मुलायम अपनी आलोचना को कितना सहज लेते हैं, आप इस वाकये से तय कर लें

Chandan Srivastava : मुलायम सिंह यादव ने आईएफडब्लूजे द्वारा आयोजित एक सेमीनार में बोलते हुए कहा कि ”मीडिया ने उनके खिलाफ खबरें छापी पर उन्होंने इसे अपनी सहज आलोचना के रूप में ही लिया.” अब एक वाक्या सुनिये, 2007 के विधानसभा चुनावों का प्रचार चरम पर था. इसी दौरान मुलायम सिंह की एक सभा फैजाबाद के क्षत्रिय बोर्डिंग में आयोजित हुई. मुलायम सिंह की मंच के सामने बनी डी और सभा में मौजूद लोगों के बीच तैयार की गई एक गैलरी में तमाम चैनलों के मीडियाकर्मी मुलायम के भाषण को कवर कर रहे थे. यह वो समय था जब अमिताभ बच्चन द्वारा किए गए विज्ञापन ‘यूपी में है दम, जुर्म यहां है कम’ की जमकर आलोचना हो रही थी. उत्तर प्रदेश अपराधों से कराह रहा था और सरकार जुर्म के कम होने का दावा कर रही थी.

रामविलास शर्मा आर्य-अनार्य की बहस को साम्राज्यवाद का हथियार मानते थे

डॉ. रामविलास शर्मा (10 अक्टूबर 1912- 30 मई, 2000) हिंदी के महान समालोचक और चिंतक थे। 10 अक्टूबर, 1912 को जिला उन्नाव के ऊंचगांव सानी में जन्मे रामविलासजी ने 1934 में लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. और फिर 1938 में पी-एच.डी की। 1943 से 1971 तक आगरा के प्रसिद्ध बलवंत राजपूत कॉलेज में …