था. यह बात 2007 की है. बीते साल यह निवेश मेच्योर हो गया. उन्होंने कुल पौन तीन लाख रुपये लगाए थे. कंपनी ने मेच्योरिटी पर जो देने का वादा किया था, उसे तो छोड़िए, सेना के इस रिटायर अधिकारी को अपना मूल धन वापस नहीं मिल रहा. इस अधिकारी ने धन डबल होने के लालच में पैसा लगा दिया था.

पीएसीएल ने भारतीय तंत्र को दिखाया ठेंगा, पाबंदी के बावजूद जमकर उगाही जारी

चिटफंड कंपनी पीएसीएल को हजारों करोड़ रुपये का फ्रॉड करने के कारण भले ही सरकारी सिस्टम चौतरफा शिकंजे में लिए हो लेकिन इस कंपनी की सेहत पर कोई असर पड़ता दिख नहीं रहा है. कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू के अघोषित आदेश के कारण पीएसीएल का पैसा उगाही अभियान जोरों पर जारी है. एक ताजे आंतरिक सर्वे में पता चला है कि इस कंपनी ने बिहार, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत भारत के बहुत बड़े हिस्से में निवेशकों को बरगलाकर पैसे जमा कराने का काम जारी रखा हुआ है.

(राजस्थान का कोटा शहर. यहां चिटफंड कंपनी पीएसीएल का चमचमाता बड़ा सा आफिस बीच शहर में जोर शोर से चालू है. यहां हर रोज लाखों रुपये निवेशकों का जमा कराया जाता है. पीएसीएल के एजेंट स्थानीय लोगों को लंबे चौड़े सपने दिखाकर पैसे जमा कराते हैं और खुद भारी भरकम कमीशन खाते हैं. यह खेल पूरे देश में जारी है. हालांकि सेबी, सुप्रीम कोर्ट समेत कई एजेंसियों संस्थाओं ने इस कंपनी पर पाबंदी लगाकर निवेशकों से पैसे जमा कराने पर रोक लगा दी है और पहले जमा कराए गए पैसे लौटाने को कहा है. पर पीएसीएल के कर्ताधर्ता भारतीय तंत्र को धता बताकर अपना धंधा जारी रखे हुए हैं.)

PACL कंपनी दिवालिया, निवेशकों का धावा, मालिक भंगू फरार, सीबीआई टीमें कर रही तलाश

चिटफंड कंपनी पीएसीएल से एक बड़ी खबर आ रही है. इस कंपनी में पैसे लगाने वाले निवेशक इन दिनों बेचैन हैं. चर्चा आम है कि पीएसीएल कंपनी दिवालिया हो गई है. जो भी निवेशक परिपक्वता अवधि पूरे होने के बाद पैसे मांगने जाता है उसे कोई न कोई बहाना बनाकर बिना पैसे दिए लौटा दिया जाता है. इससे नाराज पीएसीएल के सैकड़ों निवेशकों ने पिछले दिनों पीएसीएल कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भूंग के गुड़गांव स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया.