कभी-कभी पत्रकारिता की डिग्री में आग लगाकर इसे जलते देखने की तमन्ना होती है

अपने हाथों मीडिया लिख रहा अपना मृत्युलेख….. देश के प्रजातंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाने वाला पत्रकारिता आज खुद की साख पर सवाल खड़ा कर बैठा है. प्रलोभन और टीआरपी की भागदौड़ ने पत्रकारिता का उद्देश्य निरर्थक कर दिया है. आज पत्रकारिता का हाल कुछ यूँ हो गया है कि लोगों ने प्रजातंत्र के चौथा स्तंभ से कन्नी काटना शुरू कर दिया.

शादी के बाद दुल्हन ससुराल की बजाय एक्जाम सेंटर पहुंच गई, देखें वीडियो

आगरा में एक छात्रा बीती रात दुल्हन बनी और विदा होने से पहले यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र पहुंच गई. वह यूपी बोर्ड में 12वी की छात्रा है. बीती रात शादी हुयी. विदाई से पहले परीक्षा देने के लिए पहुंची.  मेहंदी लगे हाथों में कलम लिए दुल्हन प्रश्नों के उत्तर लिखती दिखी. पढ़ाई के प्रति लड़की के इस लगन की सभी तारीफ कर रहे हैं. दुल्हन बनी छात्रा की सहपाठी छात्राओं ने शादी की बधाई दी. साथ ही शिक्षा के प्रति उसकी लगन को भी सराहा.