लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार बजरंग शरण तिवारी नहीं रहे

लखनऊ। आपातकाल में अहम भूमिका निभाने वाले वयोवृद्ध पत्रकार बजरंग शरण तिवारी का बुधवार को लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नाकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में देर शाम इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। वह अपने पीछे अपने दो पुत्र एडवोकेट कृष्ण कुमार तिवारी व वरिष्ठ पत्रकार प्रदुम्न तिवारी समेत भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार आज लखनऊ गोमती बैराज स्थित भैंसा कुंड श्मशान घाट पर किया गया।

पत्रकार कार समेत दलपतसागर में गिरा, मौत

जगदलपुर। कोंडागांव निवासी पत्रकार धीरेंद्र दत्ता(43) की कार कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दलपतसागर में रविवार देर रात कार असंतुलित होकर गिर गई। इससे कार चला रहे श्री दत्ता की मौके पर ही मौत हो गई। श्री दत्ता कोंडागांव में एक दैनिक के प्रतिनिधि थे। धीरेंद्र का विवाह धरमपुरा निवासी प्रशांत विश्वास के सुपुत्री दीपमाला से हुई थी। हाल में ही पहले ही उनकी पत्नी का प्रसव हुआ था। वह एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती हैं। श्री दत्ता बीते चार दिन से यहां आए हुए थे। रविवार रात वह शहर के किसी होटल भोजन करने गए थे।

रेहाना ! हमें माफ़ करना…

एक लड़की जो जीना चाहती थी… अरमानों के पंखों के साथ आसमान में उड़ना चाहती थी, लेकिन हवस के भूखे एक वहशी दरिन्दे ने उसकी जान ले ली. एक चहकती-मुस्कराती लड़की अब क़ब्र में सो रही होगी… उसकी रूह कितनी बेचैन होगी… सोचकर ही रूह कांप जाती है… लगता है उस क़ब्र में रेहाना जब्बारी नहीं हम ख़ुद दफ़न हैं…

रेहाना ! हमें माफ़ करना… हम तुम्हारे लिए सिर्फ़ दुआ ही कर सकते हैं…

वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम दुबे का निधन

पुराने कम्युनिस्ट, वरिष्ठ लेखक, पत्रकार, रेडियो प्रस्तोता, अनुवादक और विचारक राधेश्याम दुबे (91वर्ष) का देहान्त हो गया। दुबे जी की बेटी भारती मास्को से भारत आ गई हैं। मूल रूप से इटावा (उ.प्र.) के निवासी दुबेजी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम०ए० और एल०एल०बी० की पढाई की और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े।

रूसी मोदी बड़े फख्र से कहते थे- मैं फोरमैन से चेयरमैन बना हूं…

Sumant Bhattacharya : अशोक तोमर भाई का एसएमएस आया, खबर बुरी थी, लिखा था सुमंत, रूसी मोदी नहीं रहे। आज की पीढ़ी रूसी मोदी से वाकिफ ना होगी..टाटा के चेयरमैन रहे रूसी जमशेद टाटा के बाद इंडियन एअरलाइंस और एअर इंडिया के ज्वॉइंट चेअरमैन भी रहे हैं। रूसी से मेरी पहली औपचारिक मुलाकात तब हुई, जब वो टाटा के चेयरमैन थे और कोलकाता के टाटा बिल्डिंग में रूसी ने चिलिका में झींगा मछली प्रोजेक्ट पर बुलाई थी….। रूसी दुबारा मिले जब रतन टाटा और जेजे ईरानी की वजह से रूसी को टाटा छोड़ना पड़ा और रूसी खुल्ला कहते थे, मुझे टाटा से किक आउट किया गया।

रूसी मोदीरूसी मोदी

श्रद्धांजलि : न्यायमूर्ति मेरी प्यारी बहन शिप्रा… मौत के मामले में भी अव्वल रहकर मेरे साथ अन्याय कर गई

शिप्रा ने अचानक मुझे फोन किया- मैंने शंकराचार्य से दीक्षा ले ली है और उन्होंने कहा है तुम्हें इसी जन्म में मोक्ष मिल जाएगा. तुम्हारा अगला जन्म नहीं होगा. मैं सुनती रही और झिड़ककर कहा कि कि ऐसी ऊटपटांग बाते मुझे मत सुनाओ. पर  मन माना नहीं. दिन भर रोती रही. पता नहीं कैसी बातें करती है शिप्रा. मेरे पति  वरिष्ठ पत्रकार अनंत मित्तल ने समझाया कि तुमने उसका अगला जनम देखा है क्या, जो दुखी हुए जा रही हो. पर मन तो मन है. शिप्रा उन दिनों नरसिंहपुर की डीजे यानी डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज थी. मेरी सगी बहन. मुझसे सवा साल छोटी, लिहाजा जमकर लड़ते अ‍ैर दोस्ती ऐसी कि कभी बड़ी-छोटी का लिहाज नहीं, परदा नहीं.

आकाशवाणी, लखनऊ के महिला एनाउंसर का शव पंखे से लटकता मिला

लखनऊ से एक दुखद खबर आ रही है. आकाशवाणी में एनाउंसर के पद पर कार्यरत खुर्शीद अब्बास ने सुसाइड कर लिया है. वे इंदिरानगर के सेक्टर डी क्षेत्र में रहती थीं. उनका शव कल उनके कमरे से लटकता मिला. खुर्शीद कल सुबह अपनी बेटी हिबा को गोमतीनगर स्थित उसके स्कूल छोड़ने गई थीं. वापस आने के बाद उनका शव फंदे पर लटकता मिला.  खुर्शीद के भाई ने हत्या की आशंका जताई है. उधर, पुलिस का कहना है कि महिला मानसिक रूप से परेशान थीं, नींद की गोलियां खाया करती थीं, संभव है उन्होंने सुसाइड किया होगा. बाकी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी. 

यूट्यूब पर ‘संतोष आनंद’ टाइप किया तो वही एपिसोड फिर से आँखों को नम कर गया

याद है मुझे जब पहली बार ‘शोर’ फिल्म का गाना ‘एक प्यार का नगमा’ सुना था तो बरबस ही आँखों में आँसू आ गए थे। उसके बाद यह मेरे पसंदीदा गानों की सूची में आज भी मेरे मोबाइल में है। बुधवार की सुबह मथुरा से अपने न्यूज चैनल के माध्यम से पता चला कि कोसीकलां में एक दम्पति ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। कई अन्य ख़बरों की तरह ये भी आई गयी हो गयी। लेकिन जब थोड़ी देर बाद तस्वीर सामने आयी, तो उस ४ साल की बच्ची को देखकर बड़ा दुःख हुआ जो बच गयी थी, कितनी प्यारी है… बस यही शब्द निकले मेरे जेहन से, और कुछ देर बाद सामान्य हो गया।

वरिष्ठ पत्रकार अतहर अली अब्बासी का निधन

बुलंदशहर  : वरिष्ठ पत्रकार अतहर अली अब्बासी का बीमारी के बाद यहां निधन हो गया। वह 87 साल के थे। वह राष्ट्रीय सहारा उर्दू के दिल्ली संस्करण में काम करते थे। 1954 से पत्रकारिता कर रहे अब्बासी पूर्व में दिल्ली से प्रकाशित ‘दावत’ और ‘अलजमियत’ में भी काम कर चुके थे। वह 2012 में विधानसभा …

हमें विजय गुप्ता के सपनों और परिवार को संभालना है

विजय गुप्ता को पुरखों ने संभाल लिया है. अब हमें उसके सपनों और परिवार को संभालना है. इसी संकल्पबद्धता के साथ युवा फिल्ममेकर विजय गुप्ता की याद में आयोजित स्मृति जुटान संपन्न हुआ. सूचना एवं जन संपर्क विभाग, रांची के सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में फोटोग्राफी, फिल्म, कला-साहित्य और उसके परिवार से जुड़े कलाकार, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और संस्कृतिकर्मी शामिल हुए. इस अवसर पर प्रो. सुशील अंकन ने कहा कि विजय गुप्ता सेल्फलर्निंग प्रोसेस की मिसाल हैं जिन्होंने झारखंड के फोटोग्राफी और सिने कला को आगे ले जाने में महती भूमिका निभाई.

पत्रकार विजय कुमार वर्मा का निधन

समस्तीपुर। बिहार में समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड के नरघोघी गांव में पत्रकार विजय कुमार वर्मा का ह्वदय गति रूक जाने से निधन हो गया । वह 50 वर्ष के थे । वर्मा पटना, रांची और कोलकता से प्रकाशित एक हिन्दी दैनिक से जुड़े हुए थे। नरघोघी स्थित आवास पर ह्वदय गति रूक जाने से उनका निधन हो गया।

झारखंड के प्रतिभाशाली सिनेमेटोग्राफर और युवा फिल्ममेकर विजय गुप्ता का असामयिक निधन

झारखंड के प्रतिभाशाली सिनेमेटोग्राफर और युवा फिल्ममेकर विजय गुप्ता का असामयिक निधन हो गया है. विजय गुप्ता झारखंड के एक बेहतरीन फोटोग्राफर, कैमरामैन और फिल्ममेकर थे. झारखंडी कला-संस्कृति के फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण में उनका योगदान महती है. उन्होंने रांची दूरदर्शन पर प्रसारित ‘जोहार झारखंड’ के लिए बतौर कैमरामैन और एडिटर काम किया व सुप्रसिद्ध झारखंडी लोकगायक मधु मंसुरी हंसमुख के जीवन पर अशरफ हुसैन के साथ मिलकर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई. इस साल जनवरी में उनकी एक और डॉक्यूमेंट्री रिलीज हुई ‘टापरी स्कूल’. इसके अलावा मध्यप्रदेश के कोरकु आदिवासियों पर एक फिल्म निर्माणाधीन है.

अस्वस्थ होने के बाद भी पत्रकारिता फील्ड में सक्रिय रहते थे चचा राजकुमार गर्ग

मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार और उपजा के संस्थापक सदस्य राजकुमार गर्ग का  मंगलवार 14 अक्टूबर को निधन हो गया। वह लगभग 75 वर्ष के थे। गत काफी समय से अस्वस्थ थे तथा दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा था। अन्तिम संस्कार बुधवार को ब्रजघाट में गंगा तट पर किया गया। स्व. श्री गर्ग उप्र जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन में उपजा में विभिन्न पदों पर रहे। वह मेरठ के इकाई के भी कई बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।  उन्होंने मेरठ में समाचार भारती, अमर उजाला, डीएलए, मयराष्ट्र और प्रभात के साथ जुड़कर लगभग पांच दशक से अधिक पत्रकारिता की। वह अत्यन्त सक्रिय और जुझारु पत्रकार थे।

लखनऊ में उर्दू के वरिष्ठ पत्रकार नाफे किदवाई का निधन

लखनऊ, 15 अक्टूबर, 2014। उर्दू के वरिष्ठ पत्रकार श्री नाफे किदवाई के निधन पर उ0प्र0 जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन की लखनऊ इकाई लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने गहरा शोक व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना  व्यक्त की है।

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार गर्ग ने कैंसर जैसी बीमारी को अपने पर कभी हावी नहीं होने दिया

लखनऊ : उ0प्र0 जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के सस्थापक सदस्य व  मेरठ के  वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार गर्ग के निधन पर उपजा की लखनऊ इकाई लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने गहरा दुखः व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाए प्रकट की है और ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह दुःख की इस घड़ी में परिजनों को सांन्त्वना प्रदान करे। उपजा के प्रदेश अध्यक्ष रतन कुमार दीक्षित ने भी वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार गर्ग के निधन पर गहरा दुखः व्यक्त किया है।

मेरठ के पत्रकार राजकुमार गर्ग का निधन

मेरठ से एक दुखद खबर आ रही है कि वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार गर्ग का इंतकाल हो गया है. उन्हें लोग प्यार से ‘चचा’ कहा करते थे. सरल, सहज और हंसमुख स्वभाव के राजकुमार गर्ग पत्रकारीय मसलों को लेकर सक्रिय रहा करते थे. इन दिनों वह मेरठ से प्रकाशित अखबार प्रभात में कार्यरत थे.

सीओ की सरकारी गाड़ी से लगी टक्कर के कारण मौत हुई पत्रकार नीरज की!

बिहार के मधेपुरा से खबर है कि बीते आठ अक्टूबर को थाना क्षेत्र के हरैली गाव के निकट एनएच 106 पर सड़क हादसे में हिन्दी न्यूज चैनल के पत्रकार नीरज समेत दो युवकों की मौत मामले में परिजनों ने ठोकर मारने वाले वाहन के पहचान का दावा किया है। परिजनों की मानें तो उदाकिशुनगंज के सीओ के वाहन से ठोकर लगी थी। परिजनों ने थाना में आवेदन देकर वाहन के नंबर सहित पूरी जानकारी देते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है। आवेदन में जिस गाड़ी का उल्लेख किया गया है वह उदाकिशुनगंज के सीओ का बताया जा रहा है।

मनोज श्रीवास्तव के निधन की खबर अमर उजाला कानपुर ने एक लाइन नहीं छापी

Zafar Irshad : अफ़सोस–शर्मनाक–निंदनीय… जिन वरिष्ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्तव ने अपनी पूरी ज़िन्दगी अमर उजाला अखबार को समर्पित कर दी, और नौकरी पर जाते समय जान दे दी..उन मनोज के निधन के बारे में आज अमर उजाला कानपुर ने एक लाइन नहीं छापी, कितने शर्म की बात है… “सही कहते है कि पत्रकार अपने आप में एक खबर है, लेकिन वो दूसरों का दुःख-दर्द तो लिखता है, लेकिन उसकी अपनी दर्द भरी कहानी लिखने वाला कोई नहीं हैं “…

अमर उजाला ने मनोज श्रीवास्तव की मौत पर विस्तार से और सकारात्मक खबरें छापकर शानदार काम किया है

: संवाददाता के निधन की खबरें छापकर पत्रकारिता मे नए युग का सूत्रपात : उपजा की लखनऊ इकाई में आयोजित हुई शोकसभा : लखनऊ 9 अक्टूबर। वरिष्ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्तव को यू0पी0 जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के कार्यालय में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। वक्ताओं ने उन्हें खबरों पर पैनी नजर रखने वाला स्वाभिमानी किन्तु अहंकार रहित पत्रकार बताया। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला के विशेष संवाददाता स्वर्गीय मनोज श्रीवास्तव का 7अक्टूबर को दिल का दौरा पड़ने से वाराणसी में निधन हो गया था।

एबीपी न्यूज के मधेपुरा संवाददाता नीरज कुमार की सड़क हादसे में मौत

एबीपी के मधेपुरा संवाददाता नीरज कुमार की सड़क हादसे में हुई मौत पर पत्रकार जगत में शोक का माहौल है। मौत की खबर मिलते ही सभी पत्रकार अस्पताल और अन्त्यपरीक्षण कक्ष के सामने जुट गये। स्वभाव से शांत और सदा प्रसन्नचित रहने वाले नीरज समाचार संकलन में सदा आगे रहते थे। शोक व्यक्त करने वालों …

वरिष्ठ पत्रकार एम.वी. कामत का निधन

मुंबई से एक दुखद खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार एम.वी. कामत नहीं रहे. उनका गुरुवार सुबह अपने पैतृक स्थान कर्नाटक के मणिपाल में निधन हो गया. वह 94 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. उनके भतीजे जयराम कामत ने यहां बताया कि उन्होंने सुबह करीब 6.30 बजे अंतिम सांस ली.

मनोज श्रीवास्तव ने पत्रकारिता का रोब दिखाकर अपनी पत्नी का तबादला लखनऊ नहीं कराया, बल्कि वह स्वयं वाराणसी चले गये

लखनऊ । वरिष्ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्तव को आज यू.पी. प्रेस क्लब में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। वक्ताओं ने उन्हें उसूलों से समझौता न करने, खबरों पर पैनी नजर रखने और जल्द ही लोगों को दोस्त बना लेने वाला स्वाभिमानी पत्रकार बताया। अमर उजाला के विशेष संवाददाता स्वर्गीय मनोज श्रीवास्तव का परसों दिल का दौरा पड़ने से वाराणसी में निधन हो गया था। कल सुबह यहां बैकुण्ठ धाम पर उनके इष्ट मित्रों, राजनेताओं ओर पत्रकारों की भारी भीड़ के बीच अन्त्येष्टि की गयी।

मनोज श्रीवास्तव के व्यक्तित्व में एक आवारापन रहा… जगमगाती जागती सड़कों पे आवारा फिरने का आवारापन….

alok paradkar : हम नहीं हैं आदमी, हम झुनझुने हैं… मनोज श्रीवास्तव जी को पहले भी जब याद करता था, उनके द्वारा दोहरायी जाने वाली दुष्यन्त कुमार की पंक्ति ‘जिस तरह चाहो बजाओ इस सभा में, हम नहीं हैं आदमी, हम झुनझुने हैं’ की याद हो आती। पत्रकारों, खासकर अपने से जूनियर पत्रकारों, की आपसी भेंट-मुलाकातों में वे इसे अक्सर कहा करते थे और जब कभी नहीं कहते तो हम उन्हें इसकी याद दिला देते। फिर अपनी पीड़ा की इस अभिव्यक्ति पर हम सभी ठहाका लगाते। यह उस सामूहिक पीड़ा की अभिव्यक्ति थी जो किसी मीडिया संस्थान में प्रशिक्षु उपसम्पादक से लेकर विशेष संवाददाता तक की होती है। alokparadkar

( File Photo Alok Paradkar )

श्रद्धांजलि : यकीन नहीं हो रहा कि मनोज श्रीवास्तव हम लोगों के बीच में नहीं हैं

Yashwant Singh : जब मैंने लखनऊ से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की तो जिन कुछ पत्रकारों का सानिध्य, संग, स्नेह, मार्गदर्शन मिला उनमें से एक मनोज श्रीवास्तव जी भी हैं. पर इनके आज अचानक चले जाने की सूचना से मन धक से कर के रह गया. लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार साथियों ने मुझे फोन पर सुबकते हुए मनोज के निधन की सूचना दी. मनोज श्रीवास्तव शख्स ही ऐसे थे कि वे सभी के प्रिय थे. तभी तो वे लखनऊ की अच्छी खासी पत्रकारिता को त्यागकर बनारस रहने के लिए तबादला लेकर चले गए थे.

गाजीपुर जिले के युवा पत्रकार राजेश दुबे का निधन

गाजीपुर जिले के प्रतिभाशाली युवा पत्रकार राजेश दुबे का बुधवार को निधन हो गया। राजेश लंबे अर्से से इलेक्ट्रानिक मीडिया में बतौर संवाददाता काम कर रहे थे। उन्होंने सहारा न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत की थी। करीब पांच वर्षों तक सहारा न्यूज चैनल के लिए काम करने के साथ ही उन्होंने लाइव इंडिया, पी7 और एबीपी न्यूज के लिए भी पत्रकारिता की थी। कम समय में ही उन्होंने इलेक्ट्रानिक मीडिया के क्षेत्र खास मुकाम बनाया था। राजेश दो वर्षों तक गाजीपुर पत्रकार एसोसियेशन के अध्यक्ष भी रहे।

अमर उजाला, लखनऊ के पत्रकार मनोज श्रीवास्तव का हार्ट अटैक से निधन

एक दुखद खबर बनारस से आ रही है. अमर उजाला में कार्यरत पत्रकार मनोज श्रीवास्तव का हार्ट अटैक से निधन हो गया. मनोज अमर उजाला लखनऊ में लंबे समय से कार्यरत थे और कुछ माह पहले ही तबादला कराकर बनारस आए थे. मनोज की पत्नी बनारस में शिक्षिका हैं. सिगरा महमूरगंज में मनोज और उनकी पत्नी ने एक फ्लैट खरीदा और इसी में रह रहे थे. पत्नी पढ़ाने गई हुई थीं. मनोज की इकलौती संतान उनकी बिटिया झांसी से एमबीबीएस कर रही हैं. घर पर मनोज अकेले थे और अमर उजाला आफिस जाने के लिए तैयार होकर निकल रहे थे.

अस्‍पताल की मर्चुरी में 5581 का टैग लगा आपका शरीर

अपने हाथों अपने ही जीवन को समाप्‍त करने का ऐसा कोई दूसरा उदाहरण मैंने नहीं देखा, बावजूद इसके कि, आप खुद चाहते तो ऐसा नहीं होता, पर यह राह आपने ही चुनी थी… आपका अक्‍खड़पन टेढमिजाजी सब कुछ उतनी बुरी नहीं थी, बल्‍कि थी ही नही, और ना ही इससे जीवन समाप्‍त होता है… आपको शराब और नशे की गोलियां खा गई… और यह दोनों चीजें आपके लिए कतई जरूरी ना थी… आप वे शख्‍स, जिसकी दहाड़ से बड़े बड़े तुर्रम कांपते थे… आप इस मौत के काबिल नहीं थे जैसी मौत आपने चुनी… आप ठहर सकते थे, आप मान सकते थे, पर आप माने नहीं… घर कहीं पीछे छूट गया, कोई इर्द गिर्द ना रहा…

वरिष्ठ पत्रकार नईम शीरो के निधन पर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने गहरा दुःख व्यक्त किया

राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार नईम शीरो का निधन हो गया. नईम शीरो ने राजधानी रायपुर के विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों सहित प्रदेश के अन्य कई अखबारों को पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दी.  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है. नईम शीरो का परसों निधन हुआ. मुख्यमंत्री ने कल  जारी शोक संदेश में कहा कि नईम शीरो ने 40 वर्ष से भी अधिक समय तक एक सजग और सक्रिय पत्रकार के रूप में समाज को अपनी मूल्यवान सेवाएं दी.

बरेली में संपादक कंवलजीत सिंह का निधन, कानपुर में पत्रकार प्रदीप के पिता का दुर्घटना में निधन

बरेली से एक दुखद खबर है. जनमोर्चा अखबार के बरेली संस्करण के संपादक सरदार कंवलजीत सिंह का आज सुबह देहांत हो गया. कंवलजीत काफी समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन पर जिले के पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया है. उधर, कानपुर से खबर है कि अमर उजाला में कार्यरत पत्रकार प्रदीप अवस्थी के पिता राजकुमार अवस्थी का 65 साल की उम्र में एक मार्ग दुर्घटना में निधन हो गया.

कई किस्म की बीमारियों से जूझ रहीं युवा पत्रकार सोनाली राठौड़ का निधन

DrPraveen Tiwari : दुखद खबर. युवा पत्रकार सोनाली राठौड़ का निधन. वे इंदौर में नइदुनिया के साथ लंबे समय से जुड़ी हुई थी. विवाह पूर्व वे सोनाली श्रीवास्तव के नाम से विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लिखती रहीं. मेरे अजीज मित्र श्याम सिंह राठौड़ से उनका विवाह हुआ था. सोनाली मेरे परिवार का भी हिस्सा रहीं. उनका निधन पूरे परिवार के लिए गहरा आघात है. वे लीवर की किसी पुरानी बीमारी का शिकार थीं. मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी लगातार डॉक्टर्स के संपर्क में थे. कल रात उन्हें जो मैसेज अस्पताल से आया, उससे आप सोनाली के कष्ट और बीमारी को शायद समझ पाएंगे.