मजीठिया वेतनमान : भास्कर और राजस्थान पत्रिका ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए झूठे जवाब

दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में देश भर के पत्रकारों के भविष्य से जुड़े मजीठिया वेज बोर्ड के मामले  महत्वपूर्ण सुनवाई की तिथि अब चार-पांच दिन दूर है। इसके साथ ही मीडिया मालिकों ने पेशबंदी तेज कर दी है। पत्रकारों का हक मारने के लिए वे कानूनी स्तर पर तरह तरह की कागजी फरेब में लगे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक गत दिनो सुप्रीम कोर्ट में दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका ने अपने झूठे जवाब दाखिल करते हुए अदालत को बताया है कि उन्होंने अप्रैल 2014 से अपने यहां मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू कर दी हैं। उन्होंने यह भी सफेद झूठ बयान किया है कि मजीठिया की धारा 20-जी के अनुसार उनके संस्थान के सभी मीडिया कर्मियों ने प्रबंधन को लिख कर दे दिया है कि वे पुराने वेतनमान से संतुष्ट हैं। इसके पीछे मंशा ये साबित करने की है कि जो मीडिया कर्मी कोर्ट नहीं गए हैं, उन्हें मजीठिया वेतनमान नहीं मिलेगा। बाकी कर्मचारियों का काम प्रबंधकीय प्रकृति का है, इसलिए वे मजीठिया वेतनमान के हकदार नहीं हैं।

भागलपुर में भास्कर की बुकिंग शुरू होते ही लुढ़के अखबारों के भाव

भागलपुर (बिहार) : यहां के प्रमुख समाचार पत्रों दैनिक जागरण, हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अखबारों की कीमत डेढ़ रूपये कम करते हुए अब ढाई रूपये कर दी है. रविवार का अंक तीन रूपये का होगा. दैनिक भास्कर की आहट ने तीनों अखबारों की निंद उड़ा दी है. दैनिक भास्कर की बुकिंग अठारह अप्रैल से शुरू कर दी गयी है. भास्कर निन्यानवे रूपये में एक साल तक के लिये पाठक बना रहा है. बुकिंग कराने पर कथित रूप से ढाई सौ रूपये के गिफ्ट के अलावा साढ़े सात सौ रूपये का विज्ञापन कूपन भी दिया जा रहा है. बुकिंग कराने वाले पाठकों को 75 रू प्रति माह अखबार शुल्क देना होगा. 

सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से नहीं बच पायेंगे भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा

दैनिक भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा भी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से नहीं बच पायेंगे। 

जेके ढेर बा उहे शेर बा : घटना के 72 घंटे बाद भी कांप रहा गांव छोड़ भागा परिवार

वाराणसी : भले ही लखनऊ में समाजवादी शासन फल-फूल रहा हो लेकिन भदोही के सवरपुर गांव में तो उसकी परछाई भी नहीं दिखती। यहां समाजवाद गरीब के दरवाजे पर नहीं पहुंचा, उलटे गरीब ही अपना घर-द्वार छोड़ भागता फिर रहा है। एक तरफ कैलाश गौड़ के दरवाजे पर बंद ताला, सूनी पड़ी झोपड़ी तो दूसरी तरफ प्रधान सभाजीत के बंद जुबान से एक कदम आगे मिश्रा बन्धुओं की बेबाक खुली जुबान खुद ब खुद बता रही है कि पंचायती राज व्यवस्था में सत्ता किसके नाम पर है, और उसे चला कौन रहा है। यहां प्रधान की हरकतें खुद ही बयान कर रही हैं कि वो महज एक रबर स्टंप से ज्यादा कुछ और नहीं है। प्रधान से कुछ पूछने पर जवाब मिश्रा बन्धु ही देते हैं।

भदोही के सवरपुर गांव के दबंगों से आतंकित परिवार वाराणसी की सड़कों पर दिन बिताते हुए

गुजरात हाईकोर्ट में भास्कर के खिलाफ सुनवाई टली, कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ही वकील ने ले ली अगली तारीख

गुजरात हाईकोर्ट में अपनी तारीख पर सुनवाई के लिए पहुंचे भास्कर के कर्मचारी उस समय हक्के-बक्के रह गए, जब उन्हें पता चला कि भास्कर के अधिवक्ता तो उनके आने से पहले ही चुपचाप कोर्ट से अगली तारीख लेकर लौट गए। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। अगली तारीख 9 जून 2015 निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि आगामी 28 अप्रैल को मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अखबार मालिकानों के खिलाफ सुनवाई है। अगली तारीख 9 जून निर्धारित कराने पर कर्मचारी इसे किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। 

यूपी में जंगलराज : दबंगों की मार और पुलिस की फटकार से गांव छोड़ शहर भागा पूरा परिवार

वाराणसी : उत्तर-प्रदेश सरकार के हर गरीब को न्याय की इससे बेहतर मिसाल क्या हो सकती है। पहले दंबगों की मार, फिर खाकी की फटकार से बेहाल परिवार जान बचाने के लिए गांव छोड़कर बनारस की सड़कों पर  मारा-मारा फिर रहा है। परिवार को डर है कि गांव लौटे तो परिवार में से किसी की जान भी जा सकती है।

दबंगों की मार और पुलिस की फटकार से डरे सहमे नंदलाल और उनका परिवार

भागलपुर में भास्कर और दैनिक जागरण में छिड़ा पोस्टर युद्ध

भागलपुर (बिहार) : हिंदी समाचार दैनिक भास्कर टीम ने गत दिनो यहां शहर के चर्चित मंदिर बूढ़ानाथ में पूजापाठ की। इसके साथ ही भास्कर बुकिंग भी शुरू हो गई। पहली बुकिंग बाबा बूढ़ानाथ की हुई। जैसे ही भास्कर ने दो पोस्टर लगाकर जंग तेज की, दैनिक जागरण ने भी जवाबी पोस्टर लगाकर एक बार फिर नंबर वन होने का पोस्टर से ही आलाप लिया। 

पत्रकारों का उत्पीड़न करने पर भास्कर जयपुर के सीओओ और एचआर हेड एक मई को तलब

जयपुर : पत्रकारों का उत्पीड़न करने पर दैनिक भास्कर के सीओओ संजय शर्मा और एच आर हेड वंदना सिन्हा को श्रम विभाग जयपुर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 1 मई को अपने यहां तलब किया है।

भास्कर ने शोलापुर से रांची तबादला किया तो हेमंत कोर्ट से स्टे ले आए

भास्कर समूह डीबी कार्प को उसके इंप्लाई हेमंत चौधरी ने तगड़ा सबक सिखाया है. मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले भास्कर के मीडियाकर्मी हेमंत चौधरी को प्रबंधन ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट उमेश शर्मा के माध्यम से मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर अवमानना याचिका लगाने वाले हेमंत चौधरी का पिछले दिनों भास्कर प्रबंधन ने शोलापुर से रांची तबादला कर दिया.

उत्तर प्रदेश के सात शहरों से लांच होगा दैनिक भास्कर, दीपक द्विवेदी समूह संपादक

उत्तर प्रदेश के अखबारों में कांटे की प्रतिस्पर्द्धा और विशाल क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए हिंदी दैनिक भास्कर पिछले कई वर्षों से अखाड़े में उतरने का साहस जुटा रहा था। कई तरह के कयास और शोशेबाजियों के लंबे सिलसिले के बाद अब उस पर विराम लगने की जानकारी मिली है। पता चला है कि निकट भविष्य में दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में एक साथ सात शहरों से लांच होने जा रहा है। प्रदेश के सभी संस्करणों की कमान संपादक के रूप में वरिष्ठ पत्रकार दीपक द्विवेदी को सौंपी गई है। वह भास्कर के सभी संस्करणों के संपादक के साथ अखबार के बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर भी होंगे। 

मजीठिया वेज बोर्ड : सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई, भविष्य की रणनीति और लड़ने का आखिरी मौका… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : सुप्रीम कोर्ट से अभी लौटा हूं. जीवन में पहली दफे सुप्रीम कोर्ट के अंदर जाने का मौका मिला. गेट पर वकील के मुहर लगा फार्म भरना पड़ा जिसमें अपना परिचय, केस नंबर आदि लिखने के बाद अपने फोटो आईडी की फोटोकापी को नत्थीकर रिसेप्शन पर दिया. वहां रिसेप्शन वाली लड़की ने मेरा फोटो खींचकर व कुछ बातें पूछ कर एक फोटो इंट्री पास बनाया. पास पर एक होलोग्राम चिपकाने के बाद मुझे दिया. जब तक कोर्ट नंबर आठ पहुंचता, केस की सुनवाई समाप्त होने को थी.

भास्कर जयपुर के संपादक की प्रताड़ना से तंग आकर इस्तीफा

जयपुर : दैनिक भास्कर जयपुर में 18 साल से कार्यरत मुख्य उपसंपादक रामबाबू सिंघल ने संपादक एल पी पंत की प्रताड़ना से तंग आकर अपना इस्तीफा एम डी सुधीर अग्रवाल को भेज दिया है। उन्होंने एम डी को भेजे अपने पत्र में कहा है कि एक पत्रकार के तौर पर कमर्ठता से सेवा दी है। पिछले कई दिनो से संपादक एल पी पंत उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।

लेबर कमिश्नर की सुनवाई में भास्कर प्रबंधन फिर गैरहाजिर

जयपुर : लेबर कमिश्नर के यहां 24 मार्च को सुनवाई के दौरान भास्कर प्रबंधन की ओर से लीगल ऑफिसर सुमित व्यास ही पेश हुए। उन्होंने लेबर कमिश्नर से जवाब के लिए अप्रैल तक का समय मांगा। इस पर लेबर कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देख़ते हुये अधिक समय देने से इनकार कर दिया।

कोटा भास्कर गंदी हरकत पर उतरा, मजीठिया मांग रहे कर्मियों पर दर्ज कराई चोरी की रिपोर्ट

कोटा (राजस्थान) : मजीठिया मामले पर समझौता वार्ता के लिए श्रम कार्यालय में उपस्थित आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ दैनिक भास्कर प्रबंधन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। एफआइआर से पहले श्रम कार्यालय में प्रबंधन पक्ष के वकील ने उनसे दुर्व्यवहार करते हुए उन पर चोरी के आरोप लगाए। इससे कर्मचारियों में रोष है, साथ ही अपने साथ उन्होंने किसी बड़ी अनहोनी का अंदेशा भी जताया है। 

भास्कर प्रबंधन बड़प्पन दिखाये ओर सभी पत्रकारों को काम पर वापस ले : संभागीय श्रम आयुक्त

जयपुर। दैनिक भास्कर प्रबंधन की प्रताड़ना झेल रहे वरिष्ठ  पत्रकार संजय कुमार सैनी समेत 23 पत्रकारों की ओर से दायर औधोगिक वाद के मामले की सुनवाई श्रम आयुक्त के यहां हुई। सुनवाई में सवेरे 11. 30 बजे से लेकर 12 30 बजे तक दैनिक भास्कर प्रबंधन की ओर से जब कोई नहीं आया तो समभागीय श्रम आयुक्त जी पी कुकरेती ने 24 मार्च की अगली तारीख तय कर दी। पत्रकारों की ओर से अनुरोध किया कि भास्कर प्रबंधन के प्रतिनिधि के नहीं आने पर सेक्शन 11 में अरेस्ट वारंट जारी कर कंपनी के अधिकारियों को तलब किया जाये।

भास्कर प्रबंधन का उत्पीड़न झेल रहे पत्रकारों की सुनवाई 27 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में

जयपुर। मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने लिए आंदोलन कर रहे दैनिक भास्कर जयपुर के वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सैनी व उनके साथियों की याचिका पर 27 मार्च को सुनवाई होगी। सैनी अपने साथियों के साथ भास्कर प्रबंधन का उत्पीड़न झेल रहे हैं। इस याचिका में उन्होंने भास्कर की ओर से की जा रही प्रताड़ना को बंद करने की भी गुहार लगाई है। प्रबंधन ने सैनी और उनके साथी सुधीर कुमार शर्मा को डेपुटेशन पर रांची भेजने का आदेश जारी कर रखा है। इसके खिलाफ सैनी ने श्रम आयुक्त के यहाँ भी औधोगिक वाद दायर किया हुआ है जिसकी सुनवाई 20 मार्च को है।

झालावाड़ ‘भास्कर’ झुका, सभी कर्मचारी काम पर लौटे

झालावाड़ (राजस्थान) : दैनिक भास्कर झालावाड़ के कर्मचारियों की गत 16 मार्च को झालावाड़ लेबर आफिस में समझौता वार्ता के दौरान अखबार के वकील ने मजीठिया को लेकर संघर्षरत कर्मचारियों को झूठा और कामचोर कहा। गाली की भाषा में वकील के आग बबूला होने पर लेबर इंस्पेक्टर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि – हमें पता है, आप लोगों की हकीकत क्या है। आप चुप रहें तो ही अच्छा होगा। अंतत: भास्कर प्रबंधन को सशर्त झुकना पड़ा। बताया गया है कि समझौते के बाद सभी कर्मचारियों ने काम करना शुरू कर दिया है।

भास्कर बोकारो में ब्यूरो चीफ की दबंगई, महिला कर्मी से अभद्रता, स्टॉफ में रोष

दैनिक भास्कर प्रबंधन ने बोकारो संस्करण (झारखंड) की कमान अशोक अकेला के हाथों में सौंप दी है, जिसके बाद से ही कार्यालय में उथल-पुथल मची हुई है। इस ब्यूरो चीफ की कारस्तानियों की वजह से एडिटोरियल और विज्ञापन विभाग में लोग सहमे हुए हैं। सबसे पहले भास्कर बोकारो के पहले ब्यूरो चीफ अभय मिश्र गौतम को हटाने के लिए एक या दो महीने पहले से ही प्रयास शुरू दिए थे और सफलता भी मिल गई। हटाते ही खुद के ब्यूरो चीफ बनने का रास्ता साफ हो गया।

भास्कर के रिपोर्टर की शासन से शिकायत

होशंगाबाद : भास्कर के एक रिपोर्टर की हरकतों से तंग आकर जिला चिकित्सालय हौशंगाबाद (मध्यप्रदेश) की नर्सों ने प्रदेश के प्रमुख सचिव से इंसाफ की गुहार लगाई है। सचिव ने आरोप का संज्ञान लेते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 

आरोपी रिपोर्टर अमित शर्मा

दैनिक भास्कर जयपुर में भी हड़ताल, मीडियाकर्मी आफिस से बाहर आए

एक बड़ी खबर जयपुर से आ रही है. कल शाम दर्जनों मीडियाकर्मी दैनिक भास्कर आफिस से बाहर आ गए. ये लोग मजीठिया वेज बोर्ड मांगने और सुप्रीम कोर्ट में मानहानि का मुकदमा करने के कारण प्रबंधन की रोज-रोज की प्रताड़ना से परेशान थे. कल जब फिर प्रबंधन के लोगों ने मीडियाकर्मियों को धमकाया और परेशान करना शुरू किया तो सभी ने एक साथ हड़ताल का ऐलान करके आफिस से बाहर निकल गए.

प्रबंधन के खिलाफ हिसार भास्कर यूनिट ने फूंका विद्रोह का बिगुल, मजीठिया के लिए सुप्रीम कोर्ट गए

मजीठिया वेज बोर्ड लागू कराने और अपना बकाया एरियर लेने के लिए दैनिक भास्कर की हरियाणा यूनिट भी एकत्र होनी शुरू हो गई है। इसकी पहल सबसे पहले हिसार यूनिट की ओर से की गई है। इसमें भिवानी ब्यूरो से प्रदीप महता, कुलदीप शर्मा, भूपेंद्र सिंह, राकेश भट्ठी, संजय वर्मा और सुखबीर ने सुप्रीम कोर्ट के वकील अक्षय वर्मा के माध्यम से भास्कर के मालिक रमेश चंद्र अग्रवाल से लेकर भिवानी के ब्यूरो प्रमुख अशोक कौशिक तक लीगल नोटिस भिजवा दिए हैं।

क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए?

(रजनीश रोहिल्ला)


Rajneesh Rohilla : सुधीर अग्रवाल जी आग से खेलोगे तो जल जाओगे। बहुत हो चुका। सहने की भी सीमा है। इतना अत्याचारी आपको किसने बनाया? इतने कठोर आप कब से हो गए? क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए? जिन लोगों ने आपके लिए रात दिन एक किये, आज वो आपके काम के क्यों नहीं रहे? सर मुझे बड़े दुःख के साथ आपको यह कहना पड़ रहा है कि आपके आस-पास मीडिया का तमगा लगाए पत्रकारों का एक ऐसा गिरोह घूम रहा है, जो आपको सचाइयों से बहुत दूर किये हुए है।

मजीठिया के लिए कोर्ट गए दिव्य मराठी के हेमकांत को भास्कर प्रबंधन प्रताड़ित कर रहा

औरंगाबाद दिव्य मराठी में कार्यरत हेमकांत चौधरी अपने हक के लिए गुजरात हाईकोर्ट गए हैं. वे मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी व एरियर न देने पर अखबार प्रबंधन के खिलाफ खुलकर लड़ रहे हैं. जैसे ही कंपनी को पता चला कि हेमकांत ने केस लगाया है, उत्पीड़न शुरू कर दिया गया. दिव्य मराठी अखबार दैनिक भास्कर समूह का मराठी दैनिक है. औरंगाबाद दिव्य मराठी से हेमकांत चौधरी द्वारा हाईकोर्ट जाने पर कोर्ट ने भास्कर मैनेजमेंट को नोटिस जारी कर दिया.

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : पत्रिका और भास्कर ने उत्पीड़न तेज किया, बर्खास्तगी और इस्तीफे का दौर

हिंदी पट्टी के दो बड़े अखबारों राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर से खबर है कि यहां मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी मांगने वालों का प्रबंधन ने उत्पीड़न तेज कर दिया है. भास्कर प्रबंधन तो बौखलाहट में ऐसे ऐसे कदम उठा रहा है जिसे देख सुनकर सभी लोग दांतो तले उंगलियां दबा रहे हैं. पत्रिका प्रबंधन ने मजीठिया मांगने वाले एक मीडियाकर्मी को बर्खास्त कर दिया है. उन्हें जो पत्र भेजा गया है उसमें लिखा गया है कि– ”आपको कंपनी के क्लाज 3 के अनुसार तीन महीने का एडवांस नोटिस व एडवांस वेतन देकर सेवा से मुक्त किया जाता है. आपकी सेवाओं की अब कंपनी को जरूरत नहीं है. आप 27 फरवरी से खुद को सेवा से मुक्त समझें.”

मजीठिया वेजबोर्ड संघर्ष : अपने ही जाल में फंसते जा रहे हैं भास्कर के साहेबान

हिसार : मजीठिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस करने वाले कर्मचारी अब भास्कर प्रबंधन के गले की फांस बनते जा रहे हैं। एक तरफ तो अधिकारियों को कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं वहीं आला अधिकारी डर के मारे लेबर कोर्ट में चल रही सुनाई में भी स्वयं न आकर अपने जूनियरों को भेज रहे हैं ताकि उनका दामन और गला दोनों सेफ रहे। सोमवार को हुई लेबर कोर्ट की सुनवाई में बाहर से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।

कोर्ट ने भास्कर प्रबंधन को लगाई लताड़, 17 तक मजीठिया वेज बोर्ड का हिसाब पेश करने को कहा

दैनिक भास्कर, होशंगाबाद के दर्जनों कर्मचारियों की याचिका पर बीते दिनों गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. ये याचिका मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी व एरियरर देने के लिए दायर की गई है. याचिका दायर होने के बाद भास्कर प्रबंधन लगातार अपने कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है पर कर्मी भी न्यायिक व कानूनी तरीके से डटकर लड़ाई लड़ रहे हैं और प्रबंधन के कागजों नोटिसों का जवाब उसी तरह मजबूत कागजी कानूनी कार्रवाई के जरिए दे रहे हैं.

दैनिक भास्कर रतलाम : मजीठिया के लिए केस लगाने वालों पर प्रबंधन की बर्बरता, एक कर्मचारी से इस्तीफा लिया

दैनिक भास्कर की अन्य यूनिटों की तरह ही रतलाम (मप्र) की यूनिट में भी मजीठिया को लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। इससे प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। बौखलाहट में प्रबंधन बर्बरता पर उतारू हो गया है। कार्यकारी संपादक ने तो मजीठिया के लिए केस लगाने वाले एक कर्मचारी से इस्तीफा ही ले लिया है। लेखा विभाग ने तो हद ही कर दी है, कर्मचारी के खिलाफ रिकवरी भी निकाल दी है। इस कार्रवाई ने आग में घी का काम किया है और कर्मचारियों ने प्रबंधन को ईंट का जवाब पत्थर से देने का मन बना लिया है।

भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री में बड़ा और नया प्रयोग करने जा रहे हैं दीपक शर्मा समेत दस बड़े पत्रकार

(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)


भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.

मजीठिया की आग दैनिक भास्कर रतलाम पहुंची, कर्मचारी हुए एकजुट

: यहां भी हो सकती है होशंगाबाद, कोटा, भीलवाड़ा, हिसार और नोएडा जैसी हड़ताल : मजीठिया की आग मध्य प्रदेश के रतलाम जिले तक भी पहुंच गई है। यहां भी दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका के सभी विभागों के कर्मचारी (पत्रकार और गैर पत्रकार) ने अलग-अलग माध्यमों से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में अखबारों के मालिकों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का केस दायर कर दिया है। अखबार प्रबंधनों को इसकी भनक भी लग गई है। उन्होंने समझाने, दबाने और प्रताड़ित करने की तैयारी भी कर ली है।

कोटा के बाद दैनिक भास्कर भीलवाड़ा में भी बगावत, प्रबंधन पीछे हटा

मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले कर्मियों को लगातार परेशान करने के कारण भास्कर ग्रुप में जगह-जगह विद्रोह शुरू हो गया है. अब तक प्रबंधन की मनमानी और शोषण चुपचाप सहने वाले कर्मियों ने आंखे दिखाना और प्रबंधन को औकात पर लाना शुरू कर दिया है. दैनिक भास्कर कोटा में कई कर्मियों को काम से रोके जाने के बाद लगभग चार दर्जन भास्कर कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए हड़ताल कर दिया और आफिस से बाहर निकल गए.

बाएं से दाएं : आंदोलनकारी मीडियाकर्मियों के साथ बात करते भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह, अजमेर के वरिष्ठ पत्रकार रजनीश रोहिल्ला और जर्नलिस्ट एसोसिएशन आफ राजस्थान (जार) के जिलाध्यक्ष हरि बल्लभ मेघवाल.