दैनिक भास्कर को घुटने टेकने पड़े, माफीनामा प्रकाशित किया

Mohammad Anas :   हजरात हजरात .. दैनिक भास्कर वालों ने आज दौसा मामलें में माफ़ी मांग ली. और इसी के साथ सांप्रदायिक, जातिवादी, कट्टरपंथी मीडिया घराने को टेकने पड़े घुटने. मैंने पहले ही दिन कहा था जनता इस लोकतंत्र में सबसे बड़ी होती है. करोड़ो/अरबों रुपये के भास्कर का नकली दंभ, अकड़ ढीली करने के लिए दौसा के एसपी योगेश यादव को बेहद शुक्रिया. योगेश जी से बात हुई थी मेरी, मैंने कहा था उनसे कि चढ़ कर रहिएगा, दबाव बनेगा लेकिन वो कोहरे की तरह हट जाएगा.

दैनिक भास्कर ने आग लगाने का पूरा इंतज़ाम किया, लेकिन दादरी इस देश का अपवाद है, दौसा मुख्यधारा है

Dilip C Mandal : भारत में पत्रकारिता, किसी अबोध बच्चे के, हाथों की, जूजी है। (कवि धूमिल से प्रेरित, संग्रह- संसद से सड़क तक) । दैनिक भास्कर ने 17 दिसंबर की डेटलाइन से एक फड़कती हुई, सनसनीख़ेज़ खबर छापी। राजस्थान के दौसा शहर में एक घर की छत पर पाकिस्तानी झंडा। पत्रकार ने इस बारे …

उन्माद फैलाने में भास्कर का रिपोर्टर गिरफ्तार, प्रबंधन को लगी मिर्ची, एसपी को दबाव में लेने की कोशिश

Mohammad Anas : इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि गैरज़िम्मेदार पत्रकारिता और भड़काऊ लेख पर भास्कर की गर्दन दबोची गई है। शर्म करो भास्कर। ब्रांड को तगड़ा झटका लगा है। एसपी योगेश यादव को दैनिक भास्कर कर रहा है ब्लैकमेल। अख़बार की ताक़त दिखाने की कोशिश। एसपी के खिलाफ ख़बर लिख कर दबाव …

भास्कर की झूठी खबर से दंगा होते-होते बचा, सोशल मीडिया पर कल्पेश याज्ञनिक की थू-थू

    Mohammad Anas : सेवा में,कल्पेश याग्निक,नेशनल एडिटर, दैनिक भास्कर श्रीमान, जैसा कि कुछ लोगों ने मुझे बताया कि आप दैनिक भास्कर नाम के हिंदी अखबार के नेशनल एडिटर भी हैं तो मुझे आश्चर्य हुआ कि आप एक साथ दो काम कैसे कर लेते हैं. पहला काम ये कि अपने अखबार के माध्यम से …

‘दैनिक भास्कर’ ने जिन्दा थानेदार को मार डाला!

हत्या बेलसर ओपी प्रभारी की हुई खबर छपी लालगंज थानाध्यक्ष की

अपने को देश का सबसे विश्वसनीय और नंबर-1 होने का दावा करने वाला ‘दैनिक भास्कर’ के पटना संस्करण ने पाठकों को अचंभित कर देने वाली एक खबर छापी है। 19 नवम्बर को प्रकाशित यह खबर भास्कर के पहले पन्ने पर सेकेंड लीड खबर है। बुधवार को वैशाली के लालगंज में उपद्रवियों के हमले में बेलसर के ओपी प्रभारी अजीत कुमार की हत्या कर दी गई थी पर ‘दैनिक भास्कर’ ने गुरुवार को अपने प्रकाशित खबर में जो हेडिंग ‘लालगंज के थानाध्यक्ष को उग्र भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।’

मोबाइल टावर्स लगाने का लालच और विज्ञापन के भूखे लालची अखबार… पढ़िए एक युवा ने क्यों कर लिया सुसाइड

Vinod Sirohi : जरूर शेयर करें —मोबाइल टावर्स लगाने का लालच और विज्ञापन के भूखे लालची अखबार — आप पर कोई बंदिश नहीं है आप इस मैसेज को बिना पढ़े डिलीट कर सकते हैं। अगर आप पढ़ना चाहें तो पूरा पढ़ें और पढ़ने के बाद 5 लोगों को जरूर भेजें।

