भड़ास पर ब्लड डोनेशन संबंधी अपील प्रकाशित होने के बाद खून देने वालों की लाइन लग गई

Shravan Shukla : ये है सोशल मीडिया की ताकत। Ashwani Shrotriya के पिता जी का ऑपरेशन होना था। 10 यूनिट ब्लड की जरूरत थी। मैंने कल रात Bhadas4media पर पढ़ा, और उसे अपनी वाल पर शेयर किया। भाई Vinay Kumar Bharti जी जुटे और अपने साथिय़ों Atul Gera Kanudeep Kaur Rohit Gupta B Positive Vandana Singh AB Positive समेत तमाम अन्य साथियों को इकट्ठा कर अस्पताल पहुंच गए। उनका साथ दिया भाई आशुतोष कुमार सिंह ने। और तमाम जरूरतें उन सबके इकट्ठा होते होते पूरी हो गईं।  यहां तक कि कुछ लोगों को बिना रक्तदान के ही लौटना पड़ा, क्योंकि जरूरतों को पूरा करने के लिए सारा जहां वहां पहुंचा था। कौन कहता है सोशल मीडिया बकवास चीज है? जो ये कहते हैं, वो जरा इधर भी नजर घुमाएं, इधर ही क्यों…. मेरे ये साथी तमाम लोगों की मदद किया करते हैं, जो कहीं भी मुसीबत में होता है। जय हो मित्रों, जय सोशल मीडिया। जिंदगी जिंदाबाद…

पाकिस्तान में भी चिरकुट और दोयम दर्जे के टीवी चैनल व पत्रकार हैं

आज सुबह-सुबह इंटरनेट पर एक लिंक मिला जिस पर लिखा था “Horrific Footage of Inside Army Public School“…यानी कि पाकिस्तान में बच्चों के कत्ल के बाद स्कूल के अंदर की तस्वीरें, उसका वीडियो. यह पढ़कर ही दिल दहल गया कि मीडिया को मिली उसकी अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग सिर्फ अपने यहां नहीं, वहां भी हो रहा है. पाकिस्तान में भी ऐसे चिरकुट और दोयम दर्जे के टीवी चैनल और पत्रकार हैं, जो खून के सौदागर हैं. मासूम बच्चों का लहू बेचने से उन्हें भी गुरेज नहीं. चूंकि अब मैं टीवी नहीं देखता, ना न्यूज चैनल और ना एंटरटेनमेंट चैनल, सो पता नहीं कि हमारे यहां मीडिया में इसकी कैसी कवरेज की गई..पाकिस्तानी चैनलों ने जब -मौत के इस तमाशे- को बेचना शुरू किया होगा, तो कितने हिन्दुस्तानी चैनलों ने -साभार- दिखाते हुए unedited footage जस के तस भारतीय दर्शकों को भी परोसे होंगे…