खेवली में मनाई गयी जाने-माने कवि सुदामा पांडेय उर्फ धूमिल की जयंती, पढ़िए उनकी जीवनगाथा और कुछ लोकप्रिय कविताएं

बनारस के जंसा क्षेत्र के खेवली गाँव में कल दिन भर बड़ी चहल पहल रही. बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि, लेखक और सामजिक कार्यकर्त्ता जुटे थे. मौका रहा इस गाँव में ही जन्म लिए समकालीन कविता के स्तम्भ जन कवि स्व. सुदामा पाण्डेय उर्फ धूमिल की जयंती का. स्व. सुदामा पांडेय अपनी कविताएँ “धूमिल” उपनाम से लिखते थे. मात्र 38 वर्ष की ही कुल अवस्था में उन्होंने अनेक काव्य संग्रहों की रचना की और साहित्य में अमर हो गए. धूमिल जी का जन्म खेवली में हुआ था. खेवली में सुबह से ही आस पास के गाँव के बच्चे उनके निवास पर एकत्र होने लग गये थे.