मजीठिया वेज बोर्ड से डरे दैनिक भास्कर ने पुराने कर्मियों से धड़ाधड़ इस्तीफा लेना शुरू किया

खुद को देश का नंबर वन कहने वाला अख़बार दैनिक भास्कर मजीठिया के डर से कर्मचारियों को धड़ाधड़ निकाल रहा है। उसका अपने कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति रद्दी भर भी नहीं है। कुछ समय पहले राजस्थान के कोटा कार्यालय पर ऑडिट टीम आई थी। उस ऑडिट की रिपोर्ट को आधार बनाकर पुराने कर्मचारियों को डरा धमका कर उनसे इस्तीफा लिया जा रहा है। मजीठिया वेज बोर्ड का डर हर मीडिया मालिक में दिख रहा है। हर प्रिंट मीडिया मालिक अपने पुराने कर्मचारियों को हटाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं, ताकि कम से कम कर्मचारियों को मजीठिया का लाभ देना पड़े। इसमें दैनिक भास्कर कहाँ पीछे रहने वाला था।

आंदोलनकारी भास्कर कर्मियों ने राज्यपाल कल्याण सिंह को ज्ञापन दिया

दैनिक भास्कर कोटा के पीड़ित कर्मचारी भास्कर प्रबंधन के खिलाफ एकजुट होकर दिनांक एक मार्च 2015 को दोपहर 1:30 बजे राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह से सर्किट हाउस कोटा में मिले और ज्ञापन दिया। ज्ञापन में विस्तार से बताया गया है कि दैनिक भास्कर किस तरह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा है और वर्षों से कार्यरत कर्मठ कर्मचारियों व उनके परिवार वालों के साथ अन्याय कर रहा है।