मेरा नाम राहुल है। मैं हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना का रहने वाला हूँ। आप भी मेरी तरह इंसान हैं लेकिन आप में और मुझमें फर्क ये है कि आप जिन्दा हैं और मैंने 19 अगस्त, 2015 को रेल के नीचे कटकर आत्महत्या कर ली।

रिपोर्टर सर्वेश कुकरा ने दैनिक भास्कर के फरेबी मालिकों रमेश अग्रवाल और सुधीर अग्रवाल के खिलाफ दायर किया धोखाधड़ी का केस

: टारगेट पूरा करने के बावजूद विदेश भेजने का वादा पूरा न करने पर रिपोर्टर ने दायर किया केस, कोर्ट ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए, अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को : हरियाणा में हिसार जिले के हांसी शहर में दैनिक भास्कर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दायर किया गया है। इसमें दैनिक भास्कर के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, एमडी सुधीर अग्रवाल समेत कई लोगों को पार्टी बनाया गया है। दैनिक भास्कर के पूर्व रिपोर्टर सर्वेश कुकरा ने कोर्ट में दायर की गई शिकायत में कहा है कि दैनिक भास्कर ने उन्हें विज्ञापन का एक टारगेट पूरा करने के एवज में विदेश टूर का वायदा किया था।

दैनिक भास्कर ने भागलपुर के बाद गया से भी लांच किया एडिशन, अब मुजफ्फरपुर की बारी

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर बिहार के प्रमुख शहरों में विस्तार करो अभियान के तहत अब गया जिले से भी एडिशन लांच कर दिया है. इसके पहले भागलपुर से एडिशन शुरू किया था. दैनिक भास्कर का संचालन करने वाली कंपनी डीबी कॉर्प ने बिहार में अपने नेटवर्क का विस्तार का क्रम जारी रखा हुआ है. गया में दैनिक भास्कर का एडिशन लांच होने के बाद गया दैनिक भास्कर का 60वां एडिशन हो गया है.

अखबार मालिकों और लेबर अफसरों में फिर एका, दोनों मिल कर करा रहे 20J के कागजों पर साइन (देखें प्रमाण)

इस देश में बड़े लोग अपने हित में एक से एक फंडे निकालते रहते हैं और गरीब आदमी न्याय के लिए टुकुर टुकुर ताकता रह जाता है. मीडियाकर्मियों को बेहतर सेलरी और भत्ता देने के लिए बनाई गई सरकारी मजीठिया वेज बोर्ड के रिपोर्ट को लागू करने के केंद्र सरकार के कानूनी और सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक आदेश को धता बताने के लिए मीडिया मालिकों ने झूठ दर झूठ बोलने का काम शुरू कर दिया है. किस तरह पैसे बचा लिए जाएं और अपने कर्मियों को कम दाम में काम करने को मजबूर किया जाता रहे, इसके लिए रोजाना ये अखबार मालिक नए तरीके निकाल रहे हैं.

जानिए, कैसे ब्लैकमेल करते हैं ये दैनिक भास्कर वाले… (सुनें टेप) …रिपोर्टर ने संपादक के लिए प्राचार्य से मांगी LED

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के सीनियर रिपोर्टर अभिषेक श्रोती ने यूनिट के संपादक अतुल गुप्ता के लिए रिश्वत में 70 हज़ार रुपये की LED मांगी है. रिपोर्टर ने यह LED ज़िले के शासकीय स्कूल पिपरिया के प्राचार्य से आगे खबर नहीं छापने और अभी तक छापी गई खबर में प्राचार्य सरयाम के विरुद हुई कार्रवाई को कलेक्टेर व जिला शिक्षा अधिकारी से फाड़कर फिकवाने के लिये मांगी है. यह खुलासा प्राचार्य द्वारा की गयी रिकॉर्डिंग में सामने आया है. रिपोर्टर द्वारा रिश्वत मांगने के बाद प्राचार्य ने इस रिकॉर्डिंग को सार्वजानिक की है.

मेरा संपादक श्याम शर्मा और एचआर विकास विजयवर्गीय मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं : रणजीत सिंह राजपूत

आदरणीय यशवंत सिंह
संपादक
भड़ास4मीडिया

महोदय मैं रणजीत सिंह राजपूत, सब एडिटर, दैनिक भास्कर भीलवाड़ा में हूं. वर्तमान में मुझे यहां कार्यरत संपादक श्याम शर्मा एवं एचआर विकास विजयवर्गीय प्रताड़ित कर रहे हैं. मेरे खिलाफ तरह तरह की बातें और अफवाह फैला रहे हैं. ये दोनों यह लोगों को यह कह कर भ्रमित कर रहे है कि रणजीत सिंह राजपूत ने रिजाइन दे दिया है. ये लोग मुझे  इरादतन मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं ताकि मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ जाए या मैं उत्पीड़न से परेशान होकर नौकरी छोड़ दूं.

भास्कर ने शोलापुर से रांची तबादला किया तो हेमंत कोर्ट से स्टे ले आए

भास्कर समूह डीबी कार्प को उसके इंप्लाई हेमंत चौधरी ने तगड़ा सबक सिखाया है. मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले भास्कर के मीडियाकर्मी हेमंत चौधरी को प्रबंधन ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट उमेश शर्मा के माध्यम से मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर अवमानना याचिका लगाने वाले हेमंत चौधरी का पिछले दिनों भास्कर प्रबंधन ने शोलापुर से रांची तबादला कर दिया.

भास्कर के रिपोर्टर की शासन से शिकायत

होशंगाबाद : भास्कर के एक रिपोर्टर की हरकतों से तंग आकर जिला चिकित्सालय हौशंगाबाद (मध्यप्रदेश) की नर्सों ने प्रदेश के प्रमुख सचिव से इंसाफ की गुहार लगाई है। सचिव ने आरोप का संज्ञान लेते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 

आरोपी रिपोर्टर अमित शर्मा

क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए?

(रजनीश रोहिल्ला)


Rajneesh Rohilla : सुधीर अग्रवाल जी आग से खेलोगे तो जल जाओगे। बहुत हो चुका। सहने की भी सीमा है। इतना अत्याचारी आपको किसने बनाया? इतने कठोर आप कब से हो गए? क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए? जिन लोगों ने आपके लिए रात दिन एक किये, आज वो आपके काम के क्यों नहीं रहे? सर मुझे बड़े दुःख के साथ आपको यह कहना पड़ रहा है कि आपके आस-पास मीडिया का तमगा लगाए पत्रकारों का एक ऐसा गिरोह घूम रहा है, जो आपको सचाइयों से बहुत दूर किये हुए है।

मजीठिया के लिए कोर्ट गए दिव्य मराठी के हेमकांत को भास्कर प्रबंधन प्रताड़ित कर रहा

औरंगाबाद दिव्य मराठी में कार्यरत हेमकांत चौधरी अपने हक के लिए गुजरात हाईकोर्ट गए हैं. वे मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी व एरियर न देने पर अखबार प्रबंधन के खिलाफ खुलकर लड़ रहे हैं. जैसे ही कंपनी को पता चला कि हेमकांत ने केस लगाया है, उत्पीड़न शुरू कर दिया गया. दिव्य मराठी अखबार दैनिक भास्कर समूह का मराठी दैनिक है. औरंगाबाद दिव्य मराठी से हेमकांत चौधरी द्वारा हाईकोर्ट जाने पर कोर्ट ने भास्कर मैनेजमेंट को नोटिस जारी कर दिया.

मजीठिया वेजबोर्ड संघर्ष : अपने ही जाल में फंसते जा रहे हैं भास्कर के साहेबान

हिसार : मजीठिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस करने वाले कर्मचारी अब भास्कर प्रबंधन के गले की फांस बनते जा रहे हैं। एक तरफ तो अधिकारियों को कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं वहीं आला अधिकारी डर के मारे लेबर कोर्ट में चल रही सुनाई में भी स्वयं न आकर अपने जूनियरों को भेज रहे हैं ताकि उनका दामन और गला दोनों सेफ रहे। सोमवार को हुई लेबर कोर्ट की सुनवाई में बाहर से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।

कोर्ट ने भास्कर प्रबंधन को लगाई लताड़, 17 तक मजीठिया वेज बोर्ड का हिसाब पेश करने को कहा

दैनिक भास्कर, होशंगाबाद के दर्जनों कर्मचारियों की याचिका पर बीते दिनों गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. ये याचिका मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी व एरियरर देने के लिए दायर की गई है. याचिका दायर होने के बाद भास्कर प्रबंधन लगातार अपने कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है पर कर्मी भी न्यायिक व कानूनी तरीके से डटकर लड़ाई लड़ रहे हैं और प्रबंधन के कागजों नोटिसों का जवाब उसी तरह मजबूत कागजी कानूनी कार्रवाई के जरिए दे रहे हैं.

कोटा के बाद दैनिक भास्कर भीलवाड़ा में भी बगावत, प्रबंधन पीछे हटा

मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले कर्मियों को लगातार परेशान करने के कारण भास्कर ग्रुप में जगह-जगह विद्रोह शुरू हो गया है. अब तक प्रबंधन की मनमानी और शोषण चुपचाप सहने वाले कर्मियों ने आंखे दिखाना और प्रबंधन को औकात पर लाना शुरू कर दिया है. दैनिक भास्कर कोटा में कई कर्मियों को काम से रोके जाने के बाद लगभग चार दर्जन भास्कर कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए हड़ताल कर दिया और आफिस से बाहर निकल गए.

बाएं से दाएं : आंदोलनकारी मीडियाकर्मियों के साथ बात करते भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह, अजमेर के वरिष्ठ पत्रकार रजनीश रोहिल्ला और जर्नलिस्ट एसोसिएशन आफ राजस्थान (जार) के जिलाध्यक्ष हरि बल्लभ मेघवाल.

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के 25 कर्मचारी मजीठिया के लिए गए हाईकोर्ट, नोटिस जारी

दैनिक भास्कर से सबसे ज्यादा मीडियाकर्मी मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी एरियर पाने के लिए कोर्ट की शरण में गए हैं. ये संख्या हजारों में हो सकती है. ताजी सूचना होशंगाबाद यूनिट से है. यहां के करीब 25 मीडियाकर्मियों ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. जब इसकी खबर भास्कर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को मिली तो इन्होंने हाईकोर्ट जाने वालों कर्मियों को एक एक कर अलग अलग केबिन में बुलाया और धमकाना शुरू कर दिया. इन्हें नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी भी दी गई है. कर्मचारियों से कहा गया कि उन्हें सात दिन गैर-हाजिर दिखाकर नौकरी से टर्मिनेट कर दिया जाएगा.

दैनिक भास्कर प्रबंधन नीचता पर उतारू, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कर्मियों के खिलाफ थाने में झूठी शिकायत

दैनिक भास्कर कोटा में मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने पर प्रबंधन द्वारा किए जा रहे दमनात्मक कार्यवाहियों का सिलसिला थमा नहीं है. पांच छह कर्मियों को आफिस आने से मना करने के बाद अब इनके खिलाफ प्रिंटिंग मशीन खराब करने की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई है. इससे कर्मचारियों में रोष फैल गया. सभी आंदोलनकारी कर्मचारियों ने प्रबंधन की इस नीचता के खिलाफ एकजुट रहने और आखिरी दम तक लड़ने का संकल्प लिया है. इस बीच भास्कर प्रबंधन ने अपने सभी विभागों के राजस्थान हेड को कोटा भेज दिया है और संकट से निपटारे की कोशिश शुरू कराई है.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के साथ बैठक के बाद ग्रुप फोटो खिंचाते दैनिक भास्कर कोटा के हड़ताली मीडियाकर्मी.

सलाखों के भय से ‘चंडीगढ़ इंडियन एक्सप्रेस’ ने मजीठिया आधा-अधूरा लागू किया, …लेकिन भास्कर कर्मियों का क्या होगा?

सबके दुख-सुख, विपदा-विपत्ति, परेशानी-मुसीबत, संकट-कष्ट, मुश्किल-दिक्कत, आपत्ति-आफत आदि-इत्यादि को अपनी कलम-लेखनी, कंप्यूटर के की-बोर्ड से स्टोरी-आर्टिकल, समाचार-खबर की आकृति में ढाल कर अखबारों, समाचार पत्रों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की अनवरत मशक्कत-कसरत करने वाले मीडिया कर्मियों को अपने ही गुजारे के लिए मिलने वाली पगार अमृत समान हो गई है। हां जी, अमृत समान! मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियों को लेकर अखबारों के कर्मचारियों और मालिकान के बीच चल रही लड़ाई शायद इसी पौराणिक कथा का दूसरा, पर परिवर्तित रूप लगती है।

दैनिक भास्कर ने कुछ संस्करणों में ‘जेड प्लस’ फिल्म के लेखक रामकुमार सिंह का नाम रिव्यू से हटाया

Ajay Brahmatmaj : जयप्रकाश चौकसे के कॉलम ‘पर्दे के पीछे’ से दैनिक भास्‍कर के जयपुर समेत कुछ संस्‍करणों में फिल्म के लेखक Ramkumar Singh का नाम हटा दिया गया। पत्रकार बिरादरी की तुच्‍छता है यह। यह शर्मनाक और दुखद है। फिलहाल जयप्रकास चौकसे को पढ़ें और कल फिल्‍म देखने का फैसला करें। शेयर करें और दूसरों को पढ़ाएं।

मुंबई के वरिष्ठ फिल्म पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज के फेसबुक वॉल से.

बिहार विस चुनाव से पहले भास्कर का प्रकाशन गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर से करने की तैयारी

: बिहार में छा जाने की भास्कर की योजना : देखते-देखते सम्पूर्ण बिहार में छा जाना है। भास्कर इसी रणनीति के तहत काम कर रहा है। भास्कर ने बिहार-झारखंड में ‘हिन्दुस्तान‘ को चमकाने वाले वाइस प्रेसिडेट वाईसी अग्रवाल को अपने साथ क्या जोड़ा, पटना के सभी अखबारों में हड़कंप मचा हुआ है। ‘हिन्दुस्तान‘ की दुर्गति तो अपने आप हो रही है। कंटेंट खत्म और भराउ मैटर ज्यादा। यही है हिन्दुस्तान की दशा। बिहार में अगले साल नवंबर में विधान सभा का चुना होना है। भास्कर प्रबंधन की मंशा है कि इसके पूर्व ही गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर से इसका प्रकाशन प्रारंभ कर दिया जाये।

दैनिक भास्कर को औकात दिखाने वाले सीनियर रिपोर्टर रजनीश रोहिल्ला को आप भी सलाम करिए

रजनीश रोहिल्ला


9950954588. ये मोबाइल नंबर रजनीश रोहिल्ला का है. अजमेर में हैं. यहीं से प्रकाशित दैनिक भास्कर अखबार में सीनियर रिपोर्टर हैं. इन्होंने भास्कर प्रबंधन की आंख में आंख डालकर कहा- ”मजीठिया दो”. न मिलना था सो न मिला. उल्टे ट्रांसफर और प्रताड़ना का दौर शुरू. तब फिर रजनीश रोहिल्ला ने भास्कर प्रबंधन की आंख में आंख डालकर कहा- ”तुझे तेरी औकात दिखाउंगा”. ठान लिया तो पूरी कायनात रजनीश रोहिल्ला के लक्ष्य को पाने-दिलाने में जुट गई.

दैनिक भास्कर अजमेर ने छापी ईद की एक साल पुरानी फोटो

old photo

हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा अखबार होने का दावा करने वाला दैनिक भास्कर अब लगता हैं बासी व पुरानी फोटोज़ से ही अपनी गुजर बसर कर रहा हैं। भास्कर के कर्मचारियों के आलस्य का अनुमान आप इसी बात से लगा सकते हैं कि एक फोटो जो साल भर पहले भास्कर ने ही अपने अखबार में छापी थी उसे फिर से आज अखबार में छाप दिया गया। अगर कोई खड्ड़ा या कोई ऐसी समस्या की फोटो होती जो साल भर पूर्व भी ऐसी थी और अब भी वैसी हैं तो समझ आता हैं मगर फोटो तो थी ईद पर नमाज अदा कर रहे अकीदतमंदों की।