हम नेता लोग एक होते हैं जी, दिल पर मत लेना जी

अब सब ठीक है जी. हम राजनीति करना सीख गए हैं जी. लड़ते भिड़ते हैं टीवी पर एफबी पर ट्विटर पर अखबार में लेकिन सिर्फ जनता को दिखाने रिझाने के लिए जी. बाकी तो जानते ही हैं जी कि हम नेता लोग एक होते हैं जी. दिल पर मत लेना जी. पार्टी शार्टी में तो बुलाना ही पड़ता है जी. योगेंद्र यादव प्रशांत भूषण को क्यों नहीं बुलाया जी?