पेरूमल मुरगन प्रकरण : तुम्हारी आस्थाएं इतनी कमजोर और डरी हुई क्यों है धार्मिकों?

(भंवर मेघवंशी)


प्रसिद्ध तमिल लेखक पेरूमल मुरगन ने लेखन से सन्यास ले लिया है. वे अपनी किताब पर हुए अनावश्यक विवाद से इतने खफ़ा हो गए है कि उन्होंने ना केवल लेखनी छोड़ दी है बल्कि अपनी तमाम प्रकाशित पुस्तकों को वापस लेने की भी घोषणा कर दी है और उन्होंने प्रकाशकों से अनुरोध किया है कि भविष्य में उनकी कोई किताब प्रकाशित नहीं की जाये. पी मुरगन की विवादित पुस्तक ‘मधोरुबगन‘ वर्ष 2010 में कलाचुवंडू प्रकाशन से प्रकाशित हुई थी.