चर्चित युवा कवि डॉ. अजीत का पहला संग्रह ‘तुम उदास करते हो कवि’ छप कर आया, जरूर पढ़ें

डॉ. अजीत तोमर

किसी भी लिखने वाले के लिए सबसे मुश्किल होता है अपनी किसी चीज़ के बारे में लिखना क्योंकि एक समय के बाद लिखी हुई चीज़ अपनी नहीं रह जाती है. वह पाठकों के जीवन और स्मृतियों का हिस्सा बन जाती है. जिस दुनिया से मैं आता हूँ वहां कला, कल्पना और कविता की गुंजाईश हमेशा से थोड़ी कम रही है. मगर अस्तित्व का अपना एक विचित्र नियोजन होता है और जब आप खुद उस पर भरोसा करने लगते हैं तो वो आपको अक्सर चमत्कृत करता है. औपचारिक रूप से अपने जीवन के एक ऐसे ही चमत्कार को आज आपके साथ सांझा कर रहा हूँ.

एम्स के इस बड़े डाक्टर प्रदीप शर्मा को क्या कहिएगा जो संत राम रहीम के अनुयायी हैं!

आस्था के कारोबार में मैंने अच्छे पढ़े लिखे प्रबुद्ध लोगों को अटके हुए देखा है। कई साल पहले बड़े बेटे राहुल की आँख का एक ऑपरेशन होना था। राहुल को एम्स दिल्ली स्थित डॉ आर पी सेंटर फॉर ऑप्थोमलिक साइंस (नेत्रविज्ञान का देश का सबसे बड़ा सेंटर) में दिखाया था। वहां के न्यूरो ओफ्थोमोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर एंड हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट प्रो. प्रदीप शर्मा राहुल का उपचार कर रहे थे। प्रो. प्रदीप शर्मा ने ही राहुल की आँख का सफल ऑपरेशन किया था